आगरा में विराजे 25 फीट ऊंचे और 6.7 टन वजनी गणपति, 11 दिन चलेगा भव्य गणेशोत्सव

आगरा के कमला नगर में 25 फीट ऊंची और 6.7 टन वजनी गणेश प्रतिमा स्थापित हुई। 19वां गणेश महोत्सव 11 दिनों तक चलेगा, रोज तीन बार आरती होगी।

आगरा के कमला नगर में 19वें गणेश महोत्सव के तहत 25 फीट ऊंची और करीब 6.7 टन वजनी गणेश प्रतिमा स्थापित की गई। शुभ मुहूर्त में पूजन के साथ शुरू हुआ उत्सव 11 दिनों तक चलेगा।

आगरा: गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के साथ सोमवार को आगरा में गणेशोत्सव की शुरुआत हुई। कमला नगर-बल्केश्वर के गणेश चौक स्थित पंडाल में 25 फीट ऊंची और करीब 6.7 टन वजनी गणपति प्रतिमा स्थापित की गई है। पोला भाई ग्रुप की ओर से आयोजित 19वें गणेश महोत्सव में 11 दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम होंगे और प्रतिदिन तीन बार आरती की जाएगी।

शुभ मुहूर्त में घरों और पंडालों में विराजे गणपति

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर सोमवार को आगरा में घरों, प्रतिष्ठानों और पंडालों में भगवान गणेश की विधि-विधान से स्थापना की गई। गणेश प्रतिमा की स्थापना के लिए सुबह 10 बजकर 59 मिनट से दोपहर 1 बजकर 27 मिनट तक का समय शुभ बताया गया।

ज्योतिषाचार्य पंडित चंद्रेश कौशिक के अनुसार भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल में माना जाता है। इसी वजह से इस अवधि में गणेश स्थापना और पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। चतुर्थी तिथि सोमवार सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर मंगलवार सुबह 7 बजकर 44 मिनट तक रहेगी।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर में भगवान गणेश की बैठी मुद्रा वाली प्रतिमा स्थापित करना शुभ माना जाता है, जबकि दुकान या कार्यालय में खड़ी मुद्रा की मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा है। घर में बाईं ओर मुड़ी सूंड वाले गणपति को स्थापित करने की भी मान्यता है। प्रतिमा की स्थापना पूर्व-उत्तर दिशा में करने और उसका मुख सीधे मुख्य द्वार की ओर न रखने की सलाह दी जाती है।

कमला नगर में 25 फीट के गणपति आकर्षण का केंद्र

कमला नगर-बल्केश्वर स्थित गणेश चौक के पंडाल में पोला भाई ग्रुप की ओर से 19वें गणेश महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यहां 25 फीट ऊंची और करीब 6.7 टन वजनी भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है।

आयोजक पोला भाई ने बताया कि इस विशाल प्रतिमा को कोलकाता और नासिक के कारीगरों ने करीब दो महीने की मेहनत से तैयार किया है। प्रतिमा की ऊंचाई और विशाल आकार के कारण यह इस बार आगरा में चर्चा का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।

समिति के उपाध्यक्ष और मीडिया प्रभारी राजा शर्मा के अनुसार गणेश महोत्सव 11 दिनों तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन तीन बार भगवान गणेश की आरती की जाएगी। आयोजन में पार्षद प्रदीप अग्रवाल, मुरारी लाल गोयल, पंकज अग्रवाल, पारुल अग्रवाल, कंचन पवन बंसल, पूजा गिर्राज बंसल और हरिओम बाबा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

दुर्वा और मोदक से होगा गणेश पूजन

गणेश पूजा के दौरान पुष्प, धूप, दीप, कपूर, रोली, मौली, चंदन और मोदक अर्पित किए जाएंगे। भगवान गणेश को दुर्वा चढ़ाने की परंपरा है, जबकि तुलसी दल अर्पित नहीं किया जाता।

धार्मिक विधान के अनुसार गणेश जी को 21 मोदक का भोग लगाने और 'ॐ श्री गं गणपतये नम:' मंत्र का 108 बार जाप करने का महत्व बताया गया है। गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धालु इसी विधि से पूजा-अर्चना कर भगवान गणेश से सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।

गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन से बचने की मान्यता

गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन को धार्मिक रूप से वर्जित माना जाता है। ज्योतिषाचार्य यशोवर्धन पाठक के अनुसार सोमवार को सुबह 8 बजकर 55 मिनट से रात 8 बजकर 8 मिनट तक चंद्र दर्शन से बचने की मान्यता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में चंद्रमा के दर्शन करने से मिथ्या कलंक का दोष लग सकता है। इसी वजह से श्रद्धालुओं को इस अवधि में चंद्र दर्शन से बचने की सलाह दी जाती है।

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