घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 570.59 अंक टूटकर 71,909.70 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 198.50 अंक गिरकर 22,421.95 पर आ गया।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार के दौरान भारी बिकवाली देखने को मिली। सप्ताह के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुए। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा। सुबह कमजोर शुरुआत के बाद दोपहर में बिकवाली तेज हो गई, जिससे प्रमुख सूचकांकों में गिरावट और बढ़ गई। हालांकि, कारोबार के अंतिम घंटों में बाजार ने कुछ नुकसान की भरपाई की, लेकिन दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद होने में नाकाम रहे।
कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 570.59 अंक यानी करीब 0.79 फीसदी गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 सूचकांक 198.50 अंक यानी लगभग 0.88 फीसदी टूटकर 22,421.95 के स्तर पर आ गया।
कारोबार के दौरान 950 अंक से ज्यादा टूटा सेंसेक्स
गुरुवार को बाजार की शुरुआत ही कमजोरी के साथ हुई। दिन बढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव बढ़ा और दोपहर तक सेंसेक्स 950 अंक से अधिक नीचे चला गया। निवेशकों की ओर से शेयरों में मुनाफावसूली और बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव बना रहा। हालांकि, दिन के निचले स्तरों से कुछ खरीदारी देखने को मिली। इससे सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी शुरुआती गिरावट का एक हिस्सा कम किया। इसके बावजूद बाजार में तेजी लौट नहीं सकी और दोनों सूचकांक लाल निशान में बंद हुए।
शेयर बाजार में इस तरह की गिरावट का असर निवेशकों के पोर्टफोलियो पर भी पड़ता है। बाजार की दिशा तय करने में वैश्विक संकेत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें और आर्थिक आंकड़े जैसे कई कारक भूमिका निभाते हैं।
सितंबर में GST संग्रह 2.04 लाख करोड़ रुपये के पार

शेयर बाजार में गिरावट के बीच अर्थव्यवस्था से जुड़ी एक सकारात्मक खबर सामने आई। सरकार के जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में भारत का सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह सालाना आधार पर 14.7 फीसदी बढ़कर 2.04 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह आंकड़ा पिछले साल के सितंबर महीने की तुलना में बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है।
घरेलू आर्थिक गतिविधियों से मिलने वाला सकल GST संग्रह सालाना आधार पर 10.1 फीसदी बढ़कर करीब 1.38 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं, आयात से प्राप्त GST राजस्व में अधिक तेजी दर्ज की गई। इस मद में संग्रह 26 फीसदी बढ़कर 65,525 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। GST संग्रह में वृद्धि को आर्थिक गतिविधियों, वस्तुओं और सेवाओं की खपत तथा कर अनुपालन से जुड़े रुझानों के संकेतक के रूप में देखा जाता है। हालांकि, केवल कर संग्रह के आंकड़ों के आधार पर अर्थव्यवस्था की पूरी स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता।
GST रिफंड में गिरावट, शुद्ध संग्रह में बढ़ोतरी
सितंबर में GST रिफंड की राशि में सालाना आधार पर करीब 3 फीसदी की कमी दर्ज की गई। इस दौरान कुल रिफंड 27,001 करोड़ रुपये रहा। रिफंड को घटाने के बाद शुद्ध GST संग्रह 1.76 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 18.1 फीसदी अधिक है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर के दौरान भी शुद्ध GST संग्रह में बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस अवधि में शुद्ध संग्रह सालाना आधार पर 11.6 फीसदी बढ़कर 12.46 लाख करोड़ रुपये हो गया।










