TMC ने नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किए, जानें किसे मिला टिकट

TMC ने नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटो पर होने वाले उपचुनाव के लिए उम्मीदवारो की घोषणा। नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे) और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को टिकट

TMC ने पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे) और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को टिकट दिया गया है।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की दो हाई-प्रोफाइल विधानसभा सीटों नंदीग्राम और रेजीनगर में होने वाले आगामी उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने रविवार को दोनों सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक ऐलान कर दिया। पार्टी ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे) और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। TMC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। पार्टी ने बताया कि यह फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता बनर्जी के मार्गदर्शन और प्रेरणा के तहत लिया गया है। पार्टी ने दोनों उम्मीदवारों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे मजबूती और दृढ़ संकल्प के साथ जनता की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाएंगे।

नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे) को टिकट

TMC ने नंदीग्राम विधानसभा सीट से संचिता प्रधान (डे) को अपना उम्मीदवार बनाया है। नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है। इस सीट का राजनीतिक महत्व लंबे समय से बना हुआ है और आगामी उपचुनाव में भी यहां मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है।

पार्टी ने उम्मीदवार की घोषणा करते हुए कहा कि संचिता प्रधान (डे) जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं को मजबूती से आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगी।

नंदीग्राम सीट पर TMC के उम्मीदवार के सामने कांग्रेस और वामदलों के उम्मीदवार भी मैदान में हैं। ऐसे में चुनावी मुकाबले में कई राजनीतिक दलों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है।

रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी उम्मीदवार

रेजीनगर विधानसभा सीट से TMC ने रबीउल आलम चौधरी को टिकट दिया है। पार्टी ने दोनों उम्मीदवारों की घोषणा एक साथ की।

रेजीनगर में भी चुनावी मुकाबला बहुकोणीय होने की संभावना है। कांग्रेस और माकपा पहले ही इस सीट के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुके हैं। TMC के उम्मीदवार के नाम के ऐलान के बाद अब चुनावी तस्वीर और स्पष्ट हो गई है।

कांग्रेस ने भी घोषित किए उम्मीदवार

TMC से पहले कांग्रेस ने दोनों विधानसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। कांग्रेस ने रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफ़ी को उम्मीदवार बनाया है।

वहीं नंदीग्राम सीट से कांग्रेस ने मिलन प्रधान को चुनाव मैदान में उतारा है। इस तरह दोनों सीटों पर कांग्रेस भी मुकाबले की तैयारी में है।

कांग्रेस उम्मीदवारों की मौजूदगी से दोनों सीटों पर विपक्षी वोटों और राजनीतिक समीकरणों को लेकर मुकाबला महत्वपूर्ण हो गया है।

वामदलों की भी मौजूदगी

नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में वामदलों ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने रेजीनगर से एडवोकेट सईद असद अली को प्रत्याशी बनाया है।

वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने नंदीग्राम से शांति गोपाल गिरि को उम्मीदवार घोषित किया है। इस तरह दोनों सीटों पर TMC, कांग्रेस और वाम दलों के उम्मीदवार चुनावी मैदान में मौजूद हैं।

उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद अब राजनीतिक दलों की ओर से प्रचार अभियान और चुनावी रणनीति को लेकर गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

नंदीग्राम सीट क्यों हुई खाली?

नंदीग्राम विधानसभा सीट खाली होने की वजह सुवेंदु अधिकारी से जुड़ी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़कर भवानीपुर सीट को अपने पास बनाए रखने का फैसला किया।

सुवेंदु अधिकारी ने इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में भवानीपुर सीट पर TMC प्रमुख ममता बनर्जी को हराया था। इसके बाद नंदीग्राम सीट खाली हुई और यहां उपचुनाव कराने की स्थिति बनी।

नंदीग्राम पहले से ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण सीट रही है। ऐसे में इस सीट पर होने वाला उपचुनाव राज्य की राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से खास माना जा रहा है।

रेजीनगर सीट क्यों खाली हुई?

रेजीनगर विधानसभा सीट आम जनता विकास पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, हुमायूं कबीर ने रेजीनगर के अलावा नौदा सीट से भी जीत दर्ज की थी।

दो सीटों से जीत हासिल करने के बाद रेजीनगर सीट खाली हुई और अब वहां उपचुनाव कराया जा रहा है। इस सीट पर भी TMC, कांग्रेस और माकपा ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं।

6 अक्टूबर को होगा मतदान

चुनाव आयोग की ओर से घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा।

दोनों सीटों के चुनाव परिणाम 9 अक्टूबर 2026 को घोषित किए जाएंगे। चुनाव कार्यक्रम सामने आने के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

उम्मीदवारों के नाम घोषित होने के बाद अब प्रचार अभियान में तेजी आने की संभावना है। स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राज्य की व्यापक राजनीतिक परिस्थितियां भी चुनावी बहस का हिस्सा बन सकती हैं।

16 सितंबर तक नामांकन

दोनों विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।

इसके बाद उम्मीदवार 19 सितंबर 2026 तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची स्पष्ट हो जाएगी।

हाई-प्रोफाइल मुकाबले पर नजर

नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में अहम सीटें हैं। नंदीग्राम का नाम राज्य की सत्ता की राजनीति से लंबे समय से जुड़ा रहा है, जबकि रेजीनगर में भी विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला महत्वपूर्ण रहने की उम्मीद है।

TMC के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब दोनों सीटों पर चुनावी मैदान लगभग स्पष्ट होता जा रहा है। कांग्रेस और वामदलों के प्रत्याशियों के साथ मुकाबले में TMC किस तरह अपनी रणनीति बनाती है, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।

आने वाले दिनों में नामांकन प्रक्रिया, उम्मीदवारों के प्रचार और स्थानीय मुद्दों के आधार पर चुनावी माहौल और गर्म होने की संभावना है। हालांकि, अंतिम चुनावी तस्वीर नामांकन वापसी की समयसीमा खत्म होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।

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