सीकर में दिल दहला देने वाली घटना: पत्नी और 2 बेटों के बाद तीसरे बेटे को सड़क हादसे में खोया

सीकर में दिल दहला देने वाली घटना: पत्नी और 2 बेटों के बाद तीसरे बेटे को सड़क हादसे में खोया
AI IMAGE

सीकर जिले में एक बुजुर्ग ने पत्नी और दो बेटों को पहले ही खो दिया था। अब डंपर की चपेट में आकर तीसरे बेटे की भी मौत हो गई। हादसे के बाद ग्रामीणों ने जाम लगाकर आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग की।

Sikar: सीकर जिले के खंडेला क्षेत्र में रहने वाले एक बुजुर्ग पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बीते 10 से 12 वर्षों में उसने अपने पूरे परिवार को खो दिया। सबसे पहले उसकी पत्नी का निधन हुआ। पत्नी की मौत के बाद वह किसी तरह अपने बेटों के सहारे जीवन चला रहा था, लेकिन किस्मत को शायद यह भी मंजूर नहीं था।

कुछ साल बाद बीमारी के चलते उसके मझले बेटे की मौत हो गई। यह सदमा बुजुर्ग के लिए बेहद गहरा था, लेकिन वह खुद को संभाल ही रहा था कि करीब एक साल पहले बड़े बेटे ने भी बीमारी के कारण दम तोड़ दिया। इस तरह दो बेटों और पत्नी की मौत के बाद बुजुर्ग पूरी तरह टूट चुका था।

तीसरा बेटा बना जीवन का आखिरी सहारा

दो बेटों और पत्नी को खोने के बाद बुजुर्ग के जीवन का एकमात्र सहारा उसका छोटा बेटा नारूराम था। वही उसकी देखभाल करता था और परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था। गांव में लोग मानते थे कि यही बेटा बुजुर्ग के बुढ़ापे का सहारा बनेगा, लेकिन नियति ने इस उम्मीद को भी छीन लिया।

डंपर हादसे में युवक की दर्दनाक मौत

ग्राम कोटड़ी लुहारवास के बस स्टैंड पर 30 वर्षीय नारूराम खड़ा था, जब तेज रफ्तार डंपर ने उसे कुचल दिया। घटना इतनी गंभीर थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की खबर मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। जब यह सूचना बुजुर्ग पिता को मिली तो वह फूट-फूटकर रो पड़ा। गांव वालों का कहना है कि बेटे की लाश देखकर पिता खुद को संभाल नहीं पा रहा था। जिसने अब तक जीवन में इतना कुछ सहा था, उसके लिए यह दर्द असहनीय साबित हो रहा है।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सड़क पर जाम

हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने बस स्टैंड के पास आम रास्ते पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने डंपर चालक की तुरंत गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की।

गुस्साए ग्रामीणों ने मृतक का शव उठाने से भी मना कर दिया। उनका कहना था कि जब तक आरोपी चालक को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तब तक वे सड़क से जाम नहीं हटाएंगे। मौके पर पुलिस को बुलाया गया और लोगों को समझाने की कोशिश की गई।

बुजुर्ग के भविष्य पर सवाल

इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो गया है कि अब इस बुजुर्ग का जीवन किस सहारे चलेगा। पत्नी और तीनों बेटों को खोने के बाद वह पूरी तरह अकेला रह गया है। गांव के लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि बुजुर्ग को आर्थिक सहायता और न्याय दिलाया जाए, ताकि वह इस असहनीय पीड़ा के बीच किसी तरह जीवन जी सके।

यह घटना न सिर्फ एक सड़क हादसा है, बल्कि एक पूरे परिवार के पूरी तरह उजड़ जाने की दर्दनाक कहानी भी है।

Leave a comment