भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को तेज गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 500 अंक तक लुढ़का और निफ्टी 25,900 के नीचे फिसल गया। कमजोर वैश्विक संकेत, रुपये की रिकॉर्ड गिरावट और FII बिकवाली से बाजार पर दबाव बना।
Stock Market: मंगलवार, 16 दिसंबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार ने कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत की। एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा। शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों का सेंटिमेंट दबाव में दिखा और प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में फिसल गए। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और डॉलर के मुकाबले रुपये की रिकॉर्ड गिरावट ने बाजार की धारणा को और कमजोर कर दिया।
सेंसेक्स में दिनभर दबाव
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स गिरावट के साथ 85,025 के स्तर पर खुला। बाजार खुलते ही बिकवाली तेज हो गई और कुछ ही देर में सेंसेक्स 500 अंक तक लुढ़क गया। दोपहर 2 बजे के आसपास सेंसेक्स 346.56 अंक या करीब 0.41 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84,866.80 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। मेटल, बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में भारी दबाव देखने को मिला, जिससे बाजार संभल नहीं पाया।
निफ्टी 25,900 के नीचे, टेक्निकल लेवल टूटा
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी गिरावट के साथ 25,951 पर खुला। शुरुआती सत्र में ही निफ्टी 25,900 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया, जिससे शॉर्ट टर्म निवेशकों में चिंता बढ़ गई। दोपहर 2 बजे निफ्टी 116.30 अंक या 0.45 प्रतिशत टूटकर 25,911 के आसपास ट्रेड कर रहा था। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक 25,900 का स्तर टूटना टेक्निकल तौर पर कमजोर संकेत माना जा रहा है, जिससे आगे और दबाव बन सकता है।
रुपया ऑल टाइम लो पर
शेयर बाजार की गिरावट के पीछे रुपये की कमजोरी भी एक बड़ा कारण रही। मंगलवार को इंट्रा-डे कारोबार में रुपया 36 पैसे टूटकर डॉलर के मुकाबले पहली बार 91 के पार चला गया। सुबह करीब 11.45 बजे रुपया 91.14 प्रति डॉलर पर ट्रेड कर रहा था, जो इसका अब तक का सबसे निचला स्तर है। दिलचस्प बात यह है कि व्यापार घाटा घटने के बावजूद रुपये को कोई सहारा नहीं मिला।
पिछले 10 कारोबारी सत्रों में रुपया 90 से फिसलकर 91 प्रति डॉलर तक पहुंच चुका है। सिर्फ पिछले पांच सत्रों में ही रुपये में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर बनी अनिश्चितता ने रुपये पर दबाव बनाए रखा है।
FII बिकवाली से बाजार का सेंटिमेंट कमजोर
विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। इसी वजह से इक्विटी और करेंसी दोनों बाजारों पर दबाव बना हुआ है। जब विदेशी निवेशक शेयर बेचते हैं, तो डॉलर की मांग बढ़ती है और इसका असर सीधे रुपये पर पड़ता है। कमजोर रुपया आयात लागत बढ़ाता है और कंपनियों की लागत पर असर डालता है, जिससे शेयर बाजार में नेगेटिव सेंटिमेंट बनता है।
ग्लोबल मार्केट्स से मिले कमजोर संकेत
वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई शेयर बाजारों में भी मंगलवार को गिरावट देखने को मिली। वॉल स्ट्रीट में आई कमजोरी का असर एशिया पर साफ नजर आया। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1.27 प्रतिशत टूट गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स लगातार दूसरे सत्र में नुकसान में रहा और करीब 0.75 प्रतिशत गिरा। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी एएसएक्स 200 इंडेक्स लगभग सपाट रहा, लेकिन कुल मिलाकर एशिया का माहौल कमजोर ही बना रहा।
वॉल स्ट्रीट की गिरावट ने बढ़ाई चिंता
अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशक आने वाले दिनों में जारी होने वाले अहम आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के संकेतों को लेकर सतर्क दिखे। अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों से भी निवेशक पैसा निकालते नजर आए। एसएंडपी 500 इंडेक्स शुरुआती बढ़त गंवाकर 0.16 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.09 प्रतिशत की हल्की गिरावट दर्ज की गई, जबकि टेक शेयरों वाला नैस्डैक कंपोजिट 0.59 प्रतिशत टूट गया।
मेटल और फाइनेंशियल शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
घरेलू बाजार में मेटल और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। ग्लोबल ग्रोथ को लेकर चिंता और कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर मेटल शेयरों पर पड़ा। वहीं बैंकिंग और एनबीएफसी शेयरों में भी मुनाफावसूली देखी गई। निवेशकों ने जोखिम से बचने के लिए इन सेक्टरों में बिकवाली को तरजीह दी।
IPO सेगमेंट में हलचल, KSH International IPO खुला
गिरते बाजार के बीच प्राइमरी मार्केट में भी हलचल बनी हुई है। मैग्नेट वाइंडिंग वायर बनाने वाली कंपनी केएसएच इंटरनेशनल का IPO मंगलवार को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए 710 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इसमें फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल दोनों शामिल हैं। IPO के लिए प्राइस बैंड 365 से 384 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।
SME IPO में आज आखिरी मौका
एसएमई सेगमेंट में भी निवेशकों के लिए आज अहम दिन है। स्टैनबिक एग्रो IPO, एक्सिम रूट्स IPO और अश्विनी कंटेनर मूवर्स IPO आज सब्सक्रिप्शन के आखिरी दिन में हैं। वहीं नेपच्यून लॉजिटेक IPO सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन में प्रवेश कर चुका है। एचआरएस एलुग्लेज IPO और पजसन एग्रो इंडिया IPO का अलॉटमेंट आधार भी आज तय किया जाएगा।











