केरल के पिनराई विजयन ने CMRL मामले में ED के ताजा आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने इसे पुराने आरोपों की नई स्क्रिप्ट बताते हुए राजनीतिक कार्रवाई कहा। ED ने विजयन, उनके परिवार और अन्य लोगों के खिलाफ FIR की मांग की है।
तिरुवंतपुरम: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने CMRL मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के ताजा आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें “नई स्क्रिप्ट में पुराने आरोप” बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसी कानून का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में कर रही है। ED ने विजयन, उनके परिवार और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए केरल के राज्य पुलिस प्रमुख रवाडा ए. चंद्रशेखर को पत्र लिखा है।
CMRL मामले में ED ने FIR की मांग की
प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में केरल के राज्य पुलिस प्रमुख को पत्र भेजकर FIR दर्ज करने का अनुरोध किया है। एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई जांच और तलाशी के दौरान जुटाई गई सामग्री के आधार पर की गई है।
ED ने आरोप लगाया है कि कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) ने आईटी कंसल्टेंसी सेवाओं के नाम पर एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस (Exalogic Solutions) को कथित तौर पर 2.78 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किया। Exalogic Solutions अब बंद हो चुकी कंपनी है और इसका स्वामित्व विजयन की बेटी वीणा टी. के पास था।
एजेंसी ने इन भुगतानों को कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले किए गए भुगतान से जोड़ते हुए आगे की कार्रवाई का आधार बनाया है।
विजयन ने आरोपों के स्वरूप पर उठाए सवाल
पत्रकारों से बातचीत में विजयन ने कहा कि ED के ताजा आरोपों और पहले लगाए गए आरोपों की प्रकृति में महत्वपूर्ण अंतर है।
उनका दावा है कि पहले मामले का मुख्य आरोप यह था कि Exalogic Solutions ने CMRL से भुगतान प्राप्त किया, जबकि कथित तौर पर उसके बदले कोई सेवा उपलब्ध नहीं कराई गई। विजयन के अनुसार, अब आरोप का स्वरूप बदलकर यह कर दिया गया है कि CMRL की ओर से किए गए भुगतान कथित रिश्वत थे और बदले में कंपनी को उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
विजयन ने कहा कि ED को पहले इस “बुनियादी विरोधाभास” को स्पष्ट करना चाहिए कि एक ही भुगतान को पहले सेवा के बिना प्राप्त रकम और अब कथित रिश्वत के रूप में किस आधार पर देखा जा रहा है।
CMRL को किसी अनुचित लाभ से विजयन का इनकार
पिनराई विजयन ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान CMRL को कोई अनुचित लाभ नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसा कोई दस्तावेज सामने नहीं रखा गया है, जो यह साबित करता हो कि उन्होंने कंपनी को कोई विशेष या अनुचित फायदा पहुंचाया था।
उन्होंने ED के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कई सीधे सवाल किए। विजयन ने पूछा कि कथित तौर पर CMRL को कौन-सा लाभ दिया गया, वह कब दिया गया, किस सरकारी आदेश के तहत दिया गया, उस फैसले से संबंधित दस्तावेजी प्रमाण क्या हैं और बदले में उन्हें कथित तौर पर क्या मिला।
उनका कहना है कि इन सवालों के स्पष्ट जवाब और कानूनी रूप से टिकाऊ साक्ष्य के बिना रिश्वत के आरोप को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
विजयन ने Vigilance Court के फैसले का किया उल्लेख
CPI(M) नेता ने अपने बचाव में केरल की Vigilance Court, केरल हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में हुई कार्यवाही का भी हवाला दिया।
विजयन के अनुसार, CMRL को कथित अनुचित लाभ पहुंचाए जाने के आरोप 2024 में भी उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि Vigilance Court ने शिकायत को खारिज कर दिया था, क्योंकि शिकायतकर्ता कथित आरोपों के समर्थन में विशिष्ट तथ्य और दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहा था।
