रामपुर की छात्राओं मेघा ठाकुर और जैनब ने युवा संसद में रखा विकसित भारत 2047 का विजन

रामपुर की छात्राएं मेघा ठाकुर और जैनब ने यूपी विधानसभा की युवा संसद में 2047 तक विकसित भारत के लिए शिक्षा, रोजगार और युवा शक्ति पर सुझाव दिए।

लखनऊ में 1 से 3 मई तक आयोजित विकसित भारत यूथ संसद में रामपुर की छात्राएं मेघा ठाकुर और जैनब ने हिस्सा लेकर 2047 तक देश को विकसित बनाने के लिए practical education, youth empowerment और रोजगार आधारित पढ़ाई पर अपने सुझाव दिए।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में आयोजित विकसित भारत यूथ संसद कार्यक्रम में रामपुर की मेघा ठाकुर और जैनब ने युवाओं की भूमिका, practical education और आत्मनिर्भरता को लेकर अपने विचार रखे। 1 से 3 मई तक चले इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से 300 से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। दोनों छात्राओं ने शिक्षा को रोजगार और स्किल से जोड़ने की जरूरत पर जोर देते हुए विकसित भारत 2047 के विजन को मजबूत बनाने की बात कही।

विधानसभा में युवाओं ने रखे नए भारत के सुझाव

उत्तर प्रदेश विधानसभा में आयोजित विकसित भारत यूथ संसद कार्यक्रम में रामपुर की मेघा ठाकुर और जैनब ने अपने विचारों से खास पहचान बनाई। तीन दिन तक चले इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से 300 से अधिक चयनित छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों को ज्यूरी के सामने अपने सुझाव रखने के लिए तीन मिनट का समय दिया गया।

मेघा ठाकुर राजकीय रजा डिग्री कॉलेज में एमए इतिहास प्रथम वर्ष की छात्रा हैं, जबकि जैनब इंपैक्ट डिग्री कॉलेज से बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। दोनों ने ‘केंद्रीय बजट 2026 : विकसित भारत 2047’ विषय पर युवाओं और रोजगार आधारित शिक्षा को केंद्र में रखकर अपने विचार रखे।

Practical Education और स्किल बेस्ड पढ़ाई पर जोर

अपने संबोधन में छात्राओं ने कहा कि आने वाले समय में केवल डिग्री नहीं, बल्कि practical skills भी जरूरी होंगी। उन्होंने सुझाव दिया कि इंटरमीडिएट के बाद युवाओं को ऐसी शिक्षा मिले, जिससे वे पढ़ाई के साथ कमाई भी कर सकें। उनका मानना था कि आर्थिक रूप से मजबूत युवा ही देश के विकास में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

दोनों छात्राओं ने स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना, ड्रोन टेक्नोलॉजी और लखपति दीदी जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की ऐसी पहलें युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर तैयार कर रही हैं। उन्होंने तकनीक और स्किल डेवलपमेंट को भविष्य की जरूरत बताया।

साधारण परिवारों से निकलकर विधानसभा तक पहुंचीं छात्राएं

मेघा ठाकुर एक सामान्य परिवार से आती हैं। उनके पिता ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। मेघा ने बताया कि विधानसभा में पहुंचकर अपने विचार रखना उनके लिए बड़ी उपलब्धि रही। उन्होंने इसे उन युवाओं के लिए प्रेरणा बताया जो सीमित संसाधनों के बावजूद आगे बढ़ना चाहते हैं।

मेघा भविष्य में शिक्षक बनना चाहती हैं, जबकि जैनब का सपना डॉक्टर बनने का है। दोनों छात्राओं की उपलब्धि के बाद जिले के युवाओं में भी उत्साह देखा जा रहा है और स्थानीय स्तर पर उनकी सराहना की जा रही है।

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