उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जहां प्रदेश में अपनी PDA रथयात्रा शुरू कर दी है, वहीं गोरखपुर से भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन ने उन पर निशाना साधा है। रवि किशन ने अखिलेश यादव की राजनीतिक स्थिति को लेकर ‘राजयोग’ का जिक्र करते हुए दावा किया कि उनकी कुंडली में आने वाले कई वर्षों तक राजयोग नहीं है। यह रवि किशन का राजनीतिक बयान है और इसे किसी स्वतंत्र ज्योतिषीय या चुनावी आकलन के रूप में नहीं देखा जा सकता।
रवि किशन ने दैनिक भास्कर से बातचीत में अखिलेश यादव की प्रस्तावित और अब शुरू हो चुकी रथयात्रा को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव रथ लेकर उत्तर प्रदेश में निकल रहे हैं और इसी बहाने वह योगी सरकार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को देख सकते हैं। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर, काशी में काशी विश्वनाथ और विंध्याचल कॉरिडोर का भी जिक्र करते हुए अखिलेश को इन स्थानों को देखने की बात कही।
रवि किशन के इस बयान की पृष्ठभूमि में उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां हैं। समाजवादी पार्टी ने चुनाव से काफी पहले संगठन और जनसंपर्क अभियान को सक्रिय करना शुरू कर दिया है। अखिलेश यादव ने 24 सितंबर को रायबरेली से PDA रथयात्रा की शुरुआत की। इस यात्रा को पार्टी की आगामी चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव की रथयात्रा का पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम रायबरेली में हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक अखिलेश यादव PDA रथ के जरिए रायबरेली पहुंचे और कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों के बीच अपनी राजनीतिक मुहिम को आगे बढ़ाया। रथयात्रा के दौरान उन्होंने पार्टी की PDA रणनीति और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संदेश दिया।
समाजवादी पार्टी की ओर से PDA का इस्तेमाल पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समूहों के संदर्भ में किया जाता रहा है। पार्टी 2027 के चुनाव से पहले इस सामाजिक गठजोड़ को संगठनात्मक और जनसंपर्क अभियान के माध्यम से मजबूत करने की कोशिश कर रही है। अखिलेश यादव की रथयात्रा भी इसी रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है।
रवि किशन ने अपने बयान में अखिलेश यादव के पुराने राजनीतिक कार्यकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मौका मिलने के बावजूद अखिलेश यादव ने वह काम नहीं किया जिसकी जनता उनसे उम्मीद कर रही थी। रवि किशन ने प्रदेश में विकास और कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार के पक्ष में अपनी बात रखी और विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाए।
राजयोग को लेकर रवि किशन की टिप्पणी राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर और पूर्वांचल के कई ज्योतिषियों और विद्वानों के मुताबिक अखिलेश यादव की कुंडली में अभी राजयोग वापस नहीं आया है और आने वाले कई वर्षों तक ऐसा नहीं दिख रहा। हालांकि किसी व्यक्ति के राजनीतिक भविष्य या चुनावी सफलता का निर्धारण ज्योतिषीय दावे से प्रमाणित तरीके से नहीं किया जा सकता।
अखिलेश यादव की ओर से इस बयान पर तत्काल प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं है। हालांकि अखिलेश पिछले कुछ दिनों से लगातार 2027 के चुनाव को लेकर सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और हर विधानसभा क्षेत्र में अतिरिक्त वोट जोड़ने की रणनीति पर जोर दिया है।
समाजवादी पार्टी ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य रखने की बात कही है। पार्टी अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को उन परिवारों तक पहुंचने का निर्देश दिया है जिनके साथ पार्टी के मुताबिक अन्याय या अत्याचार हुआ है। इसके साथ ही संगठन को बूथ स्तर पर सक्रिय करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
अखिलेश यादव की रथयात्रा को लेकर भी पार्टी ने व्यापक कार्यक्रम तैयार किया है। पहले सामने आई जानकारी के अनुसार प्रस्तावित यात्रा को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने और बड़ी संख्या में विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने की तैयारी की गई थी। अब रायबरेली से PDA रथयात्रा की शुरुआत के बाद इसकी राजनीतिक गतिविधियां जमीन पर दिखाई देने लगी हैं।
रायबरेली में रथयात्रा के दौरान अखिलेश यादव ने अपने अभियान के राजनीतिक संदेश को सामने रखा। उनके रथ पर ‘जो पीड़ित, वो PDA’ लिखा दिखाई दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। अखिलेश यादव ने रथ से समर्थकों का अभिवादन किया और स्थानीय कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया।
