सिद्धार्थनगर के भारत–नेपाल सीमा क्षेत्र में नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी का नेटवर्क सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। लगातार चल रही छापेमारी और बरामदगी के बावजूद तस्कर सीमा का उपयोग कर अवैध कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, कफ सिरप, नींद की दवाइयाँ, दर्द निवारक और अन्य प्रतिबंधित टैबलेट बड़ी मात्रा में नेपाल भेजी जा रही हैं। यह तस्करी संगठित तरीके से होती है, जिसमें सीमावर्ती इलाकों के कई मार्गों और अस्थायी ठिकानों का इस्तेमाल किया जाता है।
सिद्धार्थनगर की लगभग 68 किलोमीटर लंबी खुली सीमा तस्करों के लिए बड़ी चुनौती कम और अवसर ज्यादा बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में सीमा के आसपास मेडिकल स्टोरों की संख्या बढ़ी है, जिनमें से कुछ पर संदेह है कि वे तस्करी के लिए कवर के रूप में काम कर रहे हैं।
तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस, एसएसबी और औषधि विभाग की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं, लेकिन नेटवर्क अभी भी सक्रिय है। अधिकारियों का कहना है कि तस्करों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और जल्द ही बड़े स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। यह मामला सीमा सुरक्षा और अवैध ड्रग्स कारोबार को लेकर गंभीर चिंता का विषय बन गया है।









