असम में 122 करोड़ रुपये की चार परियोजनाओं का उद्घाटन, CM हिमंत बिस्व सरमा ने गिनाईं विकास की प्राथमिकताएं

असम CM हिमंत बिस्व सरमा ने जोरहाट और शिवसागर में 122 करोड़ रुपये की चार परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें फ्लाईओवर, स्कूल भवन और प्रशासनिक परिसर शामिल हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने जोरहाट और शिवसागर में करीब 122 करोड़ रुपये की चार विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें जिला आयुक्त कार्यालय, रेलवे फ्लाईओवर, स्कूल भवन और शिवसागर विश्वविद्यालय का छात्रावास शामिल हैं।

जोरहाट: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार को जोरहाट और शिवसागर में करीब 122 करोड़ रुपये की लागत वाली चार प्रमुख विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को राज्य में आधुनिक बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इन परियोजनाओं में जोरहाट के जिला आयुक्त का नया एकीकृत कार्यालय भवन, लुइतपोरिया मिसिंग हायर सेकेंडरी स्कूल का नया भवन, शिवसागर विश्वविद्यालय का छात्रावास और चिनामारा रेलवे फ्लाईओवर शामिल हैं।

जिला आयुक्त के नए एकीकृत कार्यालय भवन का लोकार्पण

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने जोरहाट में 49.62 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जिला आयुक्त के नए एकीकृत कार्यालय भवन को जनता को समर्पित किया। यह भवन करीब 53 बीघा भूमि में विकसित किया गया है और इसमें प्रशासन की कई महत्वपूर्ण शाखाओं को एक ही परिसर में जगह दी गई है।

नए भवन में जिला आयुक्त कार्यालय के अलावा ट्रेजरी कार्यालय और निर्वाचन शाखा समेत कई प्रशासनिक इकाइयां संचालित होंगी। इसका उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नया एकीकृत कार्यालय भवन औपनिवेशिक दौर की प्रशासनिक संरचनाओं से आगे बढ़ने की दिशा में निर्णायक कदम है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के औपनिवेशिक विरासत से आगे निकलने के आह्वान के अनुरूप बताया।

नए प्रशासनिक परिसर में 150 सीटों वाला ऑडिटोरियम और 60 सीटों वाला कॉन्फ्रेंस हॉल भी बनाया गया है। इसके अलावा भवन में सौर ऊर्जा प्रणाली और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

पुराना DC कार्यालय बनेगा संग्रहालय

मुख्यमंत्री ने बताया कि पुराने जिला आयुक्त कार्यालय भवन को संरक्षित किया जाएगा। इसे संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि उसकी ऐतिहासिक महत्ता को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।

इस तरह पुराने प्रशासनिक भवन को हटाने के बजाय उसकी ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित करने की योजना बनाई गई है, जबकि नया भवन आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों को पूरा करेगा।

चिनामारा रेलवे फ्लाईओवर से कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 65.20 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित चिनामारा रेलवे फ्लाईओवर का भी औपचारिक उद्घाटन किया। यह फ्लाईओवर 545 मीटर लंबा और 7.5 मीटर चौड़ा है।

सरकार के अनुसार, फ्लाईओवर के शुरू होने से क्षेत्र में यातायात दबाव कम करने और जोरहाट को आसपास के जिला मुख्यालयों से बेहतर तरीके से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में जोरहाट को समर्पित किया जाने वाला यह चौथा प्रमुख फ्लाईओवर है। उन्होंने इसे क्षेत्र में परिवहन और कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना बताया।

रेलवे क्रॉसिंग और आसपास के मार्गों पर यातायात दबाव को देखते हुए फ्लाईओवर से स्थानीय आवागमन को अधिक सुगम बनाने की उम्मीद जताई गई है।

शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने लुइतपोरिया मिसिंग हायर सेकेंडरी स्कूल के नए भवन का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस भवन के निर्माण पर 3.54 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, नया भवन स्कूल को सेकेंडरी स्तर से हायर सेकेंडरी स्तर तक अपग्रेड करने में सक्षम बनाएगा। इससे स्थानीय छात्रों के लिए उच्च कक्षाओं की शिक्षा की सुविधा विकसित होगी।

