दिग्गज भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने सोमवार को कहा कि बिहार में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और उचित प्रशिक्षण व मार्गदर्शन मिलने पर यहां से भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय बैडमिंटन की दिग्गज खिलाड़ी और ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल ने बिहार में खेल प्रतिभाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में खिलाड़ियों की प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और अगर उन्हें सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और संसाधन मिलें, तो यहां से भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल सकते हैं। साइना का मानना है कि बिहार में खेलों के विकास की अपार संभावनाएं हैं, खासकर बैडमिंटन के क्षेत्र में।
पाटलिपुत्र खेल परिसर में मीडिया से बातचीत
सोमवार को पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए साइना नेहवाल ने कहा कि बिहार में कई ऐसे प्रतिभावान बैडमिंटन खिलाड़ी हैं, जिनकी क्षमता अंतरराष्ट्रीय स्तर की है। उन्होंने बताया कि इन खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित और वैज्ञानिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य और देश का नाम रोशन कर सकें।
साइना ने कहा, “बिहार में खेल के प्रति जुनून और प्रतिभा दोनों मौजूद हैं। जरूरत है तो सिर्फ सही दिशा और निरंतर प्रशिक्षण की। अगर खिलाड़ियों को उचित सुविधाएं मिलें, तो वे दुनिया के किसी भी मंच पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।

बिहार में बैडमिंटन की संभावनाएं
साइना ने बिहार में खेलों के विकास पर विशेष रूप से बैडमिंटन की संभावनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य में आधारभूत संरचना मौजूद है और सरकार की खेल नीति भी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उनके अनुसार, सही कोचिंग सिस्टम और नियमित प्रतियोगिताओं के आयोजन से बिहार बैडमिंटन का एक मजबूत केंद्र बन सकता है।
इससे पहले साइना नेहवाल ने बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह से मुलाकात की। इस अवसर पर खेल मंत्री ने अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंट कर साइना का सम्मान किया। साइना ने कहा कि बिहार पहले ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी कर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने राज्य सरकार और खेल विभाग के प्रयासों की सराहना की।
साइना नेहवाल ने बिहार के साथ अपने भावनात्मक संबंध का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी पहली राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप पटना में ही जीती थी, इसलिए बिहार से मेरा खास लगाव है। उन्होंने यह भी कहा कि वह बिहार के खिलाड़ियों के विकास के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार हैं और चाहती हैं कि यहां के युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाएं।











