सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अभिनेता श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ को धोखाधड़ी से जुड़े मामले में बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कहा कि दोनों की गिरफ्तारी तब तक नहीं की जाएगी, जब तक इस मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अभिनेता श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने कोऑपरेटिव सोसाइटी से जुड़े धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के मामलों में जांच पूरी होने तक दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने श्रेयस तलपड़े की याचिका पर सुनवाई करते हुए पहले से मिली गिरफ्तारी से सुरक्षा को जारी रखने का आदेश दिया। इसके अलावा कोर्ट उन याचिकाओं पर भी सुनवाई कर रहा है, जिनमें दोनों एक्टर्स ने अलग-अलग राज्यों में दर्ज FIR को एक साथ जोड़ने की मांग की है।
मामला क्या है?
यह विवाद हरियाणा के सोनीपत निवासी विपुल अंतिल की शिकायत से जुड़ा है। उनकी शिकायत पर 22 जनवरी को FIR दर्ज की गई थी, जिसमें कुल 13 लोगों के नाम शामिल हैं। आरोप है कि इन लोगों ने ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड को प्रमोट किया। पुलिस के मुताबिक, सोसाइटी ने वित्तीय योजनाओं के माध्यम से आम जनता को निवेश के लिए आकर्षित किया, लेकिन बाद में लोगों को नुकसान हुआ।
मशहूर चेहरों के नाम जुड़ने से आम लोग सोसाइटी में निवेश करने के लिए प्रभावित हुए। इस FIR में तलपड़े और आलोक नाथ के अलावा कई अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं। FIR भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 316(2), 318(2) और 318(4) के तहत दर्ज की गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ की याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट ने तलपड़े की गिरफ्तारी से सुरक्षा को जांच पूरी होने तक जारी रखने का आदेश दिया। कोर्ट ने इस दौरान एक अहम सवाल भी उठाया कि क्या किसी विज्ञापन या ब्रांड एंबेसडर के रूप में जुड़े अभिनेता या खिलाड़ी को तब जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जब बाद में कंपनी धोखाधड़ी में शामिल पाए जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों एक्टर्स द्वारा दर्ज याचिकाओं की भी सुनवाई की, जिसमें उन्होंने अलग-अलग राज्यों में दर्ज FIR को एक साथ जोड़ने की मांग की थी। श्रेयस तलपड़े के वकील ने कहा कि अभिनेता केवल कंपनी के एक वार्षिक कार्यक्रम में मेहमान के रूप में गए थे। उन्हें सोसाइटी के कामकाज या पैसों की किसी गतिविधि की जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने किसी तरह की आर्थिक लाभ कमाया।
वहीं आलोक नाथ के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले लगभग 10 सालों से सोसाइटी उनकी तस्वीर का बिना अनुमति उपयोग कर रही थी। अब इस मामले की जांच जारी रहेगी और जांच एजेंसियां यह निर्धारित करेंगी कि श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ की भूमिका क्या थी। सुप्रीम कोर्ट की राहत के चलते फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं की जाएगी।












