लोकसभा में उस समय माहौल गरमा गया जब अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बिहार के दो सांसदों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव बोल रहे थे, तभी बेगूसराय से बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने उन्हें बीच में टोक दिया।
पटना: लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बिहार के दो प्रमुख सांसदों, पूर्णिया से निर्दलीय पप्पू यादव और बेगूसराय से भाजपा के गिरिराज सिंह, के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। यह बहस तब और जोर पकड़ गई जब पप्पू यादव ने गिरिराज सिंह पर तंज करते हुए कहा कि “वे मेरे घर आकर भूंजा खाते थे और अब चुनाव में मेरी चुनौती स्वीकार करें।”
पप्पू यादव ने इस अवसर पर गिरिराज सिंह को चुनौती दी कि अगर उन्हें हिम्मत है तो स्वतंत्र चुनाव लड़कर जीतकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि कई नेता पार्टी के नाम पर जीतते हैं, लेकिन असली ताकत जनता के समर्थन में होती है। उनके इस बयान के बाद सदन में कुछ देर शोरगुल और हंगामा देखने को मिला।
अविश्वास प्रस्ताव पर बहस में हुई तीखी नोकझोंक
बहस के दौरान पप्पू यादव बोल रहे थे कि तभी गिरिराज सिंह ने उन्हें बीच में टोक दिया। इससे नाराज होकर पप्पू यादव ने गिरिराज सिंह पर तीखा हमला बोल दिया। दोनों नेताओं के बीच लगभग कुछ मिनटों तक बहस चलती रही। स्थिति को देखते हुए उपसभापति जगदंबिका पाल को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने दोनों सांसदों से शांत रहने और चर्चा को विषय के अनुरूप रखने का आग्रह किया।
पप्पू यादव ने गिरिराज सिंह पर तंज करते हुए यह भी कहा कि जब वह पांच बार सांसद बन चुके थे, उस समय गिरिराज सिंह पैदा भी नहीं हुए थे। इस टिप्पणी ने सदन में माहौल को और गरम कर दिया।

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार पर भी हुई बहस
गिरिराज सिंह ने पप्पू यादव से सवाल किया कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वे कहां थे। इस पर पप्पू यादव ने कहा कि वह उस समय मंत्रिमंडल का हिस्सा थे और फेडरल डेमोक्रेटिक पार्टी उस समय सरकार में शामिल थी। उन्होंने यह भी बताया कि 1990 से लगातार वह संसदीय जीवन में सक्रिय हैं और कई महत्वपूर्ण नेताओं के साथ काम करने का मौका मिला, जिनमें मुलायम सिंह यादव और चंद्रशेखर जैसे नाम शामिल हैं
जब बहस और अधिक तीखी होती गई, तब उपसभापति जगदंबिका पाल ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों नेताओं को याद दिलाया कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है और सदन का माहौल बनाए रखना आवश्यक है। उनके हस्तक्षेप के बाद पप्पू यादव ने अपने भाषण को विषय पर केंद्रित किया और सदन का माहौल धीरे-धीरे सामान्य हुआ।
पप्पू यादव और गिरिराज सिंह
पूर्णिया से सात बार सांसद रहे पप्पू यादव की छवि बिहार की राजनीति में एक प्रभावशाली और बेबाक नेता के रूप में मानी जाती है। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने पूर्णिया से निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत दर्ज कर फिर से संसद में प्रवेश किया। वह विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय व्यक्त करते हैं और उनके विचार अक्सर मीडिया में प्रमुखता से उठते हैं।
बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह भाजपा के फायरब्रांड नेताओं में गिने जाते हैं। पहली बार 2014 में नवादा से लोकसभा पहुंचे, उन्होंने 2019 में प्रधानमंत्री Narendra Modi के मंत्रिमंडल में जगह बनाई। इसके अलावा, वह बिहार सरकार में मंत्री और एमएलसी भी रह चुके हैं। उनका राजनीतिक करियर सक्रिय और विवादित मुद्दों में मुखर रहने के लिए जाना जाता है।










