कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच 18 दिसंबर को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में रहे। एशियाई बाजारों की कमजोरी और टेक शेयरों में बिकवाली से निवेशकों की सतर्कता बढ़ी।
Stock Market: वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच गुरुवार 18 दिसंबर को भारतीय शेयर बाजार ने गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। एशियाई बाजारों में दबाव और अमेरिका से आई नकारात्मक धारणा का असर घरेलू बाजार पर साफ नजर आया। शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों का रुख सतर्क दिखा, जिससे प्रमुख सूचकांक लाल निशान में फिसल गए। बाजार में यह संकेत मिला कि फिलहाल जोखिम लेने की बजाय निवेशक हालात को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
Sensex Opening: शुरुआती मिनटों में दबाव
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ 84,518 अंक पर खुला। बाजार खुलते ही इसमें कमजोरी देखने को मिली। सुबह 9:20 बजे सेंसेक्स 160.74 अंक या 0.19 फीसदी की गिरावट के साथ 84,398.91 के स्तर पर ट्रेड करता नजर आया। बैंकिंग, आईटी और टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा, जिसने सेंसेक्स को नीचे की ओर खींचा।
Nifty Movement: 25800 के नीचे फिसला
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी गिरावट के साथ खुला। निफ्टी 25,764 के स्तर पर खुलने के बाद और नीचे फिसल गया। सुबह 9:21 बजे यह 53.85 अंक या 0.21 फीसदी की गिरावट के साथ 25,789 पर कारोबार करता दिखा। निफ्टी का 25,800 के नीचे जाना तकनीकी रूप से निवेशकों के लिए चिंता का संकेत माना जा रहा है, क्योंकि इससे बाजार में आगे और दबाव बनने की आशंका जताई जा रही है।
Market Expert View: टेक्निकल कमजोरी का संकेत
मेहता इक्विटीज लिमिटेड में सीनियर वीपी रिसर्च प्राशांत टैप्से के अनुसार, अमेरिकी बाजारों में आई तेज गिरावट और उसके बाद एशियाई बाजारों में कमजोरी के कारण घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती दबाव देखने को मिला। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से निफ्टी का निकट-कालिक रुझान कमजोर बना हुआ है। निफ्टी अभी भी अपने ऑल टाइम हाई स्तर 26,326 से नीचे ही बना हुआ है और हर छोटी बढ़त पर बिकवाली हावी हो रही है।
Bearish Trend: सपोर्ट लेवल पर नजर
मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि फिलहाल बाजार में बियर्स की पकड़ मजबूत है। उन्होंने बताया कि निफ्टी के लिए 25,693 का स्तर एक अहम support level है। यदि निफ्टी इस स्तर के नीचे फिसलता है, तो बाजार में गिरावट और तेज हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बीते सत्र में एफआईआई की तरफ से नेट खरीदारी देखने को मिली थी और आरबीआई के समर्थन से रुपया भी मजबूत हुआ है। इसके बावजूद मौजूदा हालात में निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
Global Markets: एशियाई बाजारों में कमजोरी
वैश्विक संकेतों की बात करें तो गुरुवार को एशियाई शेयर बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली। वॉल स्ट्रीट में आई कमजोरी का असर एशिया पर साफ दिखा। निवेशक लगातार टेक्नोलॉजी शेयरों से दूरी बना रहे हैं और उनका ध्यान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगामी संबोधन पर टिका हुआ है। इस अनिश्चितता के माहौल ने बाजारों में दबाव बढ़ा दिया है।
Asian Indices: Nikkei और Kospi फिसले
जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 1.53 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया। दक्षिण कोरिया का Kospi भी 1.36 फीसदी नीचे रहा। वहीं ऑस्ट्रेलिया का S&P ASX 200 इंडेक्स 0.3 फीसदी की हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ। इन आंकड़ों से साफ है कि एशियाई बाजारों में निवेशकों का भरोसा फिलहाल कमजोर बना हुआ है।
Wall Street Close: टेक शेयरों में बिकवाली
अमेरिकी बाजारों में भी वॉल स्ट्रीट के प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। S&P 500 इंडेक्स में 1.16 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Nasdaq Composite सबसे ज्यादा टूटा और इसमें 1.81 फीसदी की गिरावट आई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI से जुड़े कारोबार को लेकर बनी चिंताओं के चलते टेक्नोलॉजी शेयरों पर खासा दबाव देखने को मिला। इसके अलावा Dow Jones Industrial Average भी 0.47 फीसदी फिसलकर बंद हुआ।
IPO Update: प्राइमरी मार्केट में हलचल
प्राइमरी मार्केट की बात करें तो आईपीओ सेगमेंट में भी आज हलचल बनी हुई है। मेनबोर्ड कैटेगरी में KSH International IPO आज सब्सक्रिप्शन के लिए अपने आखिरी दिन में प्रवेश कर रहा है। एसएमई सेगमेंट में Phytochem Remedies India का पब्लिक इश्यू आज निवेश के लिए खुल रहा है। इसके अलावा Global Ocean Logistics India IPO और Mark Technocrats IPO आज सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन में हैं।
Listing News: आज होंगे नए शेयर सूचीबद्ध
आईपीओ निवेशकों के लिए आज लिस्टिंग से जुड़ी भी अहम खबर है। Neptune Logitec IPO का allotment basis आज तय किया जाएगा। वहीं HRS Aluglaze IPO और Pansan Agro India IPO आज डी-स्ट्रीट पर लिस्ट होने जा रहे हैं। इन लिस्टिंग्स पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है, क्योंकि इससे बाजार में सीमित लेकिन खास हलचल देखने को मिल सकती है।









