Stock Market Update में शुक्रवार को बाजार उतार-चढ़ाव भरा रहा। सेंसेक्स हल्की कमजोरी के साथ फिसला। निफ्टी 25900 के नीचे चला गया। अमेरिकी टैरिफ मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अनिश्चितता से निवेशक सतर्क दिखे।
Stock Market: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 9 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने उतार चढ़ाव भरे कारोबार के साथ शुरुआत की। शुरुआती सत्र में बाजार को रिलायंस इंडस्ट्रीज और चुनिंदा आईटी शेयरों में खरीदारी से सहारा मिला, लेकिन यह तेजी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई। निवेशकों की नजर अमेरिका से जुड़ी एक बड़ी कानूनी और नीतिगत घटना पर टिकी हुई है, जिसके चलते बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है। इसी वजह से शुरुआती बढ़त के बाद बाजार लगभग सपाट से हल्की गिरावट में फिसल गया।
सेंसेक्स का हाल
बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 84,022 अंक के स्तर पर गिरावट के साथ खुला। ओपनिंग के बाद कुछ मिनटों तक इसमें तेजी देखने को मिली, लेकिन जल्द ही मुनाफावसूली हावी हो गई। सुबह 9:24 बजे सेंसेक्स 29.52 अंक या 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 84,210.48 अंक पर कारोबार करता दिखा। हालांकि, इसके बाद दबाव बढ़ा और इंडेक्स फिर से कमजोर पड़ता नजर आया। बाजार जानकारों के मुताबिक, निवेशक बड़े ट्रिगर के इंतजार में फिलहाल आक्रामक पोजीशन लेने से बच रहे हैं।
निफ्टी 25900 के नीचे
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 (Nifty 50) भी कमजोरी के साथ 25,840 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 25900 के ऊपर गया, लेकिन यह स्तर कायम नहीं रह सका। सुबह 9:26 बजे निफ्टी 19.95 अंक या 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,856 अंक पर ट्रेड कर रहा था। टेक्निकल एनालिस्ट्स का कहना है कि 25900 का स्तर फिलहाल अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है और इसके ऊपर टिके रहने के लिए बाजार को मजबूत ग्लोबल संकेतों की जरूरत है।
निवेशकों की चिंता की वजह
भारतीय बाजार पर सबसे बड़ा दबाव अमेरिका से आ रही खबरों का है। निवेशक अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए व्यापक वैश्विक टैरिफ (Global Tariff) की वैधता को लेकर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट (US Supreme Court) के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। इस फैसले का असर सिर्फ अमेरिकी बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्लोबल ट्रेड और उभरते बाजारों की धारणा पर भी पड़ेगा। इसी अनिश्चितता के चलते निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
एशियाई बाजारों का रुख
शुक्रवार को एशियाई बाजारों में मिला जुला कारोबार देखने को मिला। निवेशकों की नजर चीन से आने वाले मुद्रास्फीति (Inflation) के आंकड़ों पर बनी हुई है। रॉयटर्स द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार, दिसंबर में चीन की उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति सालाना आधार पर 0.8 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो नवंबर में 0.7 प्रतिशत थी। इन आंकड़ों से यह संकेत मिलेगा कि चीन की अर्थव्यवस्था में मांग की स्थिति कैसी है, जिसका असर पूरे एशिया पर पड़ सकता है।
एशिया के प्रमुख इंडेक्स
जापान का बेंचमार्क निक्केई 225 (Nikkei 225) इंडेक्स 0.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। वहीं, दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 0.41 प्रतिशत गिरावट में रहा। ऑस्ट्रेलिया का एस एंड पी एएसएक्स 200 (S&P ASX 200) लगभग सपाट स्तर के आसपास थोड़ा नीचे कारोबार करता नजर आया। कुल मिलाकर एशियाई बाजारों से भारतीय बाजार को कोई स्पष्ट दिशा मिलती नहीं दिखी।
वॉल स्ट्रीट का मिला जुला संकेत
अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट (Wall Street) के प्रमुख इंडेक्स गुरुवार को मिला जुला रुख के साथ बंद हुए। टेक्नोलॉजी शेयरों से निवेशकों के हटने के चलते नैस्डैक कंपोजिट (Nasdaq Composite) 0.44 प्रतिशत गिर गया। वहीं, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) 0.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। एस एंड पी 500 (S&P 500) में मामूली तेजी रही और इसमें केवल 0.01 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इन संकेतों से साफ है कि वैश्विक निवेशक भी फिलहाल जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं।
भारतीय बाजार पर ग्लोबल असर
ग्लोबल बाजारों में अनिश्चितता का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ता दिख रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भी फिलहाल चयनात्मक खरीदारी कर रहे हैं। घरेलू निवेशक भी बड़े फैसलों से पहले सतर्कता बरत रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अमेरिका के टैरिफ मामले पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक बाजार सीमित दायरे में ही घूम सकता है।
IPO सेगमेंट में हलचल
IPO बाजार में शुक्रवार को अच्छी हलचल देखने को मिली। मेनबोर्ड सेगमेंट में कोल इंडिया की सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल का IPO 9 जनवरी 2026 से निवेश के लिए खुल गया है। यह ₹1,071.11 करोड़ का IPO है, जिसमें 465.7 मिलियन शेयरों की पेशकश की गई है। यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल (OFS) है, यानी इससे मिलने वाली रकम कंपनी के पास नहीं जाएगी बल्कि प्रमोटर कोल इंडिया को मिलेगी। इसके बावजूद निवेशकों में इस IPO को लेकर अच्छी दिलचस्पी देखी जा रही है।
एसएमई IPO अपडेट
एसएमई सेगमेंट में डेफ्रेल टेक्नोलॉजीज का IPO पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुल चुका है। वहीं, विक्ट्री इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इंटरनेशनल और यजुर फाइबर्स के IPO में आवेदन करने का आज अंतिम दिन है। इसके अलावा, गैबियन टेक्नोलॉजीज इंडिया के IPO के शेयरों का अलॉटमेंट आज फाइनल किया जाएगा। SME IPO सेगमेंट में निवेशक तेजी से अवसर तलाशते नजर आ रहे हैं।










