परिचय बहुत समय पहले की बात है एक दूर देश में एक रानी रहती थी। वह बहुत दयालु थी। एक दिन उसने ईश्वर से प्रार्थना की कि उसे एक ऐसी बेटी मिले जिसकी त्वचा बर्फ जैसी सफेद हो होंठ खून जैसे लाल हों और बाल आबनूस की लकड़ी जैसे काले हों। कुछ समय बाद रानी ने एक सुंदर बच्ची को जन्म दिया जिसका नाम स्नो व्हाइट रखा गया। लेकिन दुख की बात यह थी कि बच्ची के जन्म के कुछ ही दिनों बाद रानी की मृत्यु हो गई। राजा ने बच्ची की देखभाल के लिए दूसरी शादी कर ली। नई रानी बहुत सुंदर थी लेकिन वह बहुत घमंडी और ईर्ष्यालु स्वभाव की थी।
कहानी
नई रानी के पास एक जादुई आईना था। वह हर रोज़ आईने के सामने खड़ी होती और पूछती कि इस दुनिया में सबसे सुंदर कौन है। आईना हमेशा जवाब देता कि रानी तुम ही इस दुनिया में सबसे सुंदर हो। यह सुनकर रानी बहुत खुश होती थी क्योंकि वह जानती थी कि जादुई आईना कभी झूठ नहीं बोलता। समय बीतता गया और स्नो व्हाइट बड़ी होने लगी। वह दिन-प्रतिदिन और भी ज्यादा सुंदर और दयालु होती गई।
एक दिन जब रानी ने आईने से अपना वही सवाल पूछा तो आईने ने जवाब दिया कि रानी तुम सुंदर हो लेकिन स्नो व्हाइट अब तुमसे भी ज्यादा सुंदर है। यह सुनकर रानी ईर्ष्या से जल-भुन गई। उसने अपने एक शिकारी को बुलाया और आदेश दिया कि वह स्नो व्हाइट को जंगल में ले जाकर मार डाले। शिकारी स्नो व्हाइट को जंगल में ले गया लेकिन स्नो व्हाइट की मासूमियत देखकर उसका दिल पसीज गया। उसने स्नो व्हाइट को नहीं मारा और उसे जंगल में दूर भाग जाने को कहा ताकि रानी उसे ढूंढ न सके।
स्नो व्हाइट घने जंगल में भागती रही और शाम होते-होते वह बहुत थक गई। तभी उसे एक छोटा सा घर दिखाई दिया। वह घर के अंदर गई तो देखा कि वहां हर चीज़ बहुत छोटी थी। वहां सात छोटी कुर्सियां और सात छोटे बिस्तर लगे हुए थे। स्नो व्हाइट ने घर की सफाई की कुछ खाना खाया और थककर एक बिस्तर पर सो गई।
वह घर सात बौनों का था जो पास की खान में काम करते थे। जब वे शाम को वापस आए तो उन्होंने देखा कि एक सुंदर लड़की उनके घर में सो रही है। जब स्नो व्हाइट जागी तो उसने बौनों को अपनी सारी कहानी बताई। बौनों को उस पर दया आ गई और उन्होंने उसे अपने साथ रहने की अनुमति दे दी। स्नो व्हाइट उनके लिए खाना बनाती और घर का ख्याल रखती थी।
उधर महल में रानी ने फिर से आईने से पूछा कि सबसे सुंदर कौन है। आईने ने बताया कि स्नो व्हाइट अभी भी जीवित है और वह सात बौनों के साथ जंगल में रह रही है। रानी गुस्से से पागल हो गई। उसने एक बूढ़ी औरत का भेष बनाया और एक जहरीला लाल सेब तैयार किया। वह जंगल में बौनों के घर पहुँची।
बौनों ने स्नो व्हाइट को किसी अजनबी के लिए दरवाजा खोलने से मना किया था लेकिन बूढ़ी औरत ने बड़ी चालाकी से स्नो व्हाइट को वह लाल चमकदार सेब दिखा दिया। स्नो व्हाइट को लगा कि वह एक साधारण बूढ़ी औरत है इसलिए उसने सेब ले लिया। जैसे ही उसने सेब का एक टुकड़ा खाया वह बेहोश होकर ज़मीन पर गिर पड़ी। रानी यह देखकर बहुत खुश हुई और वापस महल चली गई।
जब बौने वापस आए तो उन्होंने स्नो व्हाइट को ज़मीन पर पड़ा देखा। उन्होंने उसे उठाने की बहुत कोशिश की लेकिन वह नहीं जागी। वे बहुत रोए। स्नो व्हाइट इतनी सुंदर लग रही थी कि उन्होंने उसे ज़मीन में दफनाने के बजाय एक काँच के ताबूत में रख दिया ताकि वे उसे हमेशा देख सकें। वे रोज़ उसके पास बैठते और उसकी रखवाली करते।
एक दिन एक राजकुमार जंगल से गुजर रहा था। उसने काँच के ताबूत में स्नो व्हाइट को देखा और उसकी सुंदरता पर मोहित हो गया। राजकुमार ने बौनों से विनती की कि वे उसे वह ताबूत ले जाने दें क्योंकि वह स्नो व्हाइट से प्यार करने लगा था। बौनों ने राजकुमार का सच्चा प्रेम देखकर हामी भर दी।
जैसे ही राजकुमार के सेवकों ने ताबूत को उठाया उनमें से एक का पैर फिसल गया और ताबूत को झटका लगा। झटके के कारण स्नो व्हाइट के गले में फंसा जहरीले सेब का टुकड़ा बाहर निकल आया। स्नो व्हाइट ने अपनी आँखें खोल दीं। वह फिर से जीवित हो गई थी। राजकुमार और बौने खुशी से झूम उठे। राजकुमार स्नो व्हाइट को अपने महल ले गया और दोनों ने शादी कर ली। जब दुष्ट रानी को यह पता चला तो उसे इतना गहरा सदमा लगा कि वह बीमार पड़ गई और उसका अंत हो गया।
सीख
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि ईर्ष्या और घमंड इंसान का विनाश कर देते हैं। रानी अपनी सुंदरता के घमंड और स्नो व्हाइट से जलन के कारण कभी खुश नहीं रह पाई और अंत में उसका बुरा हाल हुआ। दूसरी ओर स्नो व्हाइट की सुंदरता केवल उसके चेहरे में नहीं बल्कि उसके साफ दिल और दयालु स्वभाव में थी जिसके कारण उसे अच्छे दोस्त और सच्चा प्यार मिला। सच्ची सुंदरता इंसान के अच्छे कर्मों और व्यवहार में होती है।













