BRICS Summit 2026: 7 साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग, PM मोदी से मुलाकात पर दुनिया की नजर

BRICS Summit 2026 में शी जिनपिंग 7 साल बाद भारत पहुंचेंगे। नई दिल्ली में PM मोदी और चीनी राष्ट्रपति की मुलाकात पर भारत-चीन संबंधों और दुनिया की नजर रहेगी

दिल्ली में आज यानी 12 सितंबर से 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो रही है। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजरें भारत पर टिकी हैं। भारत मंडपम में BRICS सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष एक मंच पर नजर आएंगे।

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में शनिवार से 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो रही है। दो दिवसीय इस सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेता एक मंच पर जुटेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी के कारण इस सम्मेलन का वैश्विक महत्व और बढ़ गया है। सबसे ज्यादा चर्चा प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक को लेकर है।

शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत की धरती पर कदम रखेंगे। दोनों नेताओं की बैठक ऐसे समय हो रही है, जब पिछले कुछ वर्षों में भारत और चीन के संबंधों में सीमा विवाद और रणनीतिक मतभेदों के कारण तनाव रहा है। ऐसे में BRICS Summit के दौरान होने वाली यह बातचीत दोनों देशों के रिश्तों की आगे की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मोदी-जिनपिंग बैठक पर वैश्विक नजर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय बैठकों के दौरान कई बार आमने-सामने आ चुके हैं। हालांकि, भारत में दोनों नेताओं की मुलाकात लंबे अंतराल के बाद हो रही है। 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत-चीन संबंधों पर गहरा असर पड़ा था। सीमा पर सैन्य तनाव के साथ-साथ दोनों देशों के बीच आर्थिक और कारोबारी संबंधों को लेकर भी कई चुनौतियां सामने आईं।

ऐसे में आगामी बैठक को तनाव कम करने और आपसी विश्वास बहाल करने की दिशा में एक अहम अवसर के तौर पर देखा जा रहा है। चीन ने भी दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई है। बीजिंग का कहना है कि भारत और चीन को अपने मतभेदों को उचित तरीके से संभालते हुए दीर्घकालिक सहयोग पर ध्यान देना चाहिए।

सीमा से व्यापार तक कई मुद्दों पर होगी चर्चा

मोदी-जिनपिंग बातचीत में सीमा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के अलावा आर्थिक संबंधों पर भी विशेष ध्यान रहने की संभावना है। दोनों पक्ष सैन्य और राजनयिक संवाद को मजबूत करने के साथ सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर चर्चा कर सकते हैं। व्यापार के मोर्चे पर भारत की प्रमुख चिंता चीन के साथ बढ़ता व्यापार घाटा है। दोनों देशों के बीच व्यापार का आकार करीब 151 अरब डॉलर बताया जाता है। 

इसमें भारत का चीन से आयात लगभग 131 अरब डॉलर है, जबकि भारत का निर्यात करीब 20 अरब डॉलर के आसपास है। भारत चाहता है कि उसके उत्पादों को चीनी बाजार में अधिक पहुंच मिले और व्यापार में असंतुलन कम हो। इसके अलावा भारतीय कंपनियों के लिए चीन के बाजार में अवसर बढ़ाने, मशीनरी और तकनीकी उत्पादों की आपूर्ति आसान बनाने, निवेश से जुड़े नियमों, वीजा व्यवस्था तथा दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क को बेहतर करने जैसे विषय भी बातचीत का हिस्सा बन सकते हैं।

BRICS में व्यापार और आर्थिक सहयोग पर जोर

BRICS Business Forum की बैठकों में भी बाजारों को एक-दूसरे के लिए खोलने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है। भारत चाहता है कि BRICS सदस्य देश अपने उत्पादों, कच्चे माल और महत्वपूर्ण खनिजों के लिए बेहतर बाजार पहुंच उपलब्ध कराएं। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने BRICS देशों के बीच व्यापार को अधिक संतुलित और मजबूत बनाने की जरूरत पर जोर दिया है। भारत का लक्ष्य अपने उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के लिए विश्वसनीय साझेदारियां विकसित करना है।

चीन के लिए भी BRICS आर्थिक सहयोग और वैश्विक व्यापार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का महत्वपूर्ण मंच है। अमेरिका की टैरिफ और व्यापार नीतियों के बीच चीन BRICS के जरिए बहुपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। भारत और चीन के कुछ आर्थिक हित इस मुद्दे पर समान भी हैं।

पुतिन और पेजेश्कियान से भी मिले PM मोदी

BRICS Summit से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। मोदी और पुतिन की बैठक करीब 45 मिनट चली, जबकि ईरानी राष्ट्रपति के साथ बातचीत लगभग 40 मिनट तक हुई। दोनों बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई।

BRICS नेताओं का बंद कमरे में पहला प्रमुख सत्र दोपहर में होगा, जिसकी थीम समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना है। इसके बाद नेता 'Bharat Innovates Exhibition' का दौरा करेंगे। शाम को आधिकारिक फैमिली फोटो और संयुक्त पौधारोपण कार्यक्रम होगा। दिन का समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में आयोजित BRICS नेताओं के डिनर के साथ होगा।

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