पंजाब में बिजली संकट गहराया, डिमांड 16,450 मेगावाट के पार,लुधियाना और पटियाला में प्रदर्शन

पंजाब में बिजली की मांग 16,450 मेगावाट के पार पहुंच गई है। PSPCL अधिकतम क्षमता से उत्पादन करा रहा है। लुधियाना और पटियाला में प्रदर्शन हुए।

पंजाब में बिजली की मांग लगातार 16 हजार मेगावाट से ऊपर बनी हुई है। आज डिमांड 16,450 मेगावाट के पार पहुंच गई। बढ़ती मांग के बीच PSPCL अधिकतम क्षमता से बिजली उत्पादन करा रहा है, जबकि लुधियाना और पटियाला में प्रदर्शन हुए।

पंजाब: राज्य में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के लिए चुनौती बन गई है। सोमवार को बिजली की मांग फिर 16,450 मेगावाट के पार पहुंच गई। बढ़ती खपत के बीच PSPCL अलग-अलग स्रोतों से अधिकतम स्तर पर बिजली उत्पादन करा रहा है। इसके बावजूद बिजली आपूर्ति को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और लुधियाना में उद्यमियों तथा पटियाला में कांग्रेस ने धरना दिया।

16 हजार मेगावाट से ऊपर बनी हुई है मांग

पंजाब में बिजली की खपत लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। राज्य में बिजली की मांग कई दिनों से 16 हजार मेगावाट के पार चल रही है। सोमवार को यह मांग फिर 16,450 मेगावाट से अधिक हो गई।

बढ़ती डिमांड के कारण बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड अलग-अलग उपलब्ध स्रोतों से बिजली उत्पादन को अधिकतम स्तर तक ले जाने की कोशिश कर रहा है। इसके बावजूद बढ़ी हुई मांग के कारण बिजली संकट की स्थिति बनी हुई है।

PSPCL के सामने बढ़ी चुनौती

बिजली की लगातार ऊंची मांग के बीच PSPCL के लिए राज्य में आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बन गया है। निगम उपलब्ध स्रोतों से अधिक से अधिक बिजली हासिल करने की कोशिश कर रहा है, ताकि बढ़ी हुई खपत को पूरा किया जा सके।

लगातार ऊंची मांग का असर बिजली उपभोक्ताओं के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति को लेकर उद्यमियों और राजनीतिक दलों की ओर से भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

लुधियाना में उद्यमियों और पटियाला में कांग्रेस का धरना

बिजली संकट को लेकर लुधियाना में उद्यमियों ने धरना दिया। उद्योग जगत की ओर से बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को लेकर विरोध जताया गया।

वहीं, पटियाला में कांग्रेस ने भी बिजली के मुद्दे को लेकर धरना दिया। इस तरह बढ़ती बिजली डिमांड के बीच राज्य में राजनीतिक और औद्योगिक स्तर पर विरोध के स्वर भी तेज हुए हैं।

बिजली की मांग आने वाले दिनों में किस स्तर पर रहती है और PSPCL बढ़ती खपत के बीच आपूर्ति व्यवस्था को किस तरह संभालता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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