शकील अहमद का बड़ा दावा! 'कांग्रेस में जान को खतरा', राहुल गांधी पर साधा निशाना

पूर्व सांसद शकील अहमद ने दावा किया कि कांग्रेस नेतृत्व ने उन पर हमला कराने का आदेश दिया। राहुल गांधी पर आरोपों और पार्टी में बढ़ती हलचल पर पढ़ें पूरी खबर।

पूर्व कांग्रेस सांसद शकील अहमद ने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व ने उनकी जान को खतरे में डालने का आदेश दिया है। राहुल गांधी पर उनके पुराने आरोपों के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई और विवाद और गहरा हुआ है।

New Delhi: कांग्रेस के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता रहे शकील अहमद ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए अपनी जान को खतरा बताया है। उनका कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व की ओर से उन पर हमले का आदेश दिया गया है और यह हमला उनके पटना या मधुबनी स्थित आवास पर कराया जा सकता है। शकील अहमद का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब उन्होंने हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘डरपोक’ कहा था। इस बयान के बाद से ही राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और अब उनके नए आरोपों ने विवाद को और गहरा कर दिया है।

शकील अहमद का कहना है कि उन्हें कांग्रेस के भीतर मौजूद कुछ पुराने सहयोगियों ने गुप्त रूप से यह जानकारी दी है कि उनकी सुरक्षा खतरे में है। उनके अनुसार यह पूरा मामला लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और असहमति जताने की सजा उन्हें डर और धमकी के रूप में दी जा रही है।

राहुल गांधी पर टिप्पणी के बाद बदला माहौल

बिहार से तीन बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके शकील अहमद ने कुछ दिन पहले राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला था। उन्होंने राहुल गांधी को असुरक्षित और डरपोक नेता बताते हुए आरोप लगाया था कि वह केवल उन्हीं युवा नेताओं को आगे बढ़ाते हैं जो उनकी तारीफ करते हैं और पार्टी में उनकी चापलूसी करते हैं।

शकील अहमद के इस बयान के बाद कांग्रेस के भीतर असंतोष की चर्चा तेज हो गई थी। पार्टी के कई नेताओं ने उनके बयान को अनुचित बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे पार्टी के अंदरूनी लोकतंत्र से जुड़ा सवाल करार दिया। इसी बीच अब शकील अहमद ने अपनी जान को खतरा बताते हुए नया मोड़ दे दिया है।

सोशल मीडिया पर किया गंभीर आरोप

शकील अहमद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर कर दावा किया कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने उन पर हमले का आदेश दिया है। उन्होंने लिखा कि उन्हें यह जानकारी पार्टी के भीतर से ही मिली है और यह हमला किसी भी वक्त कराया जा सकता है।

शकील अहमद का बड़ा दावा! 'कांग्रेस में जान को खतरा', राहुल गांधी पर साधा निशाना

उन्होंने अपने पोस्ट में साफ तौर पर कहा कि यह पूरा घटनाक्रम लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है। शकील के अनुसार किसी नेता द्वारा अपनी बात रखना अपराध नहीं हो सकता और अगर ऐसा है तो यह राजनीति के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।

व्हाट्सएप चैट से और भड़का विवाद

अपने दावे को मजबूत करने के लिए शकील अहमद ने X पर एक और पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने एक व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट सार्वजनिक किया। इस चैट में कथित तौर पर एक व्यक्ति राहुल गांधी के बारे में अपशब्द कहने के लिए शकील अहमद को नुकसान पहुंचाने की बात कर रहा है।

इस चैट को साझा करते हुए शकील ने लिखा कि अब उनकी जानकारी बिल्कुल सही साबित हो रही है। उन्होंने कांग्रेस के पुराने साथियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि बिहार में एक कहावत है कि पुराने दोस्त ही मुश्किल समय में काम आते हैं। इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह सब राहुल गांधी के आदेश के बिना हो रहा है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मिल रही धमकियों का दावा

शकील अहमद के अनुसार उन्हें लगातार कांग्रेस से जुड़े लोगों के फोन आ रहे हैं। इन कॉल्स में उन्हें बताया जा रहा है कि कुछ कार्यकर्ताओं को उन पर हमले का निर्देश मिला है। शकील ने सवाल उठाया कि अगर ऐसा है तो इसके पीछे किसका हाथ है।

उन्होंने कहा कि भले ही राहुल गांधी पर दिया गया उनका बयान किसी को पसंद न आया हो, लेकिन उन्हें अपने विचार रखने का पूरा अधिकार है। शकील का कहना है कि उन्होंने कोई गैरकानूनी या अनैतिक काम नहीं किया है और इसके बावजूद अगर उन्हें डराया जा रहा है तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।

शकील अहमद का बड़ा दावा! 'कांग्रेस में जान को खतरा', राहुल गांधी पर साधा निशाना

राहुल गांधी पर लगाए गए पुराने आरोप

शकील अहमद ने इससे पहले राहुल गांधी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र खत्म हो चुका है और फैसले एकतरफा लिए जा रहे हैं। शकील के मुताबिक राहुल गांधी वरिष्ठ नेताओं की बात नहीं सुनते और यह मानकर चलते हैं कि पार्टी अपनी राष्ट्रीय मौजूदगी के कारण कभी कमजोर नहीं होगी।

उन्होंने राहुल को तानाशाही और गैर-लोकतांत्रिक रवैये वाला नेता बताते हुए कहा था कि पार्टी में सिर्फ हां में हां मिलाने वालों को आगे बढ़ाया जा रहा है। यही वजह है कि कई अनुभवी नेता खुद को हाशिए पर महसूस कर रहे हैं।

कांग्रेस छोड़ने का पुराना फैसला

शकील अहमद का कांग्रेस से नाता नया नहीं है। उन्होंने दशकों तक पार्टी के लिए काम किया और बिहार की राजनीति में एक मजबूत चेहरा रहे। वह तीन बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा वह 2000 से 2003 तक बिहार प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष भी रहे हैं।

2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के बाद शकील अहमद ने कांग्रेस छोड़ दी थी। उस वक्त उन्होंने कहा था कि पार्टी अब उस रास्ते पर नहीं चल रही है जिस पर चलकर उसने कभी देश की राजनीति में अहम भूमिका निभाई थी। उनके कांग्रेस छोड़ने के फैसले को भी आंतरिक मतभेदों से जोड़कर देखा गया था।

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