रायगढ़ स्थित मंगल कार्बन प्लांट हादसे में झुलसी 9 माह की मासूम बच्ची ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में घायल कई मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। परिजनों ने प्लांट प्रबंधन पर एफआईआर वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
Chhattisgarh: रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र में स्थित मंगल कार्बन प्लांट में हुए भीषण हादसे ने एक मासूम की जान ले ली। इस दुर्घटना में गंभीर रूप से झुलसी 9 महीने की बच्ची भूमि खड़िया ने रायपुर के निजी बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बच्ची की हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी।
मासूम का शव रायपुर लाया गया है, जहां आज पोस्टमार्टम किया जाएगा। बच्ची की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
फर्नेस खोलते ही हुआ धमाका
यह हादसा 5 फरवरी को खरसिया थाना क्षेत्र के बानीपाथर स्थित मंगल कार्बन प्लांट में हुआ था। काम के दौरान जैसे ही फर्नेस को खोला गया, अंदर से आग और तेज दबाव बाहर निकल आया। आग की चपेट में पास में काम कर रहे 8 मजदूर आ गए। बताया जा रहा है कि फर्नेस को पूरी तरह ठंडा किए बिना ही खोला गया था।
साथ ही मजदूरों को सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए गए थे। इसी लापरवाही के चलते यह बड़ा हादसा हुआ। इस प्लांट में पुराने टायर पिघलाकर काला तेल निकाला जाता है, जिसका इस्तेमाल सड़क निर्माण में होता है।
एक ही परिवार के चार लोग झुलसे

हादसे में सबसे ज्यादा असर एक ही परिवार पर पड़ा। साहेब लाल खड़िया (46) और उनके बेटे शिव खड़िया (27) दोनों 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस गए। शिव की पत्नी उदासिनी खड़िया (25) करीब 30 से 40 प्रतिशत झुलसी हैं। इसी परिवार की 9 माह की बच्ची भूमि खड़िया भी 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस गई थी, जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि मां बच्ची को अपने साथ प्लांट ले जाती थी।
इसके अलावा अन्य घायल मजदूरों में कौशल पटेल (70–80%), इंदीवर (80–90%) और प्रिया सारथी (70–80%) शामिल हैं। सभी की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। सभी का इलाज रायपुर में चल रहा है।
FIR वापस लेने का आरोप
हादसे के बाद पीड़ित परिवारों की शिकायत पर खरसिया पुलिस ने प्लांट प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अब परिजनों का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन की ओर से लगातार FIR वापस लेने और बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है।
परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मृत बच्ची के परिवार को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए। सभी घायलों के इलाज का पूरा खर्च प्लांट प्रबंधन वहन करे। साथ ही दबाव बनाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी।








