राजस्थान के सिरोही के बृजेश परमार पढ़ाई में असफल होने के बाद डांसर बने और दिग्गज कलाकारों के साथ काम किया। कोविड के दौरान उन्होंने RAS की तैयारी शुरू की और लगातार दो बार परीक्षा पास कर अफसर बने।
RAS Success Story: राजस्थान के सिरोही के बृजेश परमार का सफर पढ़ाई में असफलता से शुरू होकर डांसिंग करियर और फिर प्रशासनिक सेवा तक पहुंचा। 12वीं और कॉलेज में फेल होने के बाद उन्होंने दिल्ली में प्रोफेशनल डांस की ट्रेनिंग ली और शक्ति मोहन व टेरेंस लुईस जैसे कलाकारों के साथ काम किया। कोविड के दौरान उन्होंने नई दिशा चुनी और RAS की तैयारी शुरू कर सफलता हासिल की।
12वीं में फेल होने के बाद बदली पढ़ाई की राह
राजस्थान के सिरोही से आने वाले बृजेश परमार का शुरुआती अकादमिक सफर आसान नहीं रहा। बचपन में पढ़ाई में अच्छे रहे बृजेश ने 11वीं के बाद दोस्तों की देखा-देखी साइंस स्ट्रीम चुन ली। जल्द ही उन्हें महसूस हुआ कि यह विषय उनकी रुचि और क्षमता के मुताबिक नहीं है। पढ़ाई में परेशानी बढ़ती गई और वह 12वीं की परीक्षा में फेल हो गए।

इसके बाद उन्होंने स्ट्रीम बदलकर दोबारा 12वीं की पढ़ाई पूरी की। हालांकि, इस दौरान पढ़ाई को लेकर उनका आत्मविश्वास काफी प्रभावित हो चुका था। बीए प्रोग्राम में दाखिला लेने के बाद भी उनका पढ़ाई में मन नहीं लगा। परीक्षा के दौरान वह कई बार केवल कुछ समय में उत्तर पुस्तिका जमा करके बाहर निकल जाते थे। इसका असर उनके परिणाम पर पड़ा और वह कॉलेज के पहले वर्ष में भी फेल हो गए।
बाद में उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा किया, लेकिन उनका मन पारंपरिक पढ़ाई और नौकरी की दिशा में नहीं था।
डांस को बनाया करियर, दिग्गज कलाकारों के साथ किया काम
बृजेश को बचपन से डांस करने का शौक था। जब उन्होंने अपने पिता के सामने डांसर बनने की इच्छा जाहिर की, तो परिवार की ओर से उन्हें अपने सपने को पूरा करने का मौका मिला। उनके पिता CISF में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर रहे हैं।
डांसिंग में करियर बनाने के लिए बृजेश दिल्ली पहुंचे। यहां उन्होंने प्रसिद्ध कोरियोग्राफर एशले लोबो की डांस कंपनी 'द डांसवर्क्स' के प्रोफेशनल डांस सर्टिफिकेशन कोर्स में दाखिला लिया।
उन्होंने कंटेम्परेरी, जैज, बैले और मॉडर्न डांस की ट्रेनिंग ली। इस दौरान उन्हें भारत के साथ-साथ अमेरिका, जर्मनी, इटली, मेक्सिको और इजराइल के इंटरनेशनल कोरियोग्राफर्स से सीखने का अवसर मिला।
उनकी मेहनत और डांसिंग स्किल के चलते उन्हें इंडस्ट्री में काम मिलने लगा। बृजेश ने शक्ति मोहन और टेरेंस लुईस जैसे चर्चित डांसर्स और कोरियोग्राफर्स के साथ बतौर बैकग्राउंड डांसर काम किया।
कोविड ने बदली जिंदगी की दिशा
डांसिंग करियर के दौरान कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन ने बृजेश की जिंदगी को एक बार फिर बदल दिया। काम बंद होने के बाद उन्हें दिल्ली से वापस अपने गांव लौटना पड़ा।
गांव लौटने के बाद जब लोग उनसे उनके काम के बारे में पूछते थे तो वह खुद को डांसर बताते थे। लेकिन कमाई को लेकर पूछे जाने वाले सवाल और लोगों की टिप्पणियों ने उन्हें परेशान किया। इस दौर ने उन्हें अपने भविष्य को नए सिरे से देखने के लिए मजबूर किया।
हालांकि, मुश्किल समय में उनके पिता ने उनका साथ बनाए रखा और उनका मनोबल बढ़ाते रहे। इसी दौरान बृजेश ने प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की।
RAS की तैयारी शुरू की और फिर किताबों से जुड़ गए
कोविड के दौरान बृजेश ने UPSC और RAS से जुड़े वीडियो और लेक्चर देखने शुरू किए। इसी दौरान उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर नई दिशा मिली। उन्होंने डॉ. विकास दिव्यकीर्ति के लेक्चर भी देखे।
इसके बाद उन्होंने RAS की तैयारी शुरू करने का फैसला किया। यह उनके लिए बिल्कुल नई शुरुआत थी। शुरुआती दौर में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन लगातार पढ़ाई और मॉक टेस्ट के जरिए उन्होंने अपनी तैयारी को मजबूत किया।
बाद में उन्होंने कोचिंग भी ली। कुछ ही समय में उनके प्रदर्शन में सुधार दिखाई देने लगा और टेस्ट में उनके अच्छे नंबर आने लगे। कोचिंग के शिक्षकों को भी उनकी तैयारी पर भरोसा होने लगा।
पहले 2023 में RAS पास, फिर 2024 में दोबारा सफलता
बृजेश की मेहनत का परिणाम 2023 में सामने आया। उन्होंने अपने पहले प्रयास में RAS परीक्षा पास की और सहकारिता विभाग में कोऑपरेटिव इंस्पेक्टर के पद पर चयनित हुए।
इसके बाद भी उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। उन्होंने यहीं रुकने के बजाय अगले स्तर की सफलता के लिए फिर परीक्षा दी और 2024 में दोबारा RAS परीक्षा पास की।
इस तरह पढ़ाई में असफलता, डांसिंग करियर, कोविड के कारण आया संकट और दोबारा पढ़ाई शुरू करने के बाद बृजेश परमार ने राजस्थान सिविल सेवा में अपनी जगह बनाई।
उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि शुरुआती असफलताएं किसी व्यक्ति के पूरे भविष्य को तय नहीं करतीं। सही दिशा, निरंतर मेहनत और मुश्किल परिस्थितियों से सीख लेकर आगे बढ़ने की कोशिश किसी भी मोड़ पर नई शुरुआत का रास्ता खोल सकती है।













