रुड़की। जिला सहकारी बैंक रुड़की के चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव प्रक्रिया के तहत नामांकन का दौर शुरू हो गया है और बैंक के संचालक मंडल के लिए 165 मतदाता 13 पदों का चुनाव करेंगे। चुनाव कार्यक्रम आगे बढ़ने के साथ ही मतदाता सूची को लेकर विवाद भी सामने आया है। कुछ लोगों की ओर से सूची में नामों को लेकर आपत्ति जताई गई है, जिसके चलते चुनाव प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।
जिला सहकारी बैंक के चुनाव में इस बार सीमित संख्या में मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। सहकारी बैंक के चुनाव सामान्य विधानसभा या स्थानीय निकाय चुनावों से अलग होते हैं, क्योंकि इनमें संबंधित सहकारी समितियों और संस्थाओं के प्रतिनिधि मतदान करते हैं। ऐसे में प्रत्येक मतदाता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। 165 मतदाताओं के बीच से चुने जाने वाले 13 पद बैंक के संचालन और नीतिगत फैसलों में अहम भूमिका निभाएंगे।
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद संभावित प्रत्याशियों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ चुनावी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। कौन-कौन प्रत्याशी मैदान में उतरता है और किस पद के लिए कितने नामांकन दाखिल होते हैं, इसकी तस्वीर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद साफ होगी।
इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा मतदाता सूची को लेकर उठे विवाद की है। चुनाव में मतदान करने वाले सदस्यों की सूची को लेकर आपत्तियां सामने आने के बाद प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। सहकारी संस्थाओं के चुनाव में मतदाता सूची बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इसी सूची के आधार पर यह तय होता है कि कौन व्यक्ति मतदान करने और चुनाव में भाग लेने का अधिकार रखता है।
मतदाता सूची को लेकर उठ रही आपत्तियों के बीच चुनाव अधिकारियों के सामने सूची की जांच और आपत्तियों के निस्तारण की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो गई है। संबंधित पक्षों की ओर से रखी गई आपत्तियों की जांच के बाद अंतिम मतदाता सूची के आधार पर चुनाव आगे बढ़ाया जाएगा। इसी सूची के आधार पर मतदान प्रक्रिया संपन्न होगी।
चुनाव को लेकर सहकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों में भी काफी सक्रियता दिखाई दे रही है। बैंक के संचालक मंडल में पहुंचने के लिए संभावित प्रत्याशी मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। चुनाव में 165 मतदाताओं की संख्या कम होने के कारण प्रत्येक मतदाता से संपर्क और समर्थन हासिल करना प्रत्याशियों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
13 पदों के लिए होने वाले इस चुनाव में यदि पदों की तुलना में अधिक उम्मीदवार मैदान में आते हैं तो मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। वहीं यदि किसी पद पर एक ही प्रत्याशी रहता है तो वहां निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति भी बन सकती है। नामांकन पत्र दाखिल होने और उनकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन पदों पर सीधा मुकाबला होगा।
सहकारी बैंक के चुनाव का महत्व केवल संचालक मंडल के गठन तक सीमित नहीं है। जिला सहकारी बैंक किसानों, सहकारी समितियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय संस्थान होते हैं। बैंक की नीतियों और संचालन में चुने गए संचालक मंडल की भूमिका रहती है। ऐसे में चुनाव परिणाम का असर बैंक से जुड़ी सहकारी गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
रुड़की क्षेत्र में सहकारी बैंक से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच चुनाव को लेकर पहले से ही चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। संभावित प्रत्याशी अपने-अपने समर्थकों के साथ रणनीति बनाने में जुटे हैं। कई स्तरों पर बैठकों और संपर्क का दौर चलने की संभावना है। मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ चुनावी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
मतदाता सूची विवाद के कारण चुनाव अधिकारियों के सामने निष्पक्षता बनाए रखने की चुनौती भी है। किसी भी मतदाता का नाम गलत तरीके से शामिल होने या पात्र व्यक्ति का नाम छूटने से चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठ सकते हैं। इसलिए सूची से जुड़ी सभी आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण करना महत्वपूर्ण होगा।
चुनाव प्रक्रिया में नामांकन के बाद नामांकन पत्रों की जांच, आपत्तियों का निस्तारण और नाम वापसी जैसे चरण भी पूरे किए जाएंगे। अंतिम उम्मीदवारों की सूची सामने आने के बाद चुनावी मुकाबले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी। इसके बाद प्रत्याशी अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए मतदाताओं से संपर्क करेंगे।
165 मतदाताओं वाले इस चुनाव में एक-एक वोट का महत्व काफी बढ़ जाता है। सामान्य चुनावों की तरह यहां लाखों मतदाताओं के बीच प्रचार नहीं होता, बल्कि सीमित मतदाता ही चुनाव का फैसला करते हैं। यही कारण है कि सहकारी बैंक के चुनाव में व्यक्तिगत संपर्क और सहकारी संस्थाओं के बीच समर्थन को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
चुनाव को लेकर प्रशासन और निर्वाचन से जुड़े अधिकारी भी प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा कराने की तैयारी में हैं। नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक सभी चरणों में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी होगा। मतदाता सूची को लेकर उठे विवाद का समाधान भी इसी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
फिलहाल नामांकन शुरू होने के साथ रुड़की जिला सहकारी बैंक चुनाव का माहौल गर्माने लगा है। 165 मतदाताओं के हाथ में 13 पदों के लिए प्रतिनिधि चुनने की जिम्मेदारी होगी। दूसरी ओर मतदाता सूची को लेकर उठे विवाद ने चुनावी प्रक्रिया को और चर्चित बना दिया है। अब सभी की नजर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने, अंतिम मतदाता सूची और मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों पर है।
चुनाव के अगले चरण में नामांकन पत्रों की जांच और उम्मीदवारों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होने के बाद मुकाबले की तस्वीर सामने आएगी। यदि मतदाता सूची से जुड़ी आपत्तियों का समाधान समय पर हो जाता है तो चुनाव प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ सकती है। सहकारी बैंक से जुड़े लोगों के लिए यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके जरिए बैंक के अगले संचालक मंडल का गठन होगा।









