बालाघाट में अज्ञात वाहन की टक्कर से मजदूर की मौत, इलाज के दौरान तोड़ा दम

बालाघाट के चांगोटोला गांव में अज्ञात वाहन की टक्कर से मजदूर ताराचंद जावरे की मौत हो गई। साइकिल ठीक करते समय हादसा हुआ, पुलिस जांच जारी।

बालाघाट के चांगोटोला निवासी मजदूर ताराचंद जावरे की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। साइकिल ठीक करते समय हादसा हुआ था। इलाज के दौरान जिला अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Madhya Pradesh: बालाघाट जिले के चांगोटोला गांव में रहने वाले मजदूर ताराचंद जावरे की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह हादसा सोमवार शाम उस समय हुआ, जब वे रोज़ की तरह काम खत्म कर घर लौट रहे थे। ताराचंद जावरे उम्र करीब 48 वर्ष थी और वे मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिजनों के अनुसार, ताराचंद सोमवार शाम साइकिल से पचपेढ़ी की ओर किसी जरूरी काम से गए थे।

काम निपटाने के बाद जब वे वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में उनकी साइकिल की चेन उतर गई। उन्होंने सड़क किनारे साइकिल खड़ी की और चेन ठीक करने लगे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि ताराचंद सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया।

गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया

हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल ताराचंद को देखा और मदद के लिए आगे आए। स्थानीय लोगों की सहायता से उन्हें तुरंत लामता अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल बालाघाट रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सिर और शरीर में गंभीर चोटों के कारण उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। मंगलवार देर रात करीब 3 बजे इलाज के दौरान ताराचंद जावरे ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिजन और गांव के लोग अस्पताल पहुंच गए।

पुलिस कार्रवाई 

जिला अस्पताल में मौत की सूचना मिलने के बाद अस्पताल चौकी पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया। पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। अस्पताल चौकी पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच चांगोटोला थाना पुलिस द्वारा की जाएगी। पुलिस अब अज्ञात वाहन और फरार चालक की तलाश कर रही है। 

घटनास्थल के आसपास के रास्तों और संभावित सीसीटीवी कैमरों की जानकारी भी जुटाई जा रही है, ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके। ताराचंद जावरे अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर की आर्थिक जिम्मेदारी अब परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता बन गई है। गांव में भी ताराचंद की मौत से शोक का माहौल है। 

ग्रामीणों का कहना है कि वे मेहनती और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि फरार वाहन चालक को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।

Leave a comment