अमित शाह बोले- भारत अब पाकिस्तान में घुसकर जवाब देने में सक्षम, सर्जिकल स्ट्राइक से ऑपरेशन सिंदूर तक गिनाईं उपलब्धियां

अमित शाह ने मुंबई में कहा कि मोदी सरकार ने भारत की रक्षा नीति बदली है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर, आर्थिक विकास और सेवा संकल्प अभियान का जिक्र

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुंबई में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की रक्षा नीति में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। शाह ने आर्थिक विकास, निर्यात और सेवा संकल्प अभियान पर भी बात की।

मुंबई: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की रक्षा और आर्थिक नीतियों को लेकर कई दावे किए। मुंबई में आयोजित 52वें इंडिया जेम एंड ज्वेलरी अवॉर्ड्स समारोह में शामिल होने के बाद शाह ने भाजपा के सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत की और प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की रक्षा नीति में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत पर हमला करने से पहले दुश्मनों को कई बार सोचना पड़ता है। शाह ने यह भी कहा कि अब भारत आतंकवादी हमलों का जवाब देने के लिए पाकिस्तान की सीमा में घुसकर कार्रवाई करने की क्षमता और राजनीतिक इच्छाशक्ति रखता है।

शाह बोले- पहले कौन सोच सकता था कि भारत पाकिस्तान में घुसकर जवाब देगा?

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के हर क्षेत्र में बदलाव लाने का काम किया है। उन्होंने रक्षा नीति का उदाहरण देते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब यह कल्पना करना मुश्किल था कि भारत का प्रधानमंत्री आतंकवादी हमले के जवाब में पाकिस्तान की सीमा के भीतर जाकर कार्रवाई करने का फैसला कर सकता है।

उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों ने भारत की रक्षा नीति में बदलाव को दिखाया है। शाह के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसी नीति बनाई है जिससे भारत पर हमला करने के बारे में सोचने से पहले ही दुश्मनों को दो बार विचार करना पड़ता है।

शाह का यह बयान भारत-पाकिस्तान संबंधों और आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को लेकर केंद्र सरकार के रुख को सामने रखता है।

2014 के बाद आर्थिक बदलाव का दावा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने केंद्र सरकार के आर्थिक प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने बुनियादी स्तर पर कई बदलाव किए हैं।

शाह ने दावा किया कि 2014 में भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया जाता था, लेकिन आज देश दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में पहुंच चुका है।

‘फ्रैजाइल फाइव’ शब्द का इस्तेमाल उन उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए किया गया था, जिन्हें वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों और पूंजी के बहिर्वाह के प्रति अपेक्षाकृत संवेदनशील माना जाता था। शाह ने मौजूदा भारत की आर्थिक स्थिति को 2014 की स्थिति से जोड़ते हुए केंद्र सरकार की नीतियों को इसका प्रमुख कारण बताया।

भारत की GDP ग्रोथ 7.8% होने का दावा

अमित शाह ने कहा कि भारत ने GDP में 7.8% की वृद्धि दर्ज की है और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ने वाला देश बन गया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों के भीतर यह विश्वास पैदा किया है कि 15 अगस्त 2047 तक भारत हर क्षेत्र में दुनिया के अन्य देशों से आगे होगा।

2047 भारत की स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ का वर्ष है। केंद्र सरकार लंबे समय से इस समयसीमा तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की बात करती रही है।

शाह ने आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे, विनिर्माण और निर्यात को इस लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया।

इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग पर सरकार का जोर

गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के बुनियादी ढांचे और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजनाओं का भी उल्लेख किया।

PLI योजनाओं का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना और भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करना है।

शाह ने दावा किया कि इन पहलों के परिणामस्वरूप भारत का निर्यात लगातार पुराने रिकॉर्ड तोड़ रहा है। उन्होंने इसे सरकार की आर्थिक नीतियों और उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी से जोड़कर पेश किया।

शाह बोले- दुनिया भारत के प्रधानमंत्री की बात सुनती है

अमित शाह ने भारत की वैश्विक स्थिति में बदलाव का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की अंतरराष्ट्रीय स्थिति में काफी सुधार हुआ है।

शाह के मुताबिक, आज दुनिया में कोई भी बड़ा मुद्दा हो, भारत के प्रधानमंत्री की राय को महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में सम्मान की नजर से देखा जाता है।

उन्होंने भारतीय पासपोर्ट की बढ़ती प्रतिष्ठा का भी जिक्र किया। शाह ने इसे देश की वैश्विक स्थिति मजबूत होने का एक संकेत बताया।

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

अमित शाह ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों की ओर से शुरू किए जाने वाले सेवा संकल्प अभियान की जानकारी भी दी।

उन्होंने बताया कि यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक एक महीने के लिए देशभर में चलाया जाएगा। अभियान को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों तक पहुंचाने की योजना है।

इसके तहत जिला, लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र से लेकर बूथ स्तर तक लोगों के बीच पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। पार्टी संगठन के स्तर पर अभियान के जरिए जनसंपर्क और सेवा गतिविधियों को बढ़ाने की योजना बताई गई है।

भाजपा और NDA के सहयोगी दल इस अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने की तैयारी कर रहे हैं।

मुंबई में जेम एंड ज्वेलरी अवॉर्ड्स समारोह में शामिल हुए शाह

अमित शाह रविवार को मुंबई में आयोजित 52वें इंडिया जेम एंड ज्वेलरी अवॉर्ड्स समारोह में भी शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने भाजपा के सेवा संकल्प अभियान की लॉन्चिंग की।

कार्यक्रमों के दौरान शाह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए बदलावों का उल्लेख किया। उनके संबोधन में राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, निर्यात, वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति और पार्टी के जनसंपर्क अभियान जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

रक्षा नीति को लेकर सरकार का सख्त रुख

अमित शाह के बयान में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा प्रमुख रहा। उन्होंने आतंकवादी हमलों के जवाब में की गई सैन्य कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की रक्षा नीति को मजबूत और निर्णायक बताया।

सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि भारत ने अपनी सुरक्षा नीति में बदलाव किया है। उनका दावा है कि इस नीति का उद्देश्य देश के खिलाफ किसी भी आतंकी हमले की योजना बनाने वालों को स्पष्ट संदेश देना है।

भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद तथा सीमा सुरक्षा लंबे समय से संवेदनशील मुद्दे रहे हैं। ऐसे में गृह मंत्री का यह बयान सरकार के उस रुख को दोहराता है, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया जाता है।

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