रिपोर्ट का दावा: भारत में AI आगे बढ़ा, लेकिन नौकरियों में अब तक बड़ा बदलाव नहीं

रिपोर्ट का दावा: भारत में AI आगे बढ़ा, लेकिन नौकरियों में अब तक बड़ा बदलाव नहीं

Accenture की रिपोर्ट बताती है कि भारत में AI पर निवेश और भरोसा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन नौकरियों और स्किल डेवलपमेंट की रफ्तार धीमी है। कंपनियां AI को ग्रोथ का साधन मान रही हैं, फिर भी जॉब डिजाइन और नई भर्तियों को लेकर असमंजस बना हुआ है।

Artificial Intelligence in India: Accenture के ‘Pulse of Change’ सर्वे के मुताबिक भारत में कंपनियां AI को भविष्य की ग्रोथ का आधार मान रही हैं और 88 प्रतिशत C-suite लीडर्स इसमें निवेश बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। यह रिपोर्ट भारत सहित 20 देशों के टॉप एग्जीक्यूटिव्स पर आधारित है। सर्वे में सामने आया कि AI को लागत घटाने और रेवेन्यू बढ़ाने के लिए अपनाया जा रहा है, लेकिन स्किल्ड टैलेंट की कमी, जॉब रोल्स के पुनर्गठन और ट्रेनिंग में सुस्ती बड़ी चुनौती बनी हुई है। यही वजह है कि तकनीक आगे बढ़ रही है, जबकि रोजगार की तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।

AI पर निवेश तेज, भरोसा भी मजबूत

Accenture के ‘Pulse of Change’ सर्वे के मुताबिक भारत के 88 प्रतिशत C-suite लीडर्स AI में निवेश बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। इनमें से 69 प्रतिशत अधिकारियों का मानना है कि AI सिर्फ लागत घटाने का नहीं, बल्कि रेवेन्यू बढ़ाने का भी बड़ा जरिया बन सकता है। यही वजह है कि AI अब कंपनियों की ग्रोथ स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा बन चुका है।

हालांकि रिपोर्ट यह भी इशारा करती है कि स्किल्ड टैलेंट की कमी एक बड़ी रुकावट है। करीब 27 प्रतिशत टॉप एग्जीक्यूटिव्स ने माना कि सही ट्रेनिंग और योग्य लोगों की उपलब्धता के बिना AI का पूरा फायदा उठाना मुश्किल है।

जॉब डिजाइन और ट्रेनिंग में क्यों है सुस्ती

रिपोर्ट की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि भारी निवेश के बावजूद बहुत कम कंपनियां अपने कर्मचारियों को AI के हिसाब से तैयार कर पा रही हैं। भारत में सिर्फ 24 प्रतिशत संगठन ही AI से जुड़ी लगातार सीखने की प्रक्रिया शुरू कर पाए हैं।

इससे भी गंभीर बात यह है कि 10 प्रतिशत से कम कंपनियां ही ऐसी हैं, जो AI को ध्यान में रखते हुए जॉब रोल्स और वर्क स्ट्रक्चर को नए सिरे से डिजाइन कर रही हैं। नतीजतन, टेक्नोलॉजी आगे बढ़ रही है लेकिन रोजगार की संरचना वहीं अटकी हुई है।

AI अपनाया, लेकिन भर्ती को लेकर असमंजस

20 देशों के 3,650 C-suite लीडर्स पर आधारित इस सर्वे में सामने आया है कि भारत में 60 प्रतिशत टॉप लीडर्स AI पर खर्च बढ़ाने को तैयार हैं। इसके बावजूद भविष्य की भर्तियों को लेकर तस्वीर साफ नहीं है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अगर आने वाले समय में AI को लेकर उत्साह कम होता है तो सिर्फ आधी कंपनियां ही नई भर्तियों पर विचार करेंगी। यानी AI अपनाया जा रहा है, लेकिन जॉब क्रिएशन को लेकर कंपनियां अब भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

प्रयोग से आगे निकल चुका है AI

Accenture का कहना है कि AI अब सिर्फ प्रयोग के दौर में नहीं है। भारत में 41 प्रतिशत संगठन अलग-अलग कार्यों के लिए AI एजेंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि 24 प्रतिशत कंपनियों ने पूरी तरह AI आधारित एंड-टू-एंड प्रोसेस लागू कर दिए हैं।

इसके साथ ही 39 प्रतिशत C-suite लीडर्स रोजाना जनरेटिव AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। कर्मचारियों के स्तर पर भी AI की समझ बढ़ी है और करीब 47 प्रतिशत कर्मचारी अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए AI टूल्स का उपयोग कर रहे हैं।

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