आंध्र प्रदेश में शनिवार को ₹249.50 करोड़ की 22 स्वास्थ्य परियोजनाओं का उद्घाटन होगा। जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू 10 इमरजेंसी केयर सेंटर और 12 इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब शुरू करेंगे। इससे 500 अतिरिक्त इमरजेंसी बेड जुड़ेंगे।
अमरावती: आंध्र प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में शनिवार को बड़ा कदम उठाया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू राज्य में ₹249.50 करोड़ की लागत से पूरी हुई 22 प्रमुख स्वास्थ्य परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) के तहत विकसित की गई हैं।
22 परियोजनाओं में 10 इमरजेंसी केयर सेंटर
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव के अनुसार, उद्घाटन होने वाली 22 परियोजनाओं में 10 इमरजेंसी केयर सेंटर और 12 इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरीज शामिल हैं।
इन 10 इमरजेंसी केयर सेंटर के निर्माण पर कुल ₹234.50 करोड़ खर्च किए गए हैं। वहीं, 12 इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरीज की स्थापना पर ₹15 करोड़ का निवेश हुआ है।
इन स्वास्थ्य केंद्रों के शुरू होने से राज्य की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था में 500 अतिरिक्त बेड जुड़ेंगे। इन केंद्रों को ऐसे स्थानों पर विकसित किया गया है, जहां गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
किन शहरों में बनाए गए इमरजेंसी केयर सेंटर?
10 इमरजेंसी केयर सेंटर सरकारी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में स्थापित किए गए हैं। ये केंद्र कडपा, नेल्लोर, श्रीकाकुलम, विशाखापत्तनम, ओंगोल, राजमहेंद्रवरम, कुरनूल और विजयवाड़ा के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के अलावा अनकापल्ली और हिंदूपुर के जिला अस्पतालों में बनाए गए हैं।
इन केंद्रों का उद्देश्य गंभीर और जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली स्वास्थ्य स्थितियों में मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराना है।
इनमें हार्ट अटैक, स्ट्रोक, क्रॉनिक रेस्पिरेटरी डिजीज, सांस लेने में गंभीर परेशानी, विषाक्तता और गंभीर रक्त संक्रमण जैसी स्थितियों के इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी।
इसके अलावा माताओं और बच्चों से संबंधित आपातकालीन सेवाएं तथा डायलिसिस से जुड़ी चिकित्सा सुविधा भी इन केंद्रों में उपलब्ध कराई जाएगी।
24 इमरजेंसी सेंटर के लिए ₹600.35 करोड़ मंजूर
आंध्र प्रदेश में PM-ABHIM के तहत कुल 24 इमरजेंसी केयर सेंटर स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। इनके लिए कुल ₹600.35 करोड़ का आवंटन किया गया है।
इन सभी 24 केंद्रों के पूरी तरह तैयार होने के बाद राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में 1,275 अतिरिक्त बेड जुड़ जाएंगे। फिलहाल 10 केंद्रों का काम पूरा हो चुका है और शनिवार को इनका उद्घाटन किया जाएगा।
बाकी 14 इमरजेंसी केयर सेंटर को 30 अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इनके पूरा होने के बाद राज्य में गंभीर मरीजों के लिए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का नेटवर्क और व्यापक होगा।
12 इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरीज भी तैयार
इमरजेंसी केयर सेंटर के साथ 12 इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरीज भी शुरू की जाएंगी। इनका उद्देश्य बीमारी की निगरानी, शुरुआती पहचान और जांच से जुड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है।
प्रत्येक प्रयोगशाला की स्थापना पर ₹1.25 करोड़ की लागत आई है। इन प्रयोगशालाओं में बीमारी की पहचान, सैंपल कलेक्शन, टेस्टिंग और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े जरूरी हस्तक्षेपों में सहायता मिलेगी।
ये प्रयोगशालाएं सिथमपेटा, गुंतकल, पलामनेरु, अगनमपुडी, नंदीगामा, चिराला, अराकू, नरसारावपेट, बनगानपल्ले, अनपर्थी, तुनी और गुडूर में स्थापित की गई हैं।
