नोएडा में घना कोहरा बना मौत की वजह: पिता से फ़ोन पर 80 मिनट तक मदद मांगता रहा इंजीनियर

नोएडा में घना कोहरा बना मौत की वजह: पिता से फ़ोन पर 80 मिनट तक मदद मांगता रहा इंजीनियर

नोएडा के सेक्टर-150 में कोहरे के कारण कार दलदल में गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई। पिता को फोन कर हादसे की जानकारी दी। रेस्क्यू में देरी और प्रशासनिक लापरवाही को हादसे की बड़ी वजह बताया जा रहा है।

Uttar pradesh: यह हादसा 16 जनवरी की रात करीब 12 बजे नोएडा के सेक्टर-150 में हुआ। 27 वर्षीय युवराज मेहता अपनी ग्रैंड विटारा कार से गुरुग्राम से नोएडा के टाटा यूरेका पार्क जा रहे थे। सेक्टर-150 मोड़ पर घना कोहरा होने के कारण उन्हें आगे का रास्ता साफ दिखाई नहीं दिया। 

इसी दौरान उनकी कार सड़क किनारे बने नाले की दीवार तोड़ते हुए एक खाली प्लॉट में जा गिरी। इस प्लॉट में मॉल के बेसमेंट के लिए करीब 30 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिसमें नाले का पानी भरकर दलदल बन चुका था।

फोन पर पिता से मदद की गुहार लगाई और बोला, “पापा, मुझे बचा लो।”

कार गिरते ही तेजी से डूबने लगी। युवराज किसी तरह कार से बाहर निकलकर उसकी छत पर चढ़ गए। रात करीब 12:20 बजे उन्होंने अपने पिता राजकुमार मेहता को फोन कर हादसे की जानकारी दी और कहा, “पापा मुझे बचा लो, मैं मरना नहीं चाहता।”

पिता ने तुरंत डायल-112 पर कॉल किया और खुद भी मौके पर पहुंच गए। कुछ ही दूरी पर खड़े पिता और पुलिस मौजूद थे, लेकिन घने कोहरे के कारण युवराज दिखाई नहीं दे रहे थे। वह मोबाइल की टॉर्च जलाकर लगातार मदद के लिए चिल्लाता रहा।

80 मिनट तक तड़पता रहा युवक

पुलिस, दमकल विभाग और बाद में एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन कोहरा और अंधेरा रेस्क्यू में बड़ी बाधा बना। युवराज करीब 80 मिनट तक मदद के लिए आवाज लगाता रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पानी बेहद ठंडा था और गड्ढे में सरिया भी पड़ा था, जिससे कोई भी अंदर उतरने की हिम्मत नहीं कर पाया। एनडीआरएफ की टीम गाजियाबाद से करीब 1:55 बजे पहुंची, लेकिन तब तक कार समेत युवराज दलदल में डूब चुका था। सुबह करीब 4:30 बजे शव बाहर निकाला गया।

परिवार का इकलौता बेटा था युवराज

युवराज मेहता गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। उनके पिता भारतीय स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, जबकि मां का कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका था। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और वह विदेश में रहती हैं। युवराज अपने परिवार का इकलौता बेटा था, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। 

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि घटनास्थल पर पहले भी हादसे हो चुके थे, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। पुलिस ने युवराज के पिता की शिकायत पर दो बिल्डर कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल पर अब बैरिकेडिंग कर दी गई है।

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