भारत की संसद का उच्च सदन Rajya Sabha इन दिनों चुनाव प्रक्रिया के कारण चर्चा में है। कुल 37 सीटों के लिए चुनाव तय था, जिनमें से 26 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जबकि 11 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इन सीटों में Bihar की 5, Odisha की 4 और Haryana की 2 सीटें शामिल हैं।
नई दिल्ली: संसद के उच्च सदन Rajya Sabha में कुल 37 सीटें रिक्त हैं। इन 37 सीटों के लिए मतदान होना था, लेकिन इनमें से 26 सीटों पर पहले ही निर्विरोध उम्मीदवार चुने जा चुके हैं। बाकी 11 रिक्त सीटों के लिए सोमवार को मतदान हो रहा है। जिन राज्यों में ये सीटें रिक्त हैं, वहां की विधानसभा के सदस्य ही उम्मीदवारों के लिए वोट डालते हैं।
इन 11 सीटों में से पांच सीटें Bihar, चार सीटें Odisha और दो सीटें Haryana की हैं। आज ही इन सीटों के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी की जा रही है और शाम तक नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।
राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया क्या है
राज्यसभा के सदस्य Legislative Assembly यानी राज्य विधानसभा के निर्वाचित विधायक चुनते हैं। जिस राज्य से जितनी सीटें खाली होती हैं, उसी के अनुसार वहां के विधायक मतदान करते हैं। यह चुनाव प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन सिस्टम और सिंगल ट्रांसफरेबल वोट पद्धति से होता है। इसका मतलब है कि विधायक सिर्फ एक उम्मीदवार को वोट नहीं देते, बल्कि प्राथमिकता के क्रम में कई उम्मीदवारों के नाम लिखते हैं।
यदि किसी उम्मीदवार को पहली प्राथमिकता के पर्याप्त वोट मिल जाते हैं, तो वह सीधे जीत जाता है। अगर ऐसा नहीं होता, तो दूसरी प्राथमिकता के वोटों की गिनती की जाती है।

एक सीट जीतने के लिए कितने वोट जरूरी
राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए जरूरी वोटों की संख्या एक तय फार्मूले से निकाली जाती है। यह संख्या इस बात पर निर्भर करती है कि राज्य की विधानसभा में कुल कितने विधायक हैं और कितनी सीटों पर चुनाव हो रहा है। फॉर्मूला इस प्रकार होता है:
जरूरी वोट = (कुल विधायक ÷ (खाली सीटें + 1)) + 1
इस गणित को उदाहरण से समझते हैं।
मान लीजिए बिहार विधानसभा में कुल 243 विधायक हैं और 5 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है।
पहले सीटों की संख्या में 1 जोड़ते हैं → 5 + 1 = 6
अब कुल विधायक 243 को 6 से भाग देते हैं → 243 ÷ 6 = 40.5
इसके बाद इसमें 1 जोड़ते हैं → 41.5
इसका मतलब है कि किसी उम्मीदवार को जीतने के लिए कम से कम 41 वोट की जरूरत होगी। इसी कारण कई बार छोटी संख्या का अंतर भी जीत-हार तय कर देता है। राज्यसभा चुनाव में हर विधायक को बैलेट पेपर पर यह लिखना होता है कि उसकी पहली पसंद कौन है, दूसरी पसंद कौन है और तीसरी पसंद कौन है। अगर किसी उम्मीदवार को पहली पसंद के पर्याप्त वोट नहीं मिलते, तो कम वोट पाने वाले उम्मीदवार को बाहर कर दिया जाता है और उसके वोट दूसरी पसंद के अनुसार दूसरे उम्मीदवार को दे दिए जाते हैं।









