India China Relations: LAC पर चीन ने घटाई PLA की तैनाती, 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड की मौजूदगी

India China Relations: रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में LAC पर चीन की PLA तैनाती में कमी आई। करीब 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड LAC और पारंपरिक

रक्षा मंत्रालय ने अपने एक बयान में बताया कि चीन ने वर्ष 2025 के दौरान लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर अपनी पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की तैनाती में काफी कमी की है। मंत्रालय के अनुसार, इस साल भारत की उत्तरी सीमाओं के सामने चीनी सेना की मौजूदगी में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है।

India China Relations: भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा तनाव के बीच दोनों देशों के रिश्तों में धीरे-धीरे स्थिरता के संकेत दिखाई दे रहे हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2025 के दौरान चीन ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के पास पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की तैनाती में उल्लेखनीय कमी की है। हालांकि, संवेदनशील उत्तरी सीमा पर भारतीय सेना की तैनाती को मजबूत और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।

रक्षा मंत्रालय के आकलन के मुताबिक, LAC से जुड़े क्षेत्रों और पारंपरिक सैन्य प्रशिक्षण इलाकों में चीन की ओर से कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड के आकार की करीब 10 टुकड़ियां तैनात रहीं। सैनिकों की संख्या में कमी को सीमा पर तनाव कम होने और भारत-चीन के बीच दोबारा बढ़े राजनीतिक, कूटनीतिक तथा सैन्य संवाद के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

LAC पर भारतीय सेना की तैनाती मजबूत

रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि चीन की तैनाती में कमी के बावजूद भारत ने उत्तरी सीमाओं पर अपनी सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की ढील नहीं दी है। LAC के सभी सेक्टरों में भारतीय सेना की मौजूदगी मजबूत और परिचालन रूप से तैयार रखी गई है। इसका उद्देश्य किसी भी अप्रत्याशित घटनाक्रम की स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देना है। सीमा पर सैनिकों की स्थिति, निगरानी और बुनियादी ढांचे को लेकर भारत लगातार सतर्कता बरत रहा है।

भारत-चीन के बीच फिर बढ़ा संवाद

LAC पर सैन्य तैनाती में कमी ऐसे समय में सामने आई है जब भारत और चीन ने सीमा विवाद से जुड़े संवाद के कई पुराने माध्यमों को दोबारा सक्रिय किया है। वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) की 33वीं और 34वीं बैठक मार्च और जुलाई 2025 में हुई थी। इसके अलावा सीमा विवाद के समाधान को लेकर दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच भी बातचीत दोबारा शुरू हुई। 

दिसंबर 2024 और अगस्त 2025 में इस स्तर पर वार्ता के दौर आयोजित किए गए। इन बैठकों का उद्देश्य सीमा से जुड़े लंबित मुद्दों पर चर्चा करना और दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखना है।

सैन्य स्तर पर भी जारी रही बातचीत

भारत और चीन के बीच सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत भी जारी रही। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अक्टूबर 2025 में पूर्वी लद्दाख में 23वीं कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई। इसके अलावा सीमा पर तैनात अधिकारियों के बीच बॉर्डर पर्सनल मीटिंग्स भी आयोजित होती रही हैं। मंत्रालय के मुताबिक, इन बैठकों का माहौल सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक रहा। इस तरह की नियमित बातचीत का उद्देश्य सीमा पर किसी भी गलतफहमी को बढ़ने से रोकना और स्थानीय स्तर पर तनाव को नियंत्रित रखना है।

PM मोदी की चीन यात्रा से मिला नया संदेश

भारत-चीन संबंधों में सुधार की कोशिशों को अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा से भी गति मिली। प्रधानमंत्री मोदी तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीन पहुंचे थे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्क की बहाली के लिहाज से महत्वपूर्ण रही। सीमा विवाद के कारण कई वर्षों तक दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बना रहा था, लेकिन इसके बाद शीर्ष स्तर पर बातचीत बढ़ती दिखाई दी।

BRICS Summit में मोदी-शी जिनपिंग की मुलाकात

नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच भी लंबी द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने और सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा की। शी जिनपिंग ने कहा कि चीन भारत के साथ अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखता है। उन्होंने दोनों देशों के बीच साझा विकास के लिए सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने भारत और चीन को दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले देशों तथा ग्लोबल साउथ के महत्वपूर्ण सदस्यों के रूप में रेखांकित करते हुए कहा कि बदलते वैश्विक माहौल में दोनों देशों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।

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