हरियाणा की विधवा महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मिलेगा 3 लाख तक का लोन, 50 हजार रुपये तक ब्याज अनुदान

हरियाणा विधवा अनुदान योजना में पात्र महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 3 लाख रुपये तक लोन और ब्याज पर 50 हजार रुपये तक अनुदान मिलेगा।

हरियाणा सरकार की विधवा अनुदान योजना के तहत पात्र महिलाओं को स्वरोजगार के लिए बैंक से 3 लाख रुपये तक का ऋण मिल सकता है। हरियाणा महिला विकास निगम ब्याज पर अधिकतम 50 हजार रुपये तक अनुदान देगा।

चरखी दादरी: हरियाणा सरकार विधवा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विधवा अनुदान योजना चला रही है। इसके तहत पात्र महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए बैंकों के माध्यम से 3 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। योजना का लाभ 3 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाली महिलाओं को दिया जाता है और ब्याज पर अधिकतम 50 हजार रुपये तक अनुदान का प्रावधान है।

3 लाख रुपये तक मिलेगा स्वरोजगार के लिए ऋण

प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं को सशक्त, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। विधवा अनुदान योजना के तहत राज्य की विधवा महिलाओं को बैंकों के माध्यम से स्वरोजगार के लिए 3 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को अपना रोजगार शुरू करने में मदद करना और उन्हें परिवार के भरण-पोषण के लिए आत्मनिर्भर बनाना है।

उपायुक्त मनदीप कौर ने बताया कि योजना का लाभ ऐसी विधवा महिलाओं को दिया जाता है, जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक है। आवेदन के लिए महिला की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदक हरियाणा की निवासी हो और किसी पूर्व ऋण मामले में डिफाल्टर नहीं होनी चाहिए।

ब्याज पर 50 हजार रुपये तक अनुदान

योजना के तहत बैंक से लिए गए ऋण पर लगने वाले ब्याज की प्रतिपूर्ति हरियाणा महिला विकास निगम की ओर से अनुदान के रूप में की जाएगी। ब्याज अनुदान की अधिकतम सीमा 50 हजार रुपये निर्धारित है। यह अनुदान अधिकतम तीन वर्ष की अवधि के लिए मिलेगा या फिर जो भी पहले पूरा हो, उसी के अनुसार लागू होगा।

इस योजना के माध्यम से महिलाएं विभिन्न प्रकार के स्वरोजगार शुरू कर सकती हैं। इनमें डेयरी, ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा से जुड़े काम के अलावा सामाजिक एवं व्यक्तिगत सेवा गतिविधियां शामिल हैं।

इन व्यवसायों के लिए मिल सकता है ऋण

योजना के तहत सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटीक, पापड़ बनाने, अचार बनाने, हलवाई की दुकान, फूड स्टॉल, आइसक्रीम बनाने की यूनिट, बिस्कुट बनाने, टिफिन सर्विस और स्कूल यूनिफॉर्म सिलने जैसे व्यवसायों के लिए भी ऋण लिया जा सकता है।

इच्छुक महिलाएं आवेदन और योजना से जुड़ी जानकारी के लिए भिवानी स्थित महिला विकास निगम के जिला प्रबंधक कार्यालय में संपर्क कर सकती हैं। कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।

आवेदन के लिए ये दस्तावेज जरूरी

विधवा अनुदान योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निर्धारित दस्तावेज आवेदन के साथ जमा कराने होंगे। इनमें राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आकार के फोटो और रिहायशी प्रमाण पत्र शामिल हैं।

आवेदक को सभी आवश्यक दस्तावेजों की दो-दो प्रतियां आवेदन के साथ जमा करवानी होंगी। पात्रता पूरी करने वाली इच्छुक महिलाएं निर्धारित दस्तावेज तैयार करके संबंधित जिला प्रबंधक कार्यालय में संपर्क कर सकती हैं।

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