कांवड़ यात्रा के दौरान ऋषिकेश के गंगा घाटों पर SDRF ने निगरानी बढ़ा दी है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए श्रद्धालुओं को गहरे और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल निर्धारित घाटों पर स्नान करने की सलाह दी जा रही है।
ऋषिकेश: कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए SDRF ने ऋषिकेश, मुनिकीरेती और लक्ष्मणझूला क्षेत्र के प्रमुख घाटों पर विशेष सुरक्षा अभियान शुरू किया है। टीमों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है और श्रद्धालुओं को लगातार सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
कांवड़ मेले में सुरक्षा व्यवस्था हुई और सख्त
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कांवड़ यात्रा के दौरान ऋषिकेश में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। ऋषिकेश, मुनिकीरेती और लक्ष्मणझूला के प्रमुख गंगा घाटों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। प्रशासन का उद्देश्य कांवड़ यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखना है।
घाटों पर लगातार गश्त, गहरे पानी में जाने पर रोक
एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर कवींद्र सजवान ने बताया कि टीमें दिन-रात प्रमुख घाटों और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रही हैं। गंगा के तेज बहाव और गहरे पानी वाले हिस्सों में किसी भी श्रद्धालु या कांवड़ यात्री को जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। जवान मौके पर मौजूद रहकर लोगों को संभावित खतरों की जानकारी दे रहे हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इससे दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
लाउडहेलर से किया जा रहा जागरूक
एसडीआरएफ की ओर से श्रद्धालुओं को लगातार सुरक्षा संबंधी निर्देश भी दिए जा रहे हैं। घाटों पर लाउडहेलर के माध्यम से यात्रियों को गहरे पानी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है। साथ ही प्रशासन द्वारा निर्धारित घाटों पर ही स्नान करने और सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए कहा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि जागरूकता के माध्यम से बड़ी संख्या में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
सभी एजेंसियां मिलकर रख रही हैं नजर
कांवड़ मेले के दौरान SDRF, स्थानीय पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही हैं। संवेदनशील घाटों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक जोखिम न उठाएं और सुरक्षित तरीके से अपनी धार्मिक यात्रा पूरी करें। इससे कांवड़ यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।