विजयन ने दावा किया कि इसके बाद संबंधित याचिकाएं केरल हाई कोर्ट में गईं और मार्च 2025 में अदालत ने उन्हें खारिज कर दिया। उनके मुताबिक, हाई कोर्ट ने माना था कि आरोप मामला दर्ज करने के लिए पर्याप्त आधार स्थापित नहीं करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बाद में हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
हालांकि, विजयन द्वारा अदालतों की पिछली कार्यवाही के संबंध में किए गए इन दावों का अंतिम कानूनी अर्थ मौजूदा ED कार्रवाई से अलग है। वर्तमान मामले में ED की ओर से जुटाई गई सामग्री और उसके आधार पर की जा रही प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
केंद्रीय एजेंसी के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप
विजयन ने ED की कार्रवाई पर राजनीतिक सवाल भी उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी उन आरोपों को बार-बार राजनीतिक रूप देती है, जिन पर पहले ही अदालतों में विचार हो चुका है।
उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस की स्थिति पर भी सवाल उठाया। विजयन ने पूछा कि जब केंद्र में राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई होती है, तब कांग्रेस जिस रुख को अपनाती है, वही स्थिति केरल में सामने आने पर पार्टी का रुख क्या होगा।
उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को CPI(M) को निशाना बनाने की एक संगठित कोशिश बताया और पार्टी को धर्मनिरपेक्ष राजनीति के प्रति प्रतिबद्ध संगठन के रूप में पेश किया।
राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर लड़ाई की बात
पिनराई विजयन ने कहा कि वह मामले को राजनीतिक और कानूनी, दोनों स्तरों पर चुनौती देंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी व्यक्ति को आरोपी बनाने के लिए राजनीतिक आरोप या कहानी पर्याप्त नहीं हो सकती।
उनके अनुसार, इसके लिए ऐसे साक्ष्य जरूरी हैं जो कानूनी जांच और न्यायिक प्रक्रिया में टिक सकें। विजयन ने ED की कार्रवाई को “राजनीतिक स्क्रिप्ट” के रूप में वर्णित करते हुए कहा कि कानून का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं, ED की ओर से की गई कार्रवाई उसके द्वारा जांच में जुटाई गई सामग्री और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। एजेंसी ने CMRL और Exalogic Solutions के बीच हुए कथित 2.78 करोड़ रुपये के भुगतान को अपनी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।
CMRL-Exalogic भुगतान बना विवाद का केंद्र
मामले का एक प्रमुख बिंदु CMRL की ओर से Exalogic Solutions को किए गए कथित भुगतान हैं। ED का आरोप है कि 2.78 करोड़ रुपये आईटी कंसल्टेंसी सेवाओं के नाम पर दिए गए, लेकिन एजेंसी इसे कथित तौर पर फर्जी भुगतान मान रही है।
दूसरी ओर, विजयन ने आरोपों की प्रकृति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ED को यह स्पष्ट करना होगा कि भुगतान के पीछे कथित रिश्वत और अनुचित लाभ का संबंध किस ठोस साक्ष्य पर आधारित है।
यही विवाद अब केरल की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन गया है। विजयन का कहना है कि उनके कार्यकाल में CMRL को कोई अनुचित लाभ नहीं दिया गया, जबकि ED की जांच इस भुगतान और कथित लाभ के बीच संबंध की पड़ताल कर रही है।
आगे की जांच पर टिकी नजर
फिलहाल मामला जांच और कानूनी प्रक्रिया के दौर में है। ED द्वारा राज्य पुलिस प्रमुख को FIR दर्ज करने के लिए भेजे गए पत्र के बाद आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। विजयन ने आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए उनका मुकाबला करने की बात कही है। दूसरी ओर, ED की ओर से जांच के दौरान जुटाई गई सामग्री और कथित वित्तीय लेनदेन मामले की आगे की दिशा तय कर सकते हैं।
मामले में आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच, संभावित FIR, कानूनी कार्यवाही और अदालतों के फैसलों के आधार पर ही होगा। फिलहाल विजयन और ED के बीच CMRL भुगतान, कथित अनुचित लाभ और उसके लिए कथित रिश्वत के आरोपों को लेकर राजनीतिक तथा कानूनी टकराव तेज हो गया है।












