वरिष्ठ पत्रकार जिजो जॉन पुथेजाथ की मौत के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें और उनके परिवार को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने का मामला सामने आया है। केरल सरकार ने शिकायतों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।
कोच्चि: वरिष्ठ मलयालम पत्रकार जिजो जॉन पुथेजाथ की मौत के बाद उनके और उनके परिवार को निशाना बनाकर कथित साइबर हमले किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटनाक्रम पर केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कथित तौर पर नफरत, अपमानजनक टिप्पणियां और झूठी बातें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुथेजाथ की बुधवार को कोच्चि के एक अस्पताल में संक्षिप्त बीमारी के बाद 54 वर्ष की उम्र में मृत्यु हुई थी।
वह मलयालम दैनिक मलयाला मनोरमा में विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत थे और खोजी पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे। उनकी मौत के बाद सोशल मीडिया पर उनके पुराने समाचारों और रिपोर्टों को लेकर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां सामने आईं, जिनमें पत्रकार और उनके परिवार को निशाना बनाए जाने का आरोप है। एर्नाकुलम प्रेस क्लब की जिला समिति ने मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए राज्य के गृह मंत्री, पुलिस महानिदेशक और कोच्चि शहर के पुलिस आयुक्त को शिकायत दी है।
पत्रकार की मौत के बाद सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां
जिजो जॉन पुथेजाथ की मृत्यु के कुछ ही समय बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके पुराने समाचारों को लेकर कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणियां पोस्ट की गईं। शिकायत के अनुसार, इन टिप्पणियों में दिवंगत पत्रकार और उनके परिवार को निशाना बनाया गया।
पुथेजाथ खोजी रिपोर्टों के लिए पहचाने जाते थे। उनके काम से जुड़े पुराने समाचारों को लेकर यदि राजनीतिक या अन्य किसी प्रकार की दुश्मनी के कारण उनकी मौत के बाद भी उन्हें निशाना बनाया गया है, तो यह मामला और गंभीर हो जाता है।
एर्नाकुलम प्रेस क्लब ने सोशल मीडिया पर सक्रिय कथित खातों और उनके पीछे मौजूद लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। प्रेस क्लब की शिकायत के बाद मामले को लेकर सरकार और पुलिस स्तर पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
वी.डी. सतीशन ने साइबर हमले को बताया बेहद पीड़ादायक
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने फेसबुक पोस्ट के जरिए पुथेजाथ और उनके परिवार को कथित रूप से निशाना बनाए जाने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे बेहद पीड़ादायक बताया।
सतीशन ने कहा कि किसी दिवंगत पत्रकार या किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ सोशल मीडिया पर संगठित तरीके से नफरत और झूठ फैलाने की कोशिश केरल की उच्च सामाजिक संस्कृति पर धब्बा है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वालों से मानवता और मानवीय मूल्यों के प्रति उनकी जिम्मेदारी पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि चाहे सोशल मीडिया अकाउंट पहचान के साथ संचालित किए जा रहे हों या बिना पहचान के, लोगों को यह सोचना चाहिए कि वे किस प्रकार के सामाजिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
राजनीतिक दुश्मनी होने पर मामला और गंभीर: सतीशन
सतीशन ने कहा कि यदि पुथेजाथ की पुरानी खोजी रिपोर्टों के कारण राजनीतिक दुश्मनी से प्रेरित होकर ये आपत्तिजनक पोस्ट किए गए हैं, तो मामला विशेष रूप से गंभीर है।
उन्होंने कहा कि किसी पत्रकार को अपने पेशेवर दायित्व निभाने के लिए अपमानित करना और उसकी मौत के बाद भी कथित राजनीतिक दुश्मनी के कारण उसे निशाना बनाना लोकतांत्रिक समाज के अनुरूप नहीं है।
पत्रकारिता में खोजी रिपोर्टिंग कई बार राजनीतिक और सार्वजनिक हित से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को सामने लाती है। ऐसे में रिपोर्टों से असहमति या राजनीतिक विवाद को पत्रकार अथवा उसके परिवार के खिलाफ ऑनलाइन उत्पीड़न में बदलना गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।
