उदयनिधि स्टालिन ने विजय को बताया ‘डमी और असभ्य मुख्यमंत्री’, सरकार पर लगाए कई आरोप

उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु सीएम विजय को ‘डमी और असभ्य मुख्यमंत्री’ बताया। उन्होंने बिजली कटौती, महंगाई और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा।

तमिलनाडु के विपक्षी नेता उदयनिधि स्टालिन ने सी. जोसेफ विजय को “डमी और असभ्य मुख्यमंत्री” बताते हुए सरकार पर बिजली कटौती, महंगाई और कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साधा। उन्होंने 6 अक्टूबर को होने वाले मदुरंथकम और धारापुरम उपचुनावों में निर्णायक जीत की अपील की।

चेन्नई: तमिलनाडु में राजनीतिक बयानबाजी के बीच विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने रविवार को सी. जोसेफ विजय पर तीखा हमला बोला। डीएमके नेता ने विजय को “डमी और असभ्य मुख्यमंत्री” करार देते हुए सत्तारूढ़ व्यवस्था पर शासन में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने राज्य में बिजली कटौती, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों और बिगड़ती कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दे उठाए। उदयनिधि स्टालिन यहां डीएमके यूथ विंग के एक पदाधिकारी के विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि सत्ता में आने के शुरुआती चार महीनों में मौजूदा सरकार अपने चुनावी वादों में से किसी को पूरा करने में विफल रही है।

‘तमिलनाडु के इतिहास में ऐसा मुख्यमंत्री नहीं देखा’

उदयनिधि स्टालिन ने अपने संबोधन में मौजूदा मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि तमिलनाडु के इतिहास में राज्य ने ऐसा “असभ्य और डमी मुख्यमंत्री” पहले कभी नहीं देखा।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दूसरे दलों के विधायकों को अपने साथ जोड़कर सत्ता में आई है। हालांकि, ये उदयनिधि स्टालिन द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।

डीएमके नेता ने मौजूदा प्रशासन पर यह आरोप भी लगाया कि वह नई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू करने के बजाय पिछली डीएमके सरकार की योजनाओं का नाम और प्रचार बदलकर उन्हें अपनी उपलब्धियों के तौर पर पेश कर रहा है।

उनके मुताबिक, वर्तमान सरकार की ओर से पूर्ववर्ती डीएमके शासन में शुरू की गई योजनाओं पर केवल नए नाम या ‘स्टिकर’ लगाने का काम किया जा रहा है।

बिजली कटौती और महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना

उदयनिधि ने तमिलनाडु के लोगों के सामने कथित तौर पर मौजूद रोजमर्रा की समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में लोग लगातार बिजली कटौती से परेशान हैं।

उन्होंने आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया। उदयनिधि के अनुसार, चावल और दाल जैसी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

इसके अलावा उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था बिगड़ रही है और सरकार इन समस्याओं का प्रभावी समाधान नहीं कर पा रही है।

उदयनिधि ने दावा किया कि जब मुख्यमंत्री से इन मुद्दों पर सवाल किए जाते हैं, तो वह उनका जवाब देने के बजाय डीएमके और उसके नेतृत्व के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक बयानबाजी करते हैं।

उपचुनावों में सत्तारूढ़ व्यवस्था को हराने की अपील

आगामी विधानसभा उपचुनावों का जिक्र करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने डीएमके कार्यकर्ताओं से दोनों सीटों पर निर्णायक जीत हासिल करने के लिए काम करने का आह्वान किया।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि इन उपचुनावों को सत्तारूढ़ व्यवस्था को बड़ा राजनीतिक झटका देने के अवसर के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

उदयनिधि ने कहा कि इन उपचुनावों में जीत मौजूदा शासन के पतन की शुरुआत होनी चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपने राजनीतिक अभियान को मजबूत करने और मतदाताओं के बीच सरकार के खिलाफ मुद्दों को उठाने की अपील की।

उनके संबोधन में विशेष रूप से मौजूदा सरकार की कथित प्रशासनिक विफलताओं को चुनावी मुद्दा बनाने पर जोर दिया गया।

6 अक्टूबर को मतदान

भारत निर्वाचन आयोग ने दोनों विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को मतदान निर्धारित किया है।

जिन दो सीटों पर उपचुनाव होना है, उनमें मदुरंथकम और धारापुरम शामिल हैं। ये दोनों सीटें एआईएडीएमके के विधायकों के इस्तीफा देने और टीवीके में शामिल होने के बाद खाली हुई हैं।

इन उपचुनावों को तमिलनाडु की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डीएमके और सत्तारूढ़ पक्ष के बीच राजनीतिक मुकाबले के बीच दोनों सीटों के नतीजे आने वाले समय में राज्य की राजनीति को लेकर संकेत दे सकते हैं।

उदयनिधि ने पार्टी कार्यकर्ताओं से इन चुनावों को गंभीरता से लेने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का आग्रह किया।

डीएमके के 77वें वर्ष का भी किया उल्लेख

उदयनिधि स्टालिन ने इस दौरान डीएमके के राजनीतिक इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने 77वें वर्ष में प्रवेश कर रही है और इसके तहत मुप्पेरुम विझा समारोह आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने पार्टी के लंबे राजनीतिक सफर और संगठन की भूमिका पर बात करते हुए कहा कि डीएमके जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रही है।

हालांकि उन्होंने पिछली विधानसभा चुनावों में पार्टी को मिली राजनीतिक चुनौती को स्वीकार किया, लेकिन यह भी कहा कि डीएमके एक प्रभावी विपक्ष के रूप में काम कर रही है।

‘जनता के साथ मजबूती से खड़ी है डीएमके’

उदयनिधि ने कहा कि पिछली विधानसभा चुनाव में मिली हार के बावजूद डीएमके ने विपक्ष के रूप में अपनी भूमिका को कमजोर नहीं होने दिया है। उनके मुताबिक, पार्टी लगातार जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने और लोगों के साथ खड़े रहने का काम कर रही है।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उनके भाषण में सरकार की नीतियों और प्रशासनिक प्रदर्शन को लेकर जनता के बीच राजनीतिक संदेश पहुंचाने पर जोर रहा।

उदयनिधि ने मौजूदा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए, जिनमें बिजली संकट, महंगाई, कानून-व्यवस्था और चुनावी वादों को पूरा न करने के दावे शामिल हैं। इन आरोपों पर सत्तारूढ़ पक्ष की प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।

कार्यक्रम में डीएमके के कई नेता रहे मौजूद

विवाह समारोह में डीएमके चेन्नई साउथ जिला सचिव और पूर्व मंत्री मा. सुब्रमणियन समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान उदयनिधि ने पार्टी संगठन, आगामी उपचुनाव और राज्य की राजनीतिक स्थिति पर अपने विचार रखे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाने और पार्टी के जनाधार को मजबूत करने की अपील की।

तमिलनाडु में होने वाले मदुरंथकम और धारापुरम विधानसभा उपचुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब राजनीतिक दल आगामी चुनावी मुकाबलों के लिए अपनी रणनीतियां मजबूत कर रहे हैं। 6 अक्टूबर का मतदान इन दोनों सीटों पर राजनीतिक समीकरणों और दलों के संगठनात्मक प्रभाव की परीक्षा भी होगा।

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