केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जीतेंद्र मिश्रा की राम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर नियुक्ति को लेकर सवाल उठाने पर विपक्ष पर निशाना साधा।
नई दिल्लीः अयोध्या स्थित राम मंदिर के प्रशासन में पूर्व वायुसेना अधिकारी एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जीतेंद्र मिश्रा की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में नियुक्ति को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। कांग्रेस की ओर से नियुक्ति पर सवाल उठाए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी दल पर तीखा पलटवार किया है।
शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नियुक्ति से जुड़े व्यक्ति की योग्यता और उपलब्धियों पर ध्यान देने के बजाय हर फैसले में विवाद तलाशती है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि पूर्व एयरफोर्स अधिकारी की नियुक्ति के बाद पार्टी ने तुरंत इस मुद्दे को राजनीतिक बहस का विषय बना दिया।
शिवराज चौहान का कांग्रेस पर हमला
केंद्रीय मंत्री ने अपनी फेसबुक पोस्ट में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर में पूर्व वायुसेना अधिकारी की नियुक्ति होते ही विपक्ष की आलोचना शुरू हो गई। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को मिश्रा की योग्यता, उनके काम और उपलब्धियां दिखाई नहीं दीं। चौहान ने विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया और कहा कि इस अभियान में मिश्रा की भूमिका की सफलता को भी विपक्ष ने स्वीकार नहीं किया। उनके मुताबिक, कांग्रेस का रवैया ऐसा है जिसमें नियुक्तियों में साजिश और फैसलों में राजनीति खोजी जाती है।
उन्होंने अपने बयान में कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी का नजरिया हर नियुक्ति और उपलब्धि को विवाद के चश्मे से देखने वाला है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से नियुक्ति पर उठाए गए सवालों को लेकर राजनीतिक बहस का केंद्र यह है कि मंदिर प्रशासन में इतने वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को CEO नियुक्त करने के पीछे चयन के मानदंड क्या रहे और उनकी प्रशासनिक भूमिका किस तरह तय की गई है।
तुलसीदास की चौपाई का भी किया उल्लेख
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शिवराज सिंह चौहान ने अपने बयान में गोस्वामी तुलसीदास की प्रसिद्ध चौपाई का हवाला देते हुए कांग्रेस पर वैचारिक टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपनी भावना के अनुरूप ही चीजों को देखता है। केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जताई कि भगवान राम कांग्रेस के नेताओं के मन में सकारात्मकता और प्रेम का भाव पैदा करें। इस तरह उन्होंने नियुक्ति से जुड़े राजनीतिक विवाद को धार्मिक और वैचारिक संदर्भ से भी जोड़ दिया।
राम मंदिर प्रशासन में CEO की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट से जुड़े स्तर पर भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली के महेश भागचंदका को ट्रस्ट का कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा अयोध्या के मदन मोहन पांडे और शिकोहाबाद की डॉ. निर्मला यादव सहित नए सदस्यों को ट्रस्ट में शामिल किया गया है। डॉ. निर्मला यादव को ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य बताया गया है। इन नियुक्तियों को मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
5,585 आवेदनों में से हुआ चयन
जीतेंद्र मिश्रा उन उम्मीदवारों में शामिल थे, जिन्हें राम मंदिर ट्रस्ट की चयन समिति ने CEO पद के लिए चुना। बताया गया है कि चयन प्रक्रिया के दौरान कुल 5,585 आवेदनों की समीक्षा की गई थी। मिश्रा भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें मंदिर प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके अनुभव को देखते हुए नियुक्ति को प्रशासनिक प्रबंधन और संस्थागत संचालन के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।










