अभिनेत्री सिडनी स्वीनी एक नए विज्ञापन अभियान को लेकर विवादों में घिर गई हैं। अमेरिका की स्पोर्ट्स प्रेडिक्शन कंपनी नोविग के लिए बनाए गए इस अभियान में स्वीनी को अमेरिकी फुटबॉल, टेनिस, बेसबॉल और बास्केटबॉल से जुड़े अलग-अलग दृश्यों में बेहद कम कपड़ों में दिखाया गया है।
Sydney Sweeney Sports Ad Controversy: हॉलीवुड अभिनेत्री सिडनी स्वीनी एक नए स्पोर्ट्स विज्ञापन अभियान को लेकर विवादों में हैं। स्पोर्ट्स प्रेडिक्शन कंपनी नोविग के इस कैंपेन में स्वीनी को अमेरिकी फुटबॉल, टेनिस, बेसबॉल और बास्केटबॉल जैसे खेलों से जुड़े दृश्यों में ग्लैमरस अंदाज में दिखाया गया है। विज्ञापन सामने आने के बाद कई महिला एथलीटों ने इसकी आलोचना की है। उनका सवाल है कि महिला खेलों को लोकप्रिय बनाने के लिए खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों के बजाय उनके शरीर और आकर्षण को केंद्र में रखने की जरूरत क्यों महसूस की गई।
इस विवाद ने सोशल मीडिया पर भी जोर पकड़ लिया है। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत अलग-अलग देशों की महिला खिलाड़ियों ने अपने प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और खेल उपलब्धियों के वीडियो साझा करते हुए बताया कि उनके लिए खेल का वास्तविक अर्थ क्या है।
फेलिसिटी पाल्मेटियर ने जताई नाराजगी
ऑस्ट्रेलियाई सर्फर फेलिसिटी पाल्मेटियर इस अभियान की आलोचना करने वाली प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने इसे महिला खेलों की छवि के लिए नुकसानदायक बताया। उनके अनुसार, ऐसे विज्ञापन युवा लड़कियों और उन महिलाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं जो खेलों से जुड़ना चाहती हैं।पाल्मेटियर का कहना है कि महिला एथलीटों को उनके प्रदर्शन और क्षमताओं के लिए पहचान मिलनी चाहिए, न कि उनके रूप-रंग के आधार पर। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिला खेलों की पहचान खिलाड़ियों की मेहनत, प्रतिभा और उपलब्धियों से होनी चाहिए।

ओलंपिक चैंपियन एरियार्न टिटमस भी नाराज
ऑस्ट्रेलिया की ओलंपिक तैराक एरियार्न टिटमस ने भी सोशल मीडिया के जरिए इस अभियान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विज्ञापन देखने के बाद वह बेहद नाराज हुईं और उन्हें लगा कि यह उन महिलाओं की मेहनत को कमतर दिखाता है जिन्होंने अपने खेल को बेहतर बनाने में वर्षों लगाए हैं। टिटमस ने महिला खेलों से जुड़े मूल्यों का जिक्र करते हुए टीमवर्क, दोस्ती, समर्पण, उत्कृष्टता और एकता को महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, खेलों में महिलाओं की पहचान केवल उनकी उपस्थिति या आकर्षण से नहीं, बल्कि उनके प्रदर्शन से होनी चाहिए।
लानी पैलिस्टर और एमी हंट ने दिखाया ‘असली खेल’
ऑस्ट्रेलियाई तैराक लानी पैलिस्टर ने विज्ञापन विवाद के बीच अपने प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए। उनका संदेश था कि महिला खेलों की वास्तविक तस्वीर मैदान और प्रशिक्षण में दिखाई देती है। ब्रिटिश धाविका एमी हंट ने भी इसी मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने महिला एथलीटों की सफलता में लगने वाली मेहनत का जिक्र करते हुए कहा कि खेलों में प्रदर्शन के पीछे प्रशिक्षण, शारीरिक तैयारी, पसीना और वर्षों की मेहनत होती है। उनके मुताबिक, महिला खेलों को हमेशा ग्लैमरस या आकर्षक दिखाना जरूरी नहीं है।
स्काई निकोलसन ने बताया असली अंतर

विश्व चैंपियन बॉक्सर स्काई निकोलसन ने विवाद को एक अलग नजरिए से समझाया। उन्होंने कहा कि किसी महिला का एक एथलीट होने के साथ आकर्षक दिखना अपने आप में समस्या नहीं है। असली सवाल यह है कि खेल को बेचने के लिए महिलाओं की खूबसूरती और शरीर को किस तरह इस्तेमाल किया जाता है।
निकोलसन के मुताबिक, स्त्रीत्व को अपनाना और एक मजबूत एथलीट होना पूरी तरह संभव है। लेकिन खेलों के प्रचार में महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों और खेल कौशल की जगह केवल उनके रूप को प्रमुखता देना अलग मुद्दा है। विज्ञापन की आलोचना के बीच कई महिला खिलाड़ियों ने अपने खेल जीवन की तस्वीरें और वीडियो साझा किए। इनमें प्रशिक्षण सत्र, प्रतियोगिताएं, पदक और खेल की तैयारी से जुड़े दृश्य शामिल थे। इस तरह विवाद ने महिला एथलीटों को अपनी मेहनत और उपलब्धियों को सामने रखने का एक नया अवसर भी दिया।
विवाद में सिडनी स्वीनी के साथ नोविग भी
इस पूरे मामले में आलोचना सिर्फ सिडनी स्वीनी तक सीमित नहीं है। कुछ लोगों का मानना है कि विज्ञापन के लिए जिम्मेदार कंपनी नोविग पर ज्यादा सवाल उठने चाहिए, क्योंकि अभियान उसी की ओर से तैयार किया गया है। हालांकि, कंपनी के अनुसार स्वीनी उसके साथ रणनीतिक साझेदार और इक्विटी धारक के रूप में भी जुड़ी हैं। इसी वजह से उनकी भूमिका केवल विज्ञापन के चेहरे तक सीमित नहीं मानी जा रही है।
विवाद के बीच स्वीनी ने सीधे तौर पर विज्ञापन की आलोचना का विस्तृत जवाब नहीं दिया। उन्होंने इसके बजाय ईएसपीएन मैगजीन के चर्चित ‘बॉडी इश्यू’ से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिसमें एथलीटों के शरीर को उनके खेल प्रदर्शन के संदर्भ में प्रस्तुत किया जाता था।










