रूस-यूक्रेन शांति वार्ता में लगातार देरी से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप नाराज़ हैं। व्हाइट हाउस ने कहा कि वे अब ऐसी बैठकों में समय नहीं देना चाहते जिनका कोई नतीजा न निकले। meanwhile, यूक्रेन ने सुरक्षा गारंटी पर 20-पॉइंट प्रस्ताव अमेरिका को सौंपा है।
Russia-Ukraine War: अमेरिका ने साफ कर दिया है कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रही शांति वार्ता में लगातार हो रही देरी से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बेहद निराश हैं। व्हाइट हाउस ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि ट्रंप ऐसी मीटिंग करने के मूड में नहीं हैं जिनका कोई नतीजा न निकले। वे चाहते हैं कि चार साल से जारी युद्ध को खत्म करने की दिशा में अब ठोस कदम उठाए जाएं।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप नतीजों पर फोकस कर रहे हैं और “सिर्फ मीटिंग के लिए मीटिंग” की राजनीति नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस युद्ध में एक प्रमुख mediator के तौर पर काम कर रहा है और शांति प्रक्रिया में देरी ने राष्ट्रपति का धैर्य तोड़ दिया है।
शांति प्रक्रिया में देरी से राष्ट्रपति बेहद निराश
कैरोलिन लेविट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप रूस और यूक्रेन दोनों पक्षों से निराश हैं क्योंकि दोनों ही वास्तविक प्रगति दिखाने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति अब ऐसी बातचीत का हिस्सा नहीं बनना चाहते जिसका अंत किसी ठोस परिणाम पर न हो।
लेविट ने कहा कि ट्रंप का साफ कहना है कि अब बातचीत नहीं, बल्कि एक्शन चाहिए। वे ऐसी मीटिंग्स में समय नहीं देना चाहते जिसके बाद स्थितियों में कोई बदलाव न आए। राष्ट्रपति अमेरिका की ओर से हो रही कोशिशों में तेजी चाहते हैं क्योंकि यह युद्ध क्षेत्र के साथ-साथ पूरी दुनिया की सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है।
ट्रंप प्रशासन की टीम लगातार संपर्क में
प्रेस सेक्रेटरी ने बताया कि शांति प्रयासों को लेकर ट्रंप प्रशासन सक्रिय रूप से जुटा हुआ है। उन्होंने कन्फर्म किया कि ट्रंप बुधवार को यूरोपियन नेताओं के साथ फोन कॉल कर रहे हैं ताकि स्थिति को लेकर उनकी राय और सुझाव लिए जा सकें।
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इसके साथ ही व्हाइट हाउस ने यह भी बताया कि ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनकी टीम अभी भी रूस और यूक्रेन दोनों देशों के अधिकारियों से सीधी बातचीत कर रहे हैं। लेविट के अनुसार, टीम का मकसद यही है कि जमीन पर संघर्ष कम हो और सभी पक्ष किसी मध्य मार्ग पर आने को तैयार हों।
वीकेंड की शांति बैठक में अमेरिका की भागीदारी अनिश्चित
रिपोर्ट्स में पहले कहा गया था कि इस वीकेंड एक हाई-लेवल बैठक हो सकती है जिसमें अमेरिका भी शामिल होगा। लेकिन कैरोलिन लेविट ने इस पर कहा कि फिलहाल इस फैसले को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।
उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका और ट्रंप प्रशासन रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के मिशन में पूरी तरह लगा हुआ है, लेकिन यदि बैठकों से नतीजे नहीं आते तो उनके लिए संसाधन और समय खर्च करना कठिन हो सकता है।
यूक्रेन ने अमेरिका को दिया 20-पॉइंट काउंटर-प्रपोज़ल
इस मुद्दे पर यूक्रेन की ओर से भी बड़ा अपडेट आया है। राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन ने सुरक्षा गारंटी (Security Guarantees) पर हो रही बातचीत के तहत अमेरिका को 20-पॉइंट काउंटर-प्रपोज़ल दिया है।
ज़ेलेंस्की ने कहा कि यह प्रस्ताव राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय संप्रभुता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसके तहत किसी भी क्षेत्रीय समझौते पर आगे बढ़ने से पहले एक National Referendum कराने की बात कही गई है ताकि जनता की मंजूरी मिल सके।
उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका यूक्रेन से डोनेट्स्क क्षेत्र से अपनी सेना पीछे हटाने पर विचार करने के लिए कह रहा है, ताकि वहां एक Free Economic Zone बनाई जा सके। इस क्षेत्र पर रूस लंबे समय से अपना नियंत्रण बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
डोनेट्स्क क्षेत्र पर विवाद
डोनेट्स्क और पूर्वी यूक्रेन का बड़ा हिस्सा कई वर्षों से विवाद का केंद्र रहा है। रूस इस क्षेत्र पर अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता है, जबकि यूक्रेन इसे अपनी संप्रभुता (Sovereignty) का अहम हिस्सा मानता है।
ज़ेलेंस्की ने कहा कि किसी भी संभावित शांति समझौते में यूक्रेन की जनता की राय सबसे अहम होगी। उन्होंने ये भी बताया कि यूक्रेन अपनी सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की जल्दबाजी नहीं करना चाहता। 20-पॉइंट प्रस्ताव इसी उद्देश्य से दिया गया है ताकि अमेरिका यह समझ सके कि यूक्रेन किन शर्तों और स्थितियों में किसी समझौते पर सहमत हो सकता है।








