बिहार में बाढ़ का कहर: 14 जिलों के 2,360 गांवों में 44 लाख लोग प्रभावित, 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर

बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर है। 14 जिलों के 2,360 गांवों में करीब 44 लाख लोग प्रभावित हैं और आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। 27,954 लोग राहत शिविरों में

बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर है। 14 जिलों के 2,360 गांवों में करीब 44 लाख लोग प्रभावित हैं और आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। 27,954 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं, जबकि कुछ जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट है।

पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 14 जिलों के 2,360 गांवों में करीब 44 लाख की आबादी पानी से प्रभावित है। आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि 27,954 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।

14 जिलों में 44 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित

बिहार में लगातार बनी बाढ़ की स्थिति ने बड़ी आबादी के सामने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य के 14 जिलों के 2,360 गांवों में करीब 44 लाख लोग बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। कई इलाकों में सड़कें और रिहायशी क्षेत्र पानी में डूबे हुए हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां फिलहाल 27,954 लोग रह रहे हैं। दानापुर में स्थिति की गंभीरता उस समय सामने आई, जब बाढ़ प्रभावित लोग कंधे तक पानी में उतरकर राशन लेने पहुंचे।

राज्य के अलग-अलग हिस्सों से जलजमाव और बाढ़ से जुड़ी तस्वीरें सामने आ रही हैं। खगड़िया के विष्णुपुर गांव में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद शिव मंदिर में कमर तक पानी भर गया है।

आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर

बिहार में आठ नदियां फिलहाल खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण कई इलाकों में बाढ़ और कटाव की स्थिति बनी हुई है।

खगड़िया में बाढ़ प्रभावित बच्चों को तनावमुक्त और स्वस्थ रखने के लिए योग का अभ्यास कराया जा रहा है। बापू मध्य विद्यालय में बच्चों के साथ महिलाओं और बुजुर्गों को भी योगासन कराए जा रहे हैं।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और सहायता गतिविधियां जारी हैं। स्थानीय स्तर पर लोगों को भोजन और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

भोजपुर में पाखी हेगड़े ने बांटी राहत सामग्री

भोजपुरी अभिनेत्री पाखी हेगड़े बाढ़ और कटाव से प्रभावित भोजपुर जिले के पिपरपांती गांव पहुंचीं। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी परेशानियां सुनीं और राहत सामग्री वितरित की।

कटाव के कारण बेघर हुए लोगों की स्थिति देखकर पाखी हेगड़े भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इसी मिट्टी में अपना सब कुछ लगाया था, उनके घर जब उनकी आंखों के सामने नदी में समा जाते हैं तो उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं बचती।

उन्होंने लोगों से बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। पाखी ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में प्रभावित लोगों की मदद कोई एक व्यक्ति अकेले नहीं कर सकता, इसलिए सरकार और प्रशासन को भी आगे आना चाहिए।

बेगूसराय में जलजमाव के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन

बेगूसराय के छौड़ाही प्रखंड के ऐजनी वार्ड नंबर-1 में पिछले 15 दिनों से सड़क पर जलजमाव से परेशान ग्रामीणों ने अलग अंदाज में विरोध दर्ज कराया।

ग्रामीणों ने सड़क पर जमा गंदे पानी के बीच फीता काटकर और केक काटकर प्रतीकात्मक रूप से ‘स्विमिंग पूल’ का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शन के जरिए ग्रामीणों ने लंबे समय से बने जलजमाव की समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।

दक्षिण-पूर्व और सीमांचल के 9 जिलों में यलो अलर्ट

मौसम विभाग ने दक्षिण-पूर्व और सीमांचल क्षेत्र के नौ जिलों में हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का असर फिलहाल राज्य के सभी हिस्सों में समान रूप से रहने की संभावना नहीं है। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कई इलाकों में उमस और गर्मी बनी रहेगी।

बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी से सटे दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।

इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है। इसके अगले 24 घंटे में और मजबूत होने की संभावना है।

इस सिस्टम के प्रभाव से उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के ऊपर बना मौसम तंत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके कारण बिहार के कुछ हिस्सों में नमी पहुंचने की संभावना है, जिससे हल्की बारिश हो सकती है।

हालांकि, फिलहाल बिहार में व्यापक या भारी बारिश की स्थिति बनने के संकेत नहीं हैं।

पटना में उमस और गर्मी बरकरार रहने के आसार

राजधानी पटना में दिन के समय धूप और उमस भरी गर्मी रहने की संभावना है। शाम के समय आसमान में बादल छा सकते हैं और मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

आने वाले दो से तीन दिनों में राज्य के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। अगले पांच दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान भी सामान्य तौर पर स्थिर रह सकता है।

इसका मतलब है कि बारिश की कुछ गतिविधियों के बावजूद पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में लोगों को उमस से राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम है।

24 घंटे में औरंगाबाद में 123 MM बारिश

पिछले 24 घंटे के दौरान बिहार के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। औरंगाबाद में सबसे अधिक 123 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।

इसके अलावा जमुई में 76 मिलीमीटर, भागलपुर में 74 मिलीमीटर, रोहतास में 60 मिलीमीटर और मधेपुरा में 53 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

बारिश के बावजूद पूरे मानसून सीजन में बिहार में अब तक सामान्य से 34 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 11 सितंबर तक राज्य में 858.9 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, जबकि वास्तविक बारिश 564.6 मिलीमीटर दर्ज की गई।

1.17 लाख किसानों को फसल सहायता की राशि

बाढ़ और मौसम की परिस्थितियों के बीच राज्य सरकार की ओर से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को भी सहायता राशि दी गई है।

सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत खरीफ फसल को नुकसान पहुंचने वाले किसानों को सहायता राशि वितरित की। मंत्री के अनुसार, करीब 1 लाख 17 हजार 708 लाभुक किसानों को कुल 1 अरब 4 करोड़ 46 लाख 46 हजार 405 रुपये की सहायता दी गई है।

मंत्री ने बताया कि योजना का उद्देश्य फसल को नुकसान होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। यह योजना पूरी तरह राज्य सरकार के निधि से संचालित होती है और किसानों को इसका लाभ लेने के लिए किसी तरह का प्रीमियम नहीं देना पड़ता।

फसल नुकसान के आधार पर मिलती है सहायता

बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत उपज दर में 20 प्रतिशत तक की कमी होने पर किसानों को 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता दी गई है।

वहीं, उपज दर में 20 प्रतिशत से अधिक कमी होने की स्थिति में 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता दी गई है।

इस सहायता का उद्देश्य फसल नुकसान की वजह से किसानों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करना है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और मौसम दोनों पर नजर

बिहार में फिलहाल दोहरी चुनौती बनी हुई है। एक तरफ कई जिलों में बाढ़ और जलजमाव से बड़ी आबादी प्रभावित है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है।

आठ नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने और 44 लाख लोगों के प्रभावित होने के बीच प्रशासन के सामने राहत कार्यों को लगातार जारी रखने की चुनौती है। वहीं बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के आगे बढ़ने के साथ बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना पर भी नजर बनी हुई है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों, खाद्य सामग्री और स्थानीय सहायता के साथ-साथ जलस्तर तथा मौसम की स्थिति की निगरानी महत्वपूर्ण बनी हुई है।

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