रथयात्रा के दौरान अखिलेश यादव के रथ के रंग को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी सामने आई। कुछ विपक्षी नेताओं ने रथ के भगवा रंग को लेकर सवाल उठाए, जबकि अखिलेश यादव ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि उनके रथ के रंग को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। इस मुद्दे पर भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयान और प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
रवि किशन ने इसी रथयात्रा को लेकर कहा कि अखिलेश यादव जब प्रदेश में घूम रहे हैं तो उन्हें उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों को भी देखना चाहिए। उन्होंने अयोध्या, काशी और विंध्याचल का उल्लेख किया। उनके बयान में भाजपा और योगी सरकार के विकास कार्यों को प्रमुखता से सामने रखा गया।
अयोध्या का राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और विंध्याचल कॉरिडोर पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रमुख मुद्दे रहे हैं। भाजपा इन परियोजनाओं को अपने विकास और धार्मिक-सांस्कृतिक एजेंडे के हिस्से के तौर पर प्रस्तुत करती रही है, जबकि विपक्षी दल अलग-अलग मुद्दों पर सरकार की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं। इस राजनीतिक संदर्भ में रवि किशन का बयान सामने आया है।
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा की ओर से संगठनात्मक स्तर पर बैठकें और प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में नेताओं के दौरे जारी हैं। वहीं सपा ने बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और PDA रणनीति को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है।
हाल के दिनों में अखिलेश यादव ने भी भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने रोजगार, निवेश, पेपर लीक, कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं को लेकर सरकार पर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर भाजपा नेता इन आरोपों का जवाब देते हुए सरकार के विकास कार्यों और प्रशासनिक उपलब्धियों को सामने रख रहे हैं।
रवि किशन और अखिलेश यादव के बीच राजनीतिक बयानबाजी नई नहीं है। दोनों नेता अलग-अलग मौकों पर एक-दूसरे की राजनीतिक नीतियों और दावों पर प्रतिक्रिया देते रहे हैं। इस बार भी रवि किशन ने अखिलेश की रथयात्रा और 2027 की तैयारियों को लेकर टिप्पणी की है। हालांकि चुनाव का वास्तविक परिणाम मतदाताओं के मतदान और आधिकारिक चुनाव परिणाम से ही तय होगा।
अखिलेश यादव के लिए रथयात्रा चुनाव से पहले जनता और कार्यकर्ताओं के बीच पहुंच बनाने का एक माध्यम है। रायबरेली से इसकी शुरुआत के बाद सपा कार्यकर्ताओं में भी सक्रियता बढ़ी है। पार्टी की कोशिश संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच संपर्क बढ़ाने की है।
रवि किशन ने अपने बयान में अखिलेश यादव को लेकर भले ही राजयोग की बात कही हो, लेकिन राजनीतिक भविष्य को लेकर इस तरह के दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। चुनावी राजनीति में किसी नेता की स्थिति का आकलन उसके संगठन, उम्मीदवारों, मुद्दों, मतदाताओं के रुझान और चुनाव परिणाम जैसे कई कारकों से जुड़ा होता है। इसलिए रवि किशन की टिप्पणी को उनके राजनीतिक दृष्टिकोण और बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
फिलहाल उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरुआती दौर में हैं। अखिलेश यादव ने रथयात्रा के जरिए अपना अभियान शुरू कर दिया है और भाजपा की ओर से भी संगठनात्मक गतिविधियां जारी हैं। आने वाले महीनों में दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
रवि किशन का कहना है कि अखिलेश यादव को रथयात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के विकास कार्यों को देखना चाहिए। वहीं अखिलेश यादव अपनी PDA यात्रा के जरिए जनता के बीच पहुंचने और 2027 के चुनाव के लिए संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। दोनों नेताओं के इन बयानों और अभियानों के बीच प्रदेश की चुनावी राजनीति लगातार सक्रिय होती जा रही है।
फिलहाल ‘राजयोग’ को लेकर रवि किशन का दावा राजनीतिक बयान है, जबकि अखिलेश यादव की PDA रथयात्रा एक वास्तविक राजनीतिक अभियान के रूप में शुरू हो चुकी है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि अलग-अलग दल अपने संगठन, मुद्दों और उम्मीदवारों के जरिए मतदाताओं के सामने किस तरह अपनी बात रखते हैं। चुनावी परिणाम का फैसला मतदान के बाद ही होगा।












