Reflect10 की नई Solar Technology से कम धूप और खराब मौसम में भी बढ़ेगा बिजली उत्पादन

Reflect10 की नई Solar Technology कम धूप और खराब मौसम में भी सोलर पैनलों से अधिक बिजली उत्पादन का दावा करती है।

कनाडा की स्टार्टअप Reflect10 ने ऐसी नई सोलर तकनीक विकसित की है, जो सूरज की रोशनी को अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग कर कम धूप और बादलों वाले मौसम में भी बिजली उत्पादन बढ़ाने का दावा करती है।

Tech: Reflect10 New Solar Technology सोलर एनर्जी सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकती है। कनाडा की इस स्टार्टअप ने ऐसी तकनीक विकसित की है, जो सोलर पैनल की क्षमता बढ़ाए बिना रोशनी का बेहतर उपयोग कर बिजली उत्पादन बढ़ाने का दावा करती है। कंपनी के अनुसार यह तकनीक सुबह, शाम और खराब मौसम में भी सोलर पैनलों की कार्यक्षमता को बेहतर बना सकती है।

Reflect10 ने कैसे बढ़ाई सोलर पैनल की क्षमता?

कनाडा की स्टार्टअप Reflect10 ने सोलर पैनल के अंदर एक विशेष ऑप्टिकल डिजाइन तैयार किया है। सामान्य सोलर पैनल सूर्य की रोशनी को एक बार में अवशोषित करते हैं, लेकिन Reflect10 की तकनीक रोशनी को पैनल के भीतर कई बार परावर्तित (Reflect) करती है। इससे प्रकाश के कण सोलर सेल से बार-बार टकराते हैं और अधिक ऊर्जा उत्पन्न करने में मदद मिलती है।

कंपनी का कहना है कि इस तकनीक के लिए अतिरिक्त मोटर, मोटा ग्लास या किसी बड़े हार्डवेयर की जरूरत नहीं पड़ती। इसलिए इसे अपनाने से पैनल की लागत में भी उल्लेखनीय वृद्धि नहीं होती।

कम धूप और खराब मौसम में भी बेहतर प्रदर्शन

Reflect10 के अनुसार इसकी तकनीक सुबह और शाम के समय, जब सूर्य की किरणें तिरछी होती हैं, तब भी प्रभावी ढंग से काम करती है। बादलों वाले मौसम में भी यह पारंपरिक सोलर पैनलों की तुलना में अधिक रोशनी को उपयोग में लाकर बिजली उत्पादन बढ़ाने में सक्षम हो सकती है।

कंपनी का दावा है कि सामान्य परिस्थितियों में यह तकनीक औसतन लगभग 20 प्रतिशत अधिक बिजली उत्पादन कर सकती है। वहीं कम रोशनी वाले समय में बिजली उत्पादन 2.66 गुना तक बढ़ सकता है। शुरुआती परीक्षणों में बिजली उत्पादन क्षमता में 11 प्रतिशत से 57 प्रतिशत तक सुधार दर्ज किए जाने का भी दावा किया गया है।

500 वॉट के पैनल को मिलेगा अधिक आउटपुट

आमतौर पर 500 वॉट का सोलर पैनल सुबह, शाम या खराब मौसम में अपनी पूरी क्षमता से बिजली नहीं बना पाता। Reflect10 की तकनीक सोलर सेल की मूल क्षमता बढ़ाने के बजाय उस तक अधिक रोशनी पहुंचाने पर काम करती है। इससे पैनल लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन कर सकता है और पूरे दिन अपेक्षाकृत अधिक ऊर्जा उत्पादन संभव हो सकता है।

यही वजह है कि यह तकनीक उन क्षेत्रों के लिए भी उपयोगी मानी जा रही है, जहां मौसम अक्सर बादलों से घिरा रहता है या दिनभर तेज धूप उपलब्ध नहीं होती।

सफल ट्रायल के बाद लाइसेंस मॉडल पर फोकस

कंपनी के अनुसार इस तकनीक का परीक्षण कनाडा के ऑप्टिक्स इंस्टीट्यूट में किया गया है। इसके अलावा कनाडा और मोरक्को में फील्ड ट्रायल भी सफल रहे हैं। Reflect10 का मानना है कि यह तकनीक पूरे दिन बिजली उत्पादन बढ़ाकर बिजली ग्रिड पर दबाव कम करने में मदद कर सकती है।

कंपनी फिलहाल खुद बड़े पैमाने पर सोलर पैनल बनाने के बजाय दुनिया की प्रमुख सोलर कंपनियों को अपनी तकनीक का लाइसेंस देने की योजना पर काम कर रही है। यदि यह तकनीक व्यावसायिक स्तर पर सफल रहती है, तो भविष्य में सोलर ऊर्जा उत्पादन को अधिक कुशल और किफायती बनाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

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