उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में जल्द ही एआई को लागू किया जाएगा।
UP AI Policy: उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल को शिक्षा और प्रशासन से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में जल्द ही AI को लागू किया जाएगा। इसके लिए दो अलग-अलग समितियों का गठन किया गया है, जो नीति तैयार करने से लेकर उसके क्रियान्वयन तक की प्रक्रिया पर काम करेंगी।
राज्यपाल के मुताबिक, AI का इस्तेमाल केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहिए। विज्ञान, साहित्य, भाषाओं और दूसरे विषयों में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग की संभावनाओं पर काम किया जाना चाहिए। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने AI के सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल को जरूरी बताया है।
AI Policy के लिए बनाई गईं दो समितियां
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में AI Policy को लागू करने के लिए दो समितियां बनाई गई हैं। इनमें पहली AI Policy Advisory Committee है, जो नीति से जुड़े सुझाव और दिशा तय करने का काम करेगी। दूसरी AI Policy Implementation Committee है, जो तैयार नीति को विश्वविद्यालयों में लागू कराने की प्रक्रिया पर काम करेगी।
इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में AI के इस्तेमाल को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से बढ़ावा देना है। इसके जरिए शिक्षा, शोध, प्रशासन और छात्रों के कौशल विकास में नई तकनीक का उपयोग बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
‘AI से डरने की जरूरत नहीं’

आनंदीबेन पटेल ने कानपुर स्थित CSJMU के AI मंथन कार्यक्रम में AI की उपयोगिता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से डरने के बजाय इसे समझने और सही दिशा में इस्तेमाल करने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने छात्रों से AI के केवल उपभोक्ता बनने के बजाय इसके विकास में योगदान देने की अपील की।
उनका जोर इस बात पर रहा कि विद्यार्थी तकनीक का इस्तेमाल वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए करें और ऐसे AI मॉडल विकसित करें जिनका सीधा फायदा समाज को मिल सके।
7 लाख से अधिक छात्रों ने पूरा किया AI कोर्स
राज्यपाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में सात लाख से अधिक छात्रों ने AI से संबंधित पाठ्यक्रम पूरा किया है। उन्होंने कहा कि AI की शिक्षा को केवल किताबों या सैद्धांतिक अध्ययन तक सीमित रखने के बजाय छात्रों को इसके व्यावहारिक इस्तेमाल का अवसर दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि विश्वविद्यालयों को अलग-अलग विषयों को AI से जोड़ने पर काम करना चाहिए। विज्ञान और तकनीक के साथ-साथ साहित्य तथा भाषा जैसे क्षेत्रों में भी AI के उपयोग की संभावनाएं तलाशने की जरूरत है।
किसानों और मरीजों के लिए उपयोगी AI मॉडल बनाने की अपील
राज्यपाल ने छात्रों से ऐसे AI मॉडल विकसित करने की अपील की जो आम लोगों की समस्याओं का समाधान करने में मदद कर सकें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि AI आधारित तकनीक का इस्तेमाल किसानों को सिंचाई से संबंधित जानकारी देने या मरीजों को मेडिकल रिपोर्ट समझने में सहायता करने के लिए किया जा सकता है।
उन्होंने दिव्यांगजनों और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी उपयोगी AI समाधान विकसित करने पर जोर दिया। इससे AI का इस्तेमाल केवल डिजिटल सुविधा के बजाय सामाजिक विकास के साधन के रूप में किया जा सकेगा।











