DLF स्टॉक पर बुलिश नजरिया है। जेफरीज ने ₹1,000 टारगेट दिया। कर्ज मुक्त कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत है। प्रोजेक्ट बैकबोन और परिचालन सुधार निवेशकों के लिए स्टॉक की दीर्घकालिक संभावनाओं को उज्ज्वल बनाते हैं।
Dlf Stock Outlook 2026: रियल एस्टेट सेक्टर की दिग्गज कंपनी डीएलएफ लिमिटेड (DLF Ltd) को लेकर बाजार में सकारात्मक रुझान देखने को मिल रहा है। 23 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी ट्रेडिंग सत्र में बढ़त के साथ खुले, लेकिन खुलने के बाद बाजार में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशक वैश्विक आर्थिक तनाव और अमेरिका के जीडीपी ग्रोथ तथा महंगाई आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। ऐसे माहौल में ब्रोकरेज हाउस ने DLF स्टॉक पर बुलिश आउटलुक दिया है, जो निवेशकों के लिए अच्छी खबर हो सकती है।
Jefferies का टारगेट प्राइस ₹1,000
जेफरीज ने DLF स्टॉक पर अपनी 'BUY' रेटिंग को बरकरार रखते हुए अगले 12 महीनों के लिए ₹1,000 का टारगेट प्राइस दिया है। वर्तमान कीमत की तुलना में यह 63 प्रतिशत का अपसाइड रिटर्न दर्शाता है। ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी की प्री-सेल्स मात्र ₹400 करोड़ रही, जो अनुमान से कम है। यह कमी मार्केटेबल इन्वेंट्री की सीमितता और नए प्रोजेक्ट के न लॉन्च होने के कारण हुई।
जेफरीज उन आठ ब्रोकरेजों में से एक है, जिन्होंने DLF स्टॉक के अगले एक साल में ₹1,000 के स्तर को पार करने का अनुमान लगाया है। स्टॉक को कवर करने वाले कुल 25 एनालिस्ट में से 23 ने 'BUY' रेटिंग दी है और केवल 2 ने 'Hold' रेटिंग दी है। यह दिखाता है कि अधिकांश विशेषज्ञ कंपनी की दीर्घकालिक संभावनाओं पर भरोसा रखते हैं।
DLF की वित्तीय स्थिति और कर्ज मुक्त होना
DLF ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 13.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी का शुद्ध लाभ 31 दिसंबर को खत्म तिमाही में ₹1,203.36 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले यह ₹1,058.73 करोड़ था। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण उच्च शुद्ध आय और परिचालन में दमदार प्रदर्शन है।
दिलचस्प बात यह है कि DLF ने वर्ष 2007 में अपने IPO के बाद पहली बार पूर्ण रूप से कर्ज मुक्त होने की जानकारी दी। यह कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य और दीर्घकालिक स्थिरता का संकेत देता है। कर्ज मुक्त होने के बाद DLF अब निवेशकों और बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकती है।
बिक्री और प्रोजेक्ट अपडेट
DLF की बिक्री बुकिंग वित्त वर्ष 26 के पहले नौ महीनों (अप्रैल-दिसंबर) में 16 प्रतिशत घटकर ₹16,176 करोड़ रही। यह गिरावट मुख्य रूप से मार्केटेबल इन्वेंट्री की कमी और नए प्रोजेक्ट न लॉन्च होने के कारण हुई। पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी की बिक्री ₹19,187 करोड़ थी।
हालांकि बिक्री में गिरावट के बावजूद, कंपनी के पास प्रोजेक्ट और निर्माण गतिविधियों का मजबूत बैकबोन है। यह निवेशकों के लिए भरोसे का संकेत है, क्योंकि कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार और प्रॉफिट मार्जिन में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
रियल एस्टेट सेक्टर में DLF की स्थिति
DLF भारत की सबसे बड़ी रियल एस्टेट डेवलपर कंपनी में से एक है। कंपनी ने वर्षों में रेसिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में अपनी पहचान बनाई है। बाजार में उसकी मजबूत स्थिति और कर्ज मुक्त होना निवेशकों के लिए आकर्षण का मुख्य कारण है। ऐसे में विशेषज्ञ मानते हैं कि स्टॉक में आने वाले महीनों में तेजी देखने को मिल सकती है।










