महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की ओर से आयोजित विभिन्न ऑनलाइन परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मामले को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज होता नजर आ रहा है।
MPSC Paper Leak Controversy: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की विभिन्न ऑनलाइन परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता की मांग कर रहे छात्रों को अब कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) का समर्थन मिल गया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के साथ खड़े होने का ऐलान किया है।
CJP ने महाराष्ट्र सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखते हुए MPSC के शीर्ष अधिकारियों के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि यदि तय समयसीमा में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को राज्य के दूसरे हिस्सों तक ले जाया जाएगा।
MPSC अभ्यर्थियों ने अभिजीत दीपके से की मुलाकात
CJP की ओर से यह घोषणा छत्रपति संभाजीनगर के वालुज क्षेत्र में हुई एक बैठक के बाद की गई। यहां MPSC परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के एक समूह ने पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से मुलाकात की। छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी अपनी चिंताओं और कथित पेपर लीक के आरोपों को दीपके के सामने रखा। अभ्यर्थियों ने विभिन्न ऑनलाइन परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं की जांच और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की।
छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले उम्मीदवार लंबे समय तक तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह का संदेह उनके भविष्य और मेहनत पर सीधा असर डाल सकता है।
24 सितंबर तक का दिया अल्टीमेटम

CJP ने अपने बयान में कहा कि MPSC के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी ने इसके लिए 24 सितंबर तक की समयसीमा तय करने की बात कही है। पार्टी के मुताबिक, अगर इस अवधि तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो अभिजीत दीपके और CJP के अन्य सदस्य राज्य के अलग-अलग हिस्सों का दौरा करेंगे।
इस दौरान MPSC अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को समझने और आंदोलन को व्यापक समर्थन देने की कोशिश की जाएगी। इस घोषणा के बाद MPSC परीक्षा विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिलने की संभावना बढ़ गई है।
‘इस्तीफा होने तक छात्रों के साथ रहेंगे’
अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद अभिजीत दीपके ने एक वीडियो संदेश के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि CJP और वह व्यक्तिगत रूप से MPSC अभ्यर्थियों की लड़ाई में उनके साथ हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी तब तक छात्रों का समर्थन जारी रखेगी, जब तक आयोग के शीर्ष अधिकारियों के इस्तीफे की मांग पूरी नहीं होती। दीपके के इस बयान के बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने के संकेत मिले हैं।
MPSC की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक का मुद्दा अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बन गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना, कथित अनियमितताओं की जांच करना और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करना शामिल है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है। परीक्षा की प्रक्रिया पर किसी भी तरह का सवाल उठने से हजारों उम्मीदवारों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।










