महुआ मोइत्रा के खिलाफ रायपुर में FIR दर्ज की गई है। सांसद ने अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। मामला IPC धारा 196 और 197 के तहत दर्ज किया गया। राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हो गई है।
Mahua Moitra: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मामला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। रायपुर पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
शिकायतकर्ता का आरोप और पुलिस कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एक स्थानीय निवासी गोपाल सामंतो ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सांसद की टिप्पणी आपत्तिजनक और असंवैधानिक थी। इसके बाद माना पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 196 और 197 के तहत मामला दर्ज किया गया।
धारा 196 के तहत किसी धर्म, नस्ल, जन्मस्थान, निवास या भाषा के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी फैलाने की बात आती है। वहीं, धारा 197 राष्ट्रीय एकता और सामूहिक सद्भाव बनाए रखने के लिए पूर्वाग्रह भरी बातें कहने से जुड़ी है।
विवादित टिप्पणी कब और कहाँ हुई
महुआ मोइत्रा ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। टीएमसी सांसद ने केंद्र सरकार पर सीमा सुरक्षा के मामलों में अपनी जिम्मेदारी से भागने का आरोप लगाया। उनके इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया।
रायपुर के निवासी क्यों हुए संवेदनशील
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि रायपुर के माना कैंप इलाके में 1971 में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी शरणार्थी आए और यहाँ बस गए। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि महुआ मोइत्रा की टिप्पणियों ने वहां के निवासियों में डर पैदा किया है। उनका कहना है कि ऐसी बातें अन्य समुदायों के खिलाफ तनाव और असुरक्षा बढ़ा सकती हैं।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, धारा 196 और 197 के तहत एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस जांच शुरू करेगी। इसमें यह देखा जाएगा कि सांसद की टिप्पणी किस हद तक आपत्तिजनक थी और क्या इससे सामाजिक सद्भाव पर असर पड़ा।
तृणमूल कांग्रेस का रुख
टीएमसी ने फिलहाल इस मामले पर कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि सांसद की टिप्पणी राजनीतिक संदर्भ में की गई थी और इसे तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया शुरू होने के कारण अब सांसद को जवाबदेह ठहराया जा सकता है।