इन सुविधाओं से स्थानीय स्तर पर जांच की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। इससे विभिन्न बीमारियों की समय पर पहचान और सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसियों की प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
14 अन्य पब्लिक हेल्थ लैब पहले से संचालित
स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने बताया कि राज्य में 14 अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है और वे फिलहाल काम कर रही हैं।
नई 12 प्रयोगशालाओं के जुड़ने से राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी और जांच तंत्र का विस्तार होगा। बीमारी की निगरानी और शुरुआती स्तर पर मामलों की पहचान सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
नई सुविधाओं का उपयोग बीमारी से संबंधित नमूनों की जांच और सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी कार्रवाई के लिए किया जाएगा।
PM-ABHIM के तहत खर्च में आठ गुना बढ़ोतरी
सत्य कुमार यादव के अनुसार, आंध्र प्रदेश में PM-ABHIM के तहत स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे पर होने वाले खर्च में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि 2019 से 2024 के बीच इस मिशन के तहत ₹28.85 करोड़ खर्च किए गए थे। इसके मुकाबले जून 2024 के बाद से खर्च बढ़कर ₹229.29 करोड़ हो गया है।
मंत्री ने इसे करीब आठ गुना वृद्धि बताया। उनके अनुसार, यह बढ़ा हुआ निवेश राज्य में आपातकालीन स्वास्थ्य तैयारियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर मिलेगी सुविधा
इन परियोजनाओं का सबसे महत्वपूर्ण पहलू आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को लोगों के करीब लाना है। हार्ट अटैक, स्ट्रोक, गंभीर सांस संबंधी समस्या, विषाक्तता और गंभीर संक्रमण जैसी स्थितियों में उपचार में देरी मरीज के लिए जोखिम बढ़ा सकती है।
ऐसे में नए इमरजेंसी केयर सेंटर स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर तत्काल चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। माताओं और बच्चों के लिए आपातकालीन सेवाओं तथा डायलिसिस की सुविधा भी इन केंद्रों के दायरे में रखी गई है।
500 नए इमरजेंसी बेड के जुड़ने से राज्य की तत्काल उपचार क्षमता में विस्तार होगा। भविष्य में बाकी 14 केंद्रों के पूरे होने के बाद यह क्षमता और बढ़ेगी।
सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी को भी मिलेगा समर्थन
इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरीज का फोकस केवल सामान्य जांच तक सीमित नहीं रहेगा। इनका उद्देश्य बीमारी की निगरानी और शुरुआती स्तर पर पहचान को मजबूत करना भी है।
स्थानीय स्तर पर सैंपल कलेक्शन और टेस्टिंग की सुविधा होने से स्वास्थ्य विभाग को विभिन्न बीमारियों से जुड़े मामलों की पहचान और निगरानी में मदद मिल सकती है। इसके आधार पर सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी हस्तक्षेपों को भी समर्थन मिलेगा।
12 नई प्रयोगशालाओं के अलावा पहले से संचालित 14 प्रयोगशालाएं राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य नेटवर्क को और मजबूत करेंगी।
स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर जोर
₹249.50 करोड़ की लागत से पूरी हुई 22 परियोजनाओं का उद्घाटन आंध्र प्रदेश में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसमें एक तरफ गंभीर मरीजों के लिए इमरजेंसी केयर सेंटर तैयार किए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ बीमारी की जांच और निगरानी के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं का विस्तार किया गया है।
राज्य सरकार के अनुसार, PM-ABHIM के तहत बढ़ा हुआ निवेश आपातकालीन तैयारियों और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद करेगा।
शनिवार को जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू द्वारा इन 22 परियोजनाओं का उद्घाटन किए जाने के साथ राज्य में 500 अतिरिक्त आपातकालीन बेड और 12 नई इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरीज स्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा बनेंगी। बाकी 14 इमरजेंसी केयर सेंटर अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।











