संजय राउत का बड़ा दावा: NCP के 25-30 विधायक बीजेपी में जा सकते हैं, सुनेत्रा पवार की बढ़ी टेंशन

Sanjay Raut ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि Nationalist Congress Party के 25-30 विधायक Bharatiya Janata Party में शामिल हो सकते हैं। इससे Sunetra Pawar की राजनीतिक

Shiv Sena UBT के राज्यसभा सांसद Sanjay Raut ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि Nationalist Congress Party (NCP) भविष्य में टूट जाएगी और पूरी तरह से बिखर जाएगी।

मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने हाल ही में एक बड़ा राजनीतिक दावा किया है। राउत का कहना है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) भविष्य में टूट सकती है और इसके कई विधायक भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लगभग 25 से 30 विधायक सीधे बीजेपी में जा सकते हैं।

संजय राउत ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब महाराष्ट्र की बारामती लोकसभा सीट पर उपचुनाव होने वाला है। यह सीट हाल ही में अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई है। बारामती को पवार परिवार का गढ़ माना जाता है और इस सीट से सुनेत्रा पवार उपचुनाव में मैदान में उतरेंगी।

राउत ने विधायक संख्या तक बताई

संजय राउत ने कहा कि एनसीपी के साथ ही एकनाथ शिंदे गुट के विधायक भी बड़ी संख्या में बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जलगांव के लगभग सभी विधायक गिरीश महाजन के नेतृत्व में बीजेपी में जाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में हलचल का कारण बन गया है और बारामती उपचुनाव को लेकर विपक्षी दलों के रणनीति पर असर डाल सकता है।

अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को एनसीपी का अध्यक्ष बनाया गया। उन्हें पार्टी की सर्वोच्च जिम्मेदारी मिली और अब वह पार्टी को उपचुनाव में नेतृत्व देने जा रही हैं। बारामती सीट उनके राजनीतिक करियर के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि यह सीट पवार परिवार का गढ़ है। संजय राउत के बयान से सुनेत्रा पवार और एनसीपी के नेताओं की चिंता बढ़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी की रणनीति, सहयोगी दलों के भीतर मतभेद पैदा करने और उनमें दरार डालने पर केंद्रित है।

बारामती उपचुनाव और राजनीतिक माहौल

बारामती सीट पर उपचुनाव 23 अप्रैल 2026 को होने वाले हैं। इस सीट पर कुल 30 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। एनसीपी की कोशिश है कि उपचुनाव निर्विरोध हो ताकि पार्टी की साख बनी रहे। वहीं, शिवसेना के नेता और महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि अजित पवार के निधन के बाद इस सीट पर निर्विरोध चुनाव होना चाहिए। उनका कहना है कि किसी अन्य पार्टी को उम्मीदवार नहीं उतारना चाहिए।

संजय शिरसाट ने आगे कहा, "कांग्रेस को भी अपना उम्मीदवार नहीं देना चाहिए। अगर उम्मीदवार खड़ा किया गया, तो यह गलत संदेश जाएगा। यह महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा का हिस्सा है कि वरिष्ठ नेताओं के निधन के बाद उनके गढ़ में निर्वाचन सम्मान के साथ होना चाहिए।"

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