समस्तीपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-28 पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब चलती कार से एक पिस्टल फेंके जाने की घटना सामने आई। यह मामला सामने आने के बाद न सिर्फ पुलिस महकमे में खलबली मची है, बल्कि हाइवे की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दिनदहाड़े इस तरह हथियार फेंकने की घटना ने आम लोगों में दहशत का माहौल बना दिया है।
कैसे सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार, NH-28 पर गुजर रही एक संदिग्ध कार से अचानक सड़क किनारे पिस्टल फेंकी गई। स्थानीय लोगों ने जब सड़क पर हथियार पड़ा देखा, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पिस्टल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस का मानना है कि कार सवार किसी आपराधिक वारदात के इरादे से जा रहे थे या किसी पुराने मामले से जुड़े सबूत को ठिकाने लगाने के लिए हथियार फेंका गया। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि वाहन की पहचान की जा सके। इसके अलावा, टोल प्लाजा और हाइवे पर लगे कैमरों से भी सुराग जुटाने की कोशिश की जा रही है।
हाइवे सुरक्षा पर सवाल
एनएच-28 जैसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर इस तरह की घटना ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। सवाल यह उठ रहा है कि अगर चलती गाड़ी से हथियार फेंके जा रहे हैं, तो अपराधी बेखौफ कैसे घूम रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय ही नहीं, बल्कि दिन में भी हाइवे पर गश्त और निगरानी कमजोर दिखती है।
आम लोगों में दहशत
घटना के बाद हाइवे से गुजरने वाले यात्रियों और आसपास के ग्रामीणों में डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस को सूचना नहीं दी जाती, तो कोई भी व्यक्ति उस हथियार का गलत इस्तेमाल कर सकता था।
प्रशासन की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। संदिग्ध वाहन की पहचान कर आरोपियों को जल्द पकड़ने का दावा किया जा रहा है। साथ ही, हाइवे पर गश्त बढ़ाने और चेकिंग सख्त करने की बात भी कही गई है।
निष्कर्ष
समस्तीपुर में एनएच-28 पर हुई यह घटना एक चेतावनी है कि हाइवे सुरक्षा को लेकर ठोस और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। जब तक निगरानी, गश्त और तकनीकी व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं आम लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनी रहेंगी।










