CBSE ने छात्रों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शामिल होने का अवसर दिया है। कक्षा 9-12 के छात्र अब पॉडकास्ट और सोशल मीडिया में अपनी आवाज़ साझा कर सकेंगे। यह पहल शिक्षा और काउंसलिंग को अधिक प्रभावी बनाएगी।
CBSE Update: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने एक नई पहल की घोषणा की है, जिसके तहत कक्षा 9 से 12 तक के छात्र अब बोर्ड के आधिकारिक पॉडकास्ट और सोशल मीडिया प्रोग्राम्स में अपनी आवाज़ के साथ शामिल हो सकेंगे। इस कदम का उद्देश्य शैक्षिक और काउंसलिंग सामग्री को अधिक छात्र-केंद्रित बनाना है और छात्रों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी राय व्यक्त करने का अवसर देना है। बोर्ड का कहना है कि यह पहल केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा संवाद में छात्रों की भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास है।
छात्रों की भागीदारी क्यों जरूरी है
CBSE ने पिछले कुछ समय से शिक्षा और करियर मार्गदर्शन से जुड़े विषयों पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया है। इसमें परीक्षा तैयारी, करियर विकल्प, मानसिक स्वास्थ्य, और काउंसलिंग जैसे मुद्दों पर पॉडकास्ट और वीडियो शामिल हैं। पहले ये कंटेंट केवल बोर्ड के डिजिटल चैनल्स पर उपलब्ध थे, लेकिन अब छात्र खुद इस कंटेंट का हिस्सा बन सकते हैं। बोर्ड के मुताबिक, छात्रों की सीधे भागीदारी से सामग्री अधिक जीवंत, प्रासंगिक और आकर्षक बन जाएगी।
छात्र अपनी छोटी वीडियो क्लिप, ऑडियो संदेश, अनुभव और विचार साझा कर सकते हैं। इससे न केवल उनकी आवाज़ सुनी जाएगी बल्कि वे शिक्षा और काउंसलिंग से जुड़े मुद्दों पर अपने दृष्टिकोण को साझा कर पाएंगे।
किन छात्रों को मिलेगा मौका
CBSE ने स्पष्ट किया है कि इस पहल में भागीदारी पूरी तरह स्वैच्छिक होगी। स्कूल ऐसे छात्रों का चयन करेंगे जो आत्मविश्वासी हों, स्पष्ट रूप से अपने विचार व्यक्त कर सकें और डिजिटल माध्यमों में सहज महसूस करते हों। बोर्ड ने छात्रों और उनके अभिभावकों की लिखित सहमति को अनिवार्य किया है। इसका मतलब है कि केवल इच्छुक और तैयार छात्र ही इस प्रोजेक्ट में शामिल होंगे।
इस तरह बोर्ड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि पॉडकास्ट और सोशल मीडिया प्रोग्राम में भाग लेने वाले छात्र पूरी तरह से तैयार और सक्षम हों। यह पहल छात्रों के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी बढ़ाने में मदद करेगी।
नामांकन और चयन प्रक्रिया
CBSE ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे चयनित छात्रों का नाम और संक्षिप्त विवरण बोर्ड को भेजें। इसे सर्कुलर जारी होने की तिथि से 10 दिनों के भीतर गूगल फॉर्म के माध्यम से (https://forms.gle/oJbJaYPaYBb7ifjN9
) भेजना अनिवार्य है। इसके बाद बोर्ड इन छात्रों को अपनी डिजिटल गतिविधियों में शामिल करेगा।
इस प्रक्रिया के तहत छात्रों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सही तरीके से पेश करने और उनकी आवाज़ को प्रभावी रूप से शामिल करने का अवसर मिलेगा। बोर्ड इस पहल को एक सतत प्रक्रिया के रूप में देख रहा है और भविष्य में इसे और भी व्यापक बनाने की योजना है।
छात्रों के लिए संभावित फायदे
इस पहल से छात्रों को कई तरह के लाभ होंगे। सबसे पहले, छात्रों को खुद को अभिव्यक्त करने का अवसर मिलेगा। यह उनकी क्रिएटिविटी, आत्मविश्वास और कम्युनिकेशन स्किल्स को बढ़ाने में सहायक होगा। पॉडकास्ट और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भागीदारी से छात्र अपने विचारों और अनुभवों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचा पाएंगे।
इसके अलावा, यह पहल छात्रों को शिक्षा और करियर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने और दूसरों के साथ संवाद करने का मंच भी प्रदान करती है। छात्रों के लिए यह अनुभव भविष्य में उनके प्रोफेशनल और व्यक्तिगत विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।