शिकायतों को सरकार गंभीरता से लेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि एर्नाकुलम प्रेस क्लब और पुथेजाथ के मित्रों की ओर से की गई शिकायतों को देखते हुए सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से लेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कथित साइबर हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ बिना किसी समझौते के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के निंदनीय और क्रूर साइबर हमलों को किसी भी व्यक्ति के खिलाफ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकार के इस रुख से संकेत मिलता है कि सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वाले खातों की पहचान और उनकी गतिविधियों की जांच की जा सकती है।
गृह मंत्री ने भी अधिकारियों को दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
गृह मंत्री रमेश चन्निथला ने भी पुथेजाथ और उनके परिवार को निशाना बनाकर कथित साइबर हमले करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
चन्निथला ने एक बयान में कहा कि पत्रकार और उनके परिवार के खिलाफ सोशल मीडिया पर मानहानिकारक तथा अपमानजनक पोस्ट प्रसारित करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तौर पर ऐसा प्रतीत होता है कि साइबर दुर्व्यवहार का संबंध पुथेजाथ की ओर से अतीत में प्रकाशित समाचार रिपोर्टों को लेकर कथित राजनीतिक दुश्मनी से हो सकता है। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
पुथेजाथ मलयाला मनोरमा में विशेष संवाददाता थे
जिजो जॉन पुथेजाथ मलयालम दैनिक मलयाला मनोरमा में विशेष संवाददाता के तौर पर काम कर रहे थे। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें खोजी रिपोर्टों के लिए जाना जाता था।
उनकी अचानक हुई मौत के बाद सोशल मीडिया पर सामने आई कथित टिप्पणियों ने पत्रकार समुदाय के बीच भी चिंता पैदा की है। पत्रकार संगठनों और उनके सहयोगियों की ओर से यह सवाल उठाया जा रहा है कि किसी पत्रकार की रिपोर्ट से असहमति होने पर क्या सोशल मीडिया पर उसे या उसके परिवार को निशाना बनाना स्वीकार्य हो सकता है।
मामले में शिकायत के बाद अब पुलिस और संबंधित अधिकारी कथित सोशल मीडिया पोस्ट तथा उन्हें प्रसारित करने वाले खातों की जांच कर सकते हैं।
साइबर उत्पीड़न पर बढ़ी चिंता
सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ पत्रकारों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के खिलाफ ऑनलाइन दुर्व्यवहार के मामले भी गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके परिवार को निशाना बनाने वाली कथित सामग्री इस चिंता को और गंभीर बनाती है।
पुथेजाथ के मामले में भी सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर कथित नफरत, मानहानि या उत्पीड़न को स्वीकार नहीं किया जाएगा। हालांकि, सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई किसी सामग्री की कानूनी प्रकृति और उसमें शामिल लोगों की जिम्मेदारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
जांच और कानूनी कार्रवाई पर रहेगी नजर
फिलहाल मामला शिकायतों और सरकार की प्रतिक्रिया के बाद जांच के चरण में है। पुलिस के सामने कथित आपत्तिजनक पोस्ट, संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट और उनके संचालकों की पहचान की जांच महत्वपूर्ण होगी।
सरकार ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जबकि प्रेस क्लब ने भी तत्काल कदम उठाने की मांग की है। आगे की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री किसने पोस्ट की, उसके पीछे क्या उद्देश्य था और क्या इसका संबंध पुथेजाथ की पुरानी खोजी रिपोर्टों से था।
वरिष्ठ पत्रकार की मौत के बाद सामने आया यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, पत्रकारों की सुरक्षा और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जिम्मेदार व्यवहार से जुड़े व्यापक सवाल भी उठाता है। फिलहाल सरकार और पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।










