RSS का देशव्यापी गृह संपर्क कार्यक्रम शुरू, घर-घर पहुंच रहे 80 हजार कार्यकर्ता

RSS ने लखनऊ से दुनिया का सबसे बड़ा गृह संपर्क अभियान शुरू किया। 80 हजार कार्यकर्ता 20 हजार टीमों में बंटकर घर-घर संवाद कर रहे हैं। एक महीने तक चलने वाले अभियान

RSS ने लखनऊ से दुनिया का सबसे बड़ा गृह संपर्क अभियान शुरू किया है। लगभग 80 हजार कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं। 20 हजार टीमों के साथ अभियान एक महीने तक चलेगा और लाखों घरों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

New Delhi: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने गुरुवार को लखनऊ से एक व्यापक गृह संपर्क अभियान की औपचारिक शुरुआत की है। संगठन का कहना है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा गृह संपर्क अभियान है और इसे संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों का एक प्रमुख हिस्सा बनाया गया है। अभियान का उद्देश्य घर-घर जाकर लोगों से सीधा संवाद स्थापित करना और उन्हें संघ के विचार व गतिविधियों के बारे में जानकारी देना है। इस अभियान में पूरे देश से लगभग 80 हजार कार्यकर्ता सक्रिय रूप से शामिल किए गए हैं, जो अलग-अलग टीमों के रूप में घरों तक पहुंच बना रहे हैं। 

कैसे किया जा रहा है संपर्क

RSS द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार गृह संपर्क अभियान का मुख्य फोकस हर घर तक पहुंचकर लोगों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करना है। कार्यकर्ता घरों में जाकर भारत माता की तस्वीर और संगठन का साहित्य भेंट कर रहे हैं। अवध क्षेत्र में ही 40 लाख घरों से संपर्क स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए मजबूत रणनीति तैयार की गई है। अभियान में शामिल 80 हजार कार्यकर्ताओं को 20 हजार टीमों में विभाजित किया गया है ताकि हर क्षेत्र को व्यवस्थित तरीके से कवर किया जा सके। लखनऊ में अभियान की शुरुआत के बाद सभी टीमों को अलग-अलग मोहल्लों, बस्तियों और उप-बस्तियों में भेजा जा रहा है ताकि एक महीने के अभियान के दौरान व्यापक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

लखनऊ में विशेष मुलाकातें

अभियान के तहत लखनऊ में कई प्रमुख हस्तियों से भी संपर्क किया जा रहा है। संघ के सदस्यों ने पद्मश्री से सम्मानित लोक गायिका मालिनी अवस्थी और लेखिका विद्या बिंदु सिंह से मुलाकात कर उन्हें संगठन का साहित्य भेंट किया। यह मुलाकातें अभियान का हिस्सा हैं, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों से संवाद स्थापित कर उन्हें संघ की पहल के बारे में अवगत कराया जा रहा है। लखनऊ जैसी राजधानी में इस तरह की मुलाकातों का मकसद यह भी है कि समाज के प्रभावशाली लोगों तक संगठन के संदेश को पहुंचाया जा सके, जिससे व्यापक जनसमूह तक भी संपर्क का दायरा बढ़ सके।

अभियान की संरचना

RSS के लखनऊ प्रभाग के विभाग कार्यवाह अमितेश सिंह ने बताया है कि गृह संपर्क अभियान अब पूरे लखनऊ शहर में औपचारिक रूप से शुरू हो चुका है। लखनऊ प्रभाग में 49 नगर, 413 बस्तियां और 1,652 उप-बस्तियां हैं। इन सभी क्षेत्रों को कवर करने के लिए संघ ने एक सुव्यवस्थित योजना तैयार की है। हर बस्ती और उप-बस्ती में पांच योग्य कार्यकर्ताओं की टीम नियुक्त की गई है। कुल मिलाकर 4,956 टीम बनाई गई हैं जो 14,868 कार्यकर्ताओं के साथ लखनऊ के प्रत्येक घर तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। अभियान का संचालन इस तरह किया जा रहा है कि किसी भी क्षेत्र, मोहल्ले या बस्ती को छोड़ा न जाए और सभी स्थानों तक समान रूप से संपर्क सुनिश्चित हो।

कितने समय तक चलेगा अभियान

RSS ने घोषणा की है कि यह गृह संपर्क अभियान एक महीने तक चलाया जाएगा। इसकी शुरुआत हो चुकी है और यह 21 दिसंबर तक जारी रहेगा। इस अवधि में लखनऊ समेत अवध क्षेत्र के उन सभी घरों में पहुंचने का प्रयास किया जाएगा, जिन्हें अभियान के दायरे में शामिल किया गया है। संगठन के अनुसार एक महीने की अवधि इसलिए चुनी गई है ताकि कार्यकर्ताओं को पर्याप्त समय मिल सके और किसी भी घर तक पहुंचने में जल्दबाजी न हो। अभियान के दौरान हर टीम का लक्ष्य स्पष्ट रखा गया है ताकि संपर्क सुचारु और प्रभावी तरीके से हो सके।

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