रांची में अटल स्मृति वेंडर्स मार्केट की 518 दुकानों का 18 जुलाई को ई-लॉटरी से होगा आवंटन

रांची नगर निगम 18 जुलाई को अटल स्मृति वेंडर्स मार्केट की 518 दुकानों का ई-लॉटरी से आवंटन करेगा। पात्र वेंडर दस्तावेजों सहित उपस्थित रहें।

रांची नगर निगम 18 जुलाई को अटल स्मृति वेंडर्स मार्केट की 518 दुकानों का पुनः आवंटन ई-लॉटरी के माध्यम से करेगा। पात्र वेंडरों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय पर उपस्थित होना होगा।

रांची: Atal Smriti Vendors Market की 518 दुकानों के पुनः आवंटन के लिए रांची नगर निगम ने ई-लॉटरी की तारीख घोषित कर दी है। यह प्रक्रिया 18 जुलाई को नगर निगम कार्यालय में आयोजित होगी। जिन वेंडरों को पहले दुकान या चबूतरा आवंटित नहीं हुआ था, उन्हें इस प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

18 जुलाई को होगी ई-लॉटरी

रांची नगर निगम ने अटल स्मृति वेंडर्स मार्केट की रिक्त दुकानों के पुनः आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निगम की ओर से जारी सूचना के अनुसार, 18 जुलाई को दोपहर 1 बजे नगर निगम कार्यालय में ई-लॉटरी के माध्यम से 518 स्टॉल और दुकानों का आवंटन किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूर्व में हुए सर्वेक्षण और निगम परिषद के निर्णय के आधार पर आयोजित की जा रही है।

इस ई-लॉटरी में उन वेंडरों को शामिल किया जाएगा जिन्हें अब तक दुकान या चबूतरा आवंटित नहीं हुआ है। इसके साथ ही लंबे समय से खाली पड़े स्टॉल भी पात्र आवेदकों को आवंटित किए जाएंगे।

15 जुलाई तक जमा करनी होगी बकाया राशि

नगर निगम ने पहले से दुकान या चबूतरा प्राप्त कर चुके वेंडरों को 15 जुलाई तक सभी बकाया किराया और अन्य देय राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा तक भुगतान नहीं करने पर संबंधित वेंडरों की आगे की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

इसके अलावा, ई-लॉटरी में भाग लेने वाले सभी पात्र वेंडरों को तय तिथि और समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहना होगा। पात्र वेंडरों की सूची नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई जाएगी, जहां से उसे देखा और डाउनलोड किया जा सकेगा।

शपथ पत्र देना होगा अनिवार्य

आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए नगर निगम ने शपथ पत्र जमा करना अनिवार्य किया है। इसमें वेंडरों को यह घोषित करना होगा कि उनके या उनके किसी रक्त संबंधी के नाम पहले से कोई दुकान आवंटित नहीं है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि आवंटित दुकान को किसी अन्य व्यक्ति को किराये पर नहीं देंगे और न ही किसी अन्य रूप में हस्तांतरित करेंगे।

नगर निगम ने साफ किया है कि यदि जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाया जाता है या शपथ पत्र में दी गई जानकारी गलत साबित होती है, तो संबंधित दुकान का आवंटन रद्द किया जा सकता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्र वेंडरों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दुकानें उपलब्ध कराना है।

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