रणजी ट्रॉफी 2026: इतिहास में पहली बार चैंपियन बना जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक को पारी की बढ़त से हराया

रणजी ट्रॉफी 2026: इतिहास में पहली बार चैंपियन बना जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक को पारी की बढ़त से हराया

इतिहास रचते हुए जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। फाइनल में कर्नाटक के खिलाफ खेले गए मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में हासिल की गई 291 रनों की बढ़त के आधार पर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। 

स्पोर्ट्स न्यूज़: Jammu and Kashmir ने इतिहास रचते हुए Ranji Trophy का खिताब अपने नाम कर लिया है। जम्मू-कश्मीर ने Karnataka के खिलाफ यह मुकाबला पहली पारी में बढ़त के आधार पर अपने नाम किया। पहली पारी में जम्मू-कश्मीर ने 291 रन की बढ़त हासिल की। पांचवें दिन टीम ने दूसरी पारी में चार विकेट पर 342 रन बनाए, जिससे कुल बढ़त 633 रन तक पहुंच गई। 

जम्मू-कश्मीर के कप्तान Paras Dogra ने पारी घोषित करने का फैसला किया। इसके बाद दोनों टीमों के कप्तान दिन का खेल समाप्त करने पर सहमत हुए और मैच ड्रॉ रहा। इस तरह, जम्मू-कश्मीर ने अपनी पहली रणजी ट्रॉफी जीत कर इतिहास में अपना नाम दर्ज कर लिया।

फाइनल मैच का संक्षिप्त विवरण

जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 584 रन बनाकर कर्नाटक को चुनौती दी। इसके जवाब में कर्नाटक की टीम 293 रनों पर सिमट गई, जिससे जम्मू-कश्मीर को पहली पारी में 291 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में जम्मू-कश्मीर ने चार विकेट पर 342 रन बनाकर कुल बढ़त 633 रनों की कर दी। कप्तान पारस डोगरा ने पारी घोषित करने का निर्णय लिया और दिन का खेल समाप्त कर दिया गया। मैच ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी में बढ़त के आधार पर जम्मू-कश्मीर ने ट्रॉफी जीत ली।

जम्मू-कश्मीर के लिए इस मैच में सलामी बल्लेबाज कामरान इकबाल और साहिल लोटरा ने शानदार योगदान दिया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 197 रनों की अविजित साझेदारी की। इकबाल 311 गेंदों में 16 चौकों और 3 छक्कों की मदद से नाबाद 160 रन बनाए, जबकि साहिल ने 226 गेंदों पर 8 चौके और 3 छक्कों की मदद से नाबाद 101 रन बनाकर टीम की जीत सुनिश्चित की।

पहले सत्र में इकबाल और साहिल ने कर्नाटक के गेंदबाजों को पूरी तरह परास्त कर दिया। कर्नाटक की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा को दो विकेट मिले, जबकि विजयकुमार विशाक और श्रेयस गोपाल को एक-एक सफलता मिली।

फॉलोऑन नहीं दिया गया

जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 291 रनों की बढ़त के बावजूद कर्नाटक को फॉलोऑन नहीं दिया। इस रणनीतिक निर्णय ने टीम को अंततः जीत दिलाने में मदद की और पहली पारी की बढ़त के आधार पर ट्रॉफी टीम के नाम रही। रणजी ट्रॉफी फाइनल मैच को देखने के लिए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी स्टेडियम में मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मैच की तस्वीरें साझा की और टीम के ऐतिहासिक प्रदर्शन की तारीफ की।

जम्मू-कश्मीर ने 1959-60 के सत्र से रणजी ट्रॉफी में हिस्सा लेना शुरू किया था, लेकिन लंबे समय तक उसे मजबूत दावेदार नहीं माना गया। टीम ने अब तक 334 रणजी मैच खेले थे, जिनमें केवल 45 जीत हासिल हुई थी। अपनी पहली जीत दर्ज करने में टीम को 44 साल का समय लगा, जो 1982-83 में सेना के खिलाफ मिली थी।

हालांकि, टीम ने पिछले वर्षों में धीरे-धीरे प्रदर्शन सुधारना शुरू किया। 2013-14 में नेट रन रेट के आधार पर गोवा को पीछे छोड़कर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। 2015-16 में परवेज रसूल की कप्तानी में मुंबई को वानखेड़े स्टेडियम में हराकर बड़ी जीत दर्ज की।

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