मैनचेस्टर डर्बी में मैनचेस्टर सिटी की जीत के बाद एरलिंग हालैंड के विजयी गोल और फिल फोडेन के रेड कार्ड पर विवाद है। प्रो रेफ ने गोल के फैसले में गलती मानी, जबकि VAR की भूमिका और ब्रूनो फर्नांडीस की घटना पर भी सवाल उठे।
फुटबॉल: मैनचेस्टर डर्बी में मैनचेस्टर सिटी की जीत के बाद एरलिंग हालैंड के निर्णायक गोल और फिल फोडेन के रेड कार्ड को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रीमियर लीग की समीक्षा में प्रो रेफ ने हालैंड के गोल को दिए गए फैसले को लेकर “निर्णय में गलती” स्वीकार की है। मुकाबले में सिटी 10 खिलाड़ियों के साथ भी जीत हासिल करने में सफल रही।
हालैंड के विजयी गोल पर क्यों उठा विवाद?
मैनचेस्टर यूनाइटेड और मैनचेस्टर सिटी के बीच मुकाबले में हालैंड ने सिटी के लिए निर्णायक गोल किया। हालांकि, इस गोल के निर्माण के दौरान ऑफसाइड को लेकर सवाल उठे।
फुटबॉल इश्यूज कॉरेस्पॉन्डेंट डेल जॉनसन के अनुसार, इस मामले में VAR के फैसले को लेकर दो संभावनाएं हो सकती हैं। पहली संभावना यह है कि VAR टीम ने माना कि एंजो फर्नांडीज की स्थिति ऑफसाइड नहीं थी। दूसरी संभावना यह है कि VAR टीम उस ऑफसाइड स्थिति को जांचना ही भूल गई।
जॉनसन के मुताबिक, इस बात पर बहस करना मुश्किल है कि फर्नांडीज ने लिसांद्रो मार्टिनेज या सेने लामेंस के खेल को प्रभावित नहीं किया। यही वह पहलू है, जिसने गोल के फैसले को विवादित बनाया है।
एंजो फर्नांडीज की भूमिका पर VAR की जांच सवालों में
मामले की तकनीकी पेचीदगी यह है कि हालैंड जोस्को ग्वार्डियोल के पास से ऑनसाइड स्थिति में थे। लेकिन यदि फर्नांडीज ने गेंद को छुआ था, तो हालैंड ऑफसाइड हो सकते थे।
VAR के सामने इसलिए सिर्फ यह सवाल नहीं था कि फर्नांडीज ने गेंद को छुआ या नहीं। यह भी तय करना जरूरी था कि फर्नांडीज ने गेंद खेलने का प्रयास करते हुए किसी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी के खेल में हस्तक्षेप किया या नहीं।
डेल जॉनसन ने इस स्थिति की तुलना 2023 में आर्सेनल और ब्रेंटफोर्ड के बीच हुए मुकाबले से की। उस मैच में VAR अधिकारी ली मेसन के सामने इवान टोनी के गोल से पहले कई स्थितियों की जांच करनी थी, लेकिन क्रिस्टियन नॉरगार्ड की ऑफसाइड स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया था।
इस तरह की गलती को जॉनसन ने साधारण मानवीय भूल के तौर पर देखा।
फोडेन को रेड कार्ड मिलने पर भी विवाद
मुकाबले का दूसरा बड़ा विवाद फिल फोडेन के रेड कार्ड से जुड़ा रहा। फोडेन को उस समय बाहर भेज दिया गया, जब जमीन पर बैठे होने के दौरान उनके बूट के स्टड ब्रूनो फर्नांडीस की छाती से लगे।
इस घटना के बाद सिटी को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। हालांकि, इसके पहले की घटनाओं को लेकर भी सवाल उठे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, फोडेन के जमीन पर पड़े होने के दौरान ऐसा दिखाई दिया कि फर्नांडीस ने उनकी पीठ पर पैर मारा था। इसी वजह से यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या फर्नांडीस को भी इस घटना के लिए दंडित किया जाना चाहिए था।
यानी विवाद सिर्फ फोडेन के रेड कार्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे ठीक पहले हुई घटना और दोनों खिलाड़ियों की भूमिका भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
लिसांद्रो मार्टिनेज ने फैसले पर जताई नाराजगी
मैनचेस्टर यूनाइटेड के डिफेंडर लिसांद्रो मार्टिनेज ने हालैंड के विजयी गोल के फैसले पर निराशा जाहिर की। उन्होंने नियमों और रेफरिंग को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर सामने रखी।
मार्टिनेज ने कहा कि वह नियमों को समझ नहीं पा रहे हैं और डर्बी हारने तथा घर में तीन अंक गंवाने के कारण निराश हैं। उन्होंने कहा कि हर सीजन रेफरी क्लब में आकर करीब एक घंटे तक नियमों की व्याख्या करते हैं और अपने फैसलों को लेकर काफी आश्वस्त दिखाई देते हैं।
उन्होंने प्रीमियर लीग में इस तरह की गलतियों को अस्वीकार्य बताया। मार्टिनेज ने कहा कि यह दुनिया की सर्वश्रेष्ठ लीग है, जिसमें दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमें और खिलाड़ी खेलते हैं। ऐसे में उनके मुताबिक इस तरह की स्थिति के बाद टीम को अन्याय की भावना के साथ घर लौटना पड़ा।

मंगलवार को सुनाई दे सकती है VAR की ऑडियो रिकॉर्डिंग
इस विवाद को समझने के लिए VAR टीम के बीच हुई बातचीत महत्वपूर्ण हो सकती है। डेल जॉनसन के अनुसार, “Match Officials Mic'd Up” का पहला संस्करण मंगलवार को प्रसारित होना है।
इससे संभव है कि VAR टीम की ऑडियो रिकॉर्डिंग से यह स्पष्ट हो जाए कि हालैंड के गोल से पहले क्या चर्चा हुई थी और फर्नांडीज की स्थिति पर किस तरह विचार किया गया।
अगर VAR टीम ने फर्नांडीज की ऑफसाइड स्थिति को जानबूझकर ऑफसाइड नहीं माना था, तो उसके पीछे का तर्क सामने आ सकता है। दूसरी ओर, यदि टीम ने ऑफसाइड पहलू की जांच करना ही भूल गई थी, तो यह प्रक्रिया संबंधी मानवीय भूल का मामला हो सकता है।
क्या फर्नांडीस के गेंद खेलने के प्रयास ने फर्क डाला?
मामले का अहम सवाल यह है कि यदि फर्नांडीज ने गेंद को छूने का प्रयास किया, तो क्या उनका यह प्रयास ऑफसाइड नियम के तहत किसी विपक्षी खिलाड़ी के साथ हस्तक्षेप माना जाना चाहिए था।
हालैंड ग्वार्डियोल के पास से ऑनसाइड थे। लेकिन फर्नांडीज के गेंद खेलने के प्रयास और विपक्षी खिलाड़ियों पर उसके प्रभाव को भी VAR समीक्षा का हिस्सा होना चाहिए था।
यही वजह है कि गोल के फैसले पर तकनीकी बहस अब भी जारी है। उपलब्ध समीक्षा के अनुसार, VAR टीम की वास्तविक बातचीत सामने आने के बाद ही यह समझने में अधिक मदद मिल सकती है कि निर्णय किस आधार पर लिया गया।
मैनचेस्टर सिटी अंक तालिका में दूसरे स्थान पर
डर्बी में जीत के बाद मैनचेस्टर सिटी प्रीमियर लीग तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। चार मैचों के बाद सिटी के अंक शीर्ष पर मौजूद आर्सेनल के बराबर हैं।
इस लिहाज से जीत सिटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण रही, खासकर इसलिए क्योंकि टीम को मुकाबले के दौरान 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। दूसरी ओर, मैनचेस्टर यूनाइटेड को घरेलू मैदान पर हार का सामना करना पड़ा।
हालांकि, मुकाबले का परिणाम अब रेफरिंग और VAR विवाद की वजह से भी चर्चा में है।
‘फुटबॉल या पैंटोमाइम?’ प्रशंसकों ने भी उठाए सवाल
मुकाबले के बाद दर्शकों और फुटबॉल प्रशंसकों की प्रतिक्रियाओं में भी रेफरिंग, खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाओं और मैदान पर होने वाली घटनाओं को लेकर नाराजगी देखने को मिली।
कुछ प्रशंसकों ने खिलाड़ियों पर जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया देने और फाउल के दौरान चोट को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के आरोप लगाए। एक प्रशंसक ने फर्नांडीस और फोडेन की घटना को लेकर सवाल किया कि क्या यह फुटबॉल है या पैंटोमाइम।
हालांकि, ये प्रशंसकों की व्यक्तिगत प्रतिक्रियाएं हैं और इन्हें मैच अधिकारियों या किसी आधिकारिक संस्था का निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
डर्बी के बाद रेफरिंग पर फिर बहस
मैनचेस्टर डर्बी ने एक बार फिर प्रीमियर लीग में VAR और रेफरिंग की भूमिका पर बहस को तेज कर दिया है। हालैंड के गोल को लेकर प्रो रेफ की ओर से “निर्णय में गलती” स्वीकार किए जाने के बाद विवाद को और बल मिला है।
फोडेन के रेड कार्ड और उससे पहले फर्नांडीस के साथ हुई घटना ने भी सवाल खड़े किए हैं। अब सभी की नजर मंगलवार को आने वाले “Match Officials Mic'd Up” कार्यक्रम पर है, जिससे VAR टीम की बातचीत और फैसले के पीछे की प्रक्रिया को समझने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल, मुकाबले का आधिकारिक परिणाम मैनचेस्टर सिटी के पक्ष में है और टीम चार मैचों के बाद आर्सेनल के बराबर अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। लेकिन मैच से जुड़े रेफरिंग विवाद आने वाले दिनों में भी फुटबॉल चर्चा का प्रमुख विषय बने रहने की संभावना है।