सरमा ने बताया कि असम सरकार ने स्कूलों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 7,500 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता जताई है। इसके तहत राज्य में अब तक 1,100 नए स्कूल भवन बनाए जा चुके हैं, जबकि अगले पांच वर्षों में 500 और भवन बनाए जाने की योजना है।

उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने को राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

शिवसागर विश्वविद्यालय के छात्रावास का भी उद्घाटन

चार परियोजनाओं के तहत शिवसागर विश्वविद्यालय के नए छात्रावास का भी वर्चुअल उद्घाटन किया गया। यह परियोजना उच्च शिक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के राज्य सरकार के प्रयासों का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान दे रही है।

स्कूल भवनों के निर्माण के साथ विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में सुविधाओं का विकास भी राज्य की विकास योजनाओं में शामिल है।

जोरहाट में 250 करोड़ रुपये का लचित मैदाम और सांस्कृतिक प्रोजेक्ट

मुख्यमंत्री ने जोरहाट में चल रही और प्रस्तावित अन्य प्रमुख परियोजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने 250 करोड़ रुपये की लागत वाले लचित मैदाम और सांस्कृतिक प्रोजेक्ट का उल्लेख किया।

इसके अलावा 159 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए गए स्वराज उद्यान का भी जिक्र किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि शहर में सार्वजनिक ऑडिटोरियम, महिला विश्वविद्यालय भवन और जलापूर्ति परियोजना समेत कई अन्य कार्य भी जारी हैं।

इन परियोजनाओं के माध्यम से शहर में सार्वजनिक सुविधाओं, शिक्षा, संस्कृति और नागरिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

भोगदोल नदी के किनारे सौंदर्यीकरण की घोषणा

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने स्थानीय विधायक हितेंद्र नाथ गोस्वामी के प्रस्ताव के जवाब में भोगदोल नदी के किनारे सौंदर्यीकरण कार्य कराने की घोषणा भी की।

नदी क्षेत्र के विकास और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों का उद्देश्य क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों को बेहतर बनाना है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय स्तर पर सामने आने वाले विकास प्रस्तावों को राज्य की व्यापक विकास योजनाओं के साथ जोड़ने की बात कही।

जिला आयुक्तों के सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

हिमंत बिस्व सरमा ने जोरहाट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित जिला आयुक्तों के सम्मेलन में भी हिस्सा लिया। मौजूदा सरकार के गठन के बाद यह पहला ऐसा सम्मेलन है।

सम्मेलन में जिलों के स्तर पर विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और राज्य तथा केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

जिला प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ाने और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए जिला आयुक्तों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। सम्मेलन में जिलों की प्रशासनिक चुनौतियों और विकास से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाना है।

आधुनिक बुनियादी ढांचे पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि जोरहाट और शिवसागर में शुरू की गई परियोजनाएं असम में हो रहे व्यापक बदलाव को दर्शाती हैं। उन्होंने टिकाऊ सार्वजनिक परिसंपत्तियों, प्रभावी प्रशासन और नागरिक-केंद्रित शासन को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। चार परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ सरकार ने प्रशासनिक ढांचे, परिवहन कनेक्टिविटी, स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे को एक साथ मजबूत करने का संदेश दिया है।

जोरहाट में नए जिला आयुक्त कार्यालय और रेलवे फ्लाईओवर जैसी परियोजनाएं जहां प्रशासन और परिवहन सुविधाओं से जुड़ी हैं, वहीं लुइतपोरिया मिसिंग हायर सेकेंडरी स्कूल तथा शिवसागर विश्वविद्यालय का छात्रावास शिक्षा के बुनियादी ढांचे के विस्तार पर केंद्रित हैं।

मुख्यमंत्री ने इन पहलों को असम को भारत के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में चल रहे बदलाव का हिस्सा बताया। सरकार के अनुसार, विकास योजनाओं में आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ प्रभावी प्रशासन और नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है।

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