Ram Mandir Donation Case: दान में कथित अनियमितताओं से चंपत राय के इस्तीफे तक, जानिए पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन

Ram Mandir Donation Case: दान में कथित अनियमितताओं से चंपत राय के इस्तीफे तक, जानिए पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित चोरी के आरोपों को लेकर चल रहे विवाद के बीच सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

Ram Mandir: अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा (Donation) अनियमितता मामले ने पिछले कुछ सप्ताह में देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस मामले में जांच, गिरफ्तारियों और प्रशासनिक फैसलों के बाद अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जाने से यह मामला एक नए चरण में पहुंच गया है।

ट्रस्ट ने बैठक के बाद मंदिर को प्राप्त दान, उसके उपयोग और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े आंकड़े भी सार्वजनिक किए। वहीं, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच जारी है और अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आइए जानते हैं कि इस पूरे विवाद की शुरुआत कैसे हुई और अब तक क्या-क्या घटनाक्रम सामने आए।

राम मंदिर को कितना मिला दान?

22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद देश और विदेश से श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में दान दिया। ट्रस्ट के अनुसार, निधि समर्पण अभियान और Corpus Donation के माध्यम से कुल 3,264 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इनमें से लगभग 2,370 करोड़ रुपये का उपयोग मंदिर निर्माण और अन्य पूंजीगत कार्यों (Capital Expenditure) पर किया गया।

इसके अलावा, मंदिर की स्थापना से लेकर 31 मार्च 2026 तक श्रद्धालुओं से लगभग 582 करोड़ रुपये का अतिरिक्त दान प्राप्त हुआ। ट्रस्ट के अनुसार, इसमें से 391 करोड़ रुपये परिचालन (Operational Expenses) पर खर्च किए गए, जबकि शेष राशि बैंक खातों में सुरक्षित रखी गई है। ट्रस्ट ने यह भी बताया कि मंदिर को प्राप्त सोने, चांदी और अन्य बहुमूल्य आभूषणों का अलग रिकॉर्ड रखा गया है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

जून 2026 में मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की शिकायत सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया। शिकायत के बाद जांच की मांग उठी और उत्तर प्रदेश सरकार ने ट्रस्ट के अनुरोध पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। जांच के दौरान दान की गिनती और उससे जुड़े कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल शुरू की गई।

बाद में जांच एजेंसियों ने कई संदिग्धों से पूछताछ की और पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में ट्रस्ट से जुड़े कुछ कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों के नाम भी सामने आए। हालांकि, जांच एजेंसियों ने यह स्पष्ट किया कि जांच जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।

ट्रस्ट बैठक में क्या हुआ?

हाल ही में हुई श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया। दोनों ने इससे पहले नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद छोड़ने की पेशकश की थी। ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं के खिलाफ उस समय कोई प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं थी और उन्हें जांच एजेंसियों द्वारा आरोपी घोषित नहीं किया गया था। इसके बावजूद निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उनके इस्तीफे स्वीकार किए गए।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद की पूरी टाइमलाइन

  • 12 जून 2026: मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की शिकायत सामने आई, जिसके बाद मामले की जांच की मांग तेज हुई।
  • 13 जून 2026: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। जांच में दान गिनने वाले कर्मचारियों और उनके नेटवर्क की जांच शुरू हुई।
  • 20 जून 2026 के आसपास: SIT ने लगभग 150 संदिग्धों की पहचान की और पूछताछ के दौरान नकदी तथा अन्य सामग्री बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई।
  • 25 जून 2026: पुलिस ने दान चोरी के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों के नाम भी चर्चा में आए।
  • 26 जून 2026: महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने इस्तीफे सौंप दिए, ताकि जांच प्रक्रिया पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े।
  • 27 से 30 जून 2026: जांच एजेंसियों ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के बयान दर्ज किए। इसी दौरान विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कहा कि दोनों जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं है।
  • 3 जुलाई 2026: ट्रस्ट की बैठक से पहले दोनों पदाधिकारियों से लिखित और मौखिक स्पष्टीकरण लेने की तैयारियों की खबरें सामने आईं।
  • 6 जुलाई 2026: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में दोनों के इस्तीफे औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिए गए। बैठक में ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव और नए महासचिव की नियुक्ति पर भी चर्चा की गई।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच अभी जारी है और संबंधित एजेंसियां वित्तीय रिकॉर्ड, दान प्रबंधन और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही हैं